Maharashtra Day 2026: महाराष्ट्र दिवस हर साल 1 मई को मनाया जाता है और 2026 में ये शुक्रवार के दिन पड़ेगा. ये दिन राज्य के गठन की याद दिलाता है, जब साल 1960 में महाराष्ट्र एक अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया. ये अवसर सिर्फ एक सरकारी छुट्टी नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति से जुड़ा बड़ा दिन है.
महाराष्ट्र दिवस की शुरुआत Bombay Reorganisation Act, 1960 से जुड़ी हुई है. इसी कानून के तहत पुराने बॉम्बे राज्य को दो हिस्सों महाराष्ट्र और गुजरात में बांटा गया था. ये विभाजन भाषाई आधार पर किया गया था, ताकि मराठी और गुजराती भाषी लोगों को अपनी पहचान के अनुसार अलग राज्य मिल सके. इस फैसले के पीछे Samyukta Maharashtra Movement का बड़ा योगदान था. ये एक जन आंदोलन था, जिसमें लोगों ने मराठी भाषा और संस्कृति के लिए अलग राज्य की मांग की थी. इस संघर्ष ने महाराष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाई.
इस बार का विशेष महत्व
2026 में महाराष्ट्र दिवस और भी खास हो जाता है क्योंकि ये International Workers’ Day और Buddha Purnima के साथ एक ही दिन मनाया जाएगा. इस वजह से देशभर में इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है. साथ ही, लंबे वीकेंड के कारण यात्रा और घूमने-फिरने की गतिविधियां भी बढ़ने की संभावना रहती है.
कैसे मनाया जाता है ये दिन
महाराष्ट्र दिवस पर पूरे राज्य में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. Shivaji Park में एक भव्य परेड का आयोजन होता है, जिसमें सरकारी अधिकारी और गणमान्य लोग शामिल होते हैं. इसके अलावा, जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम, ध्वजारोहण और पारंपरिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाती हैं, जो महाराष्ट्र की समृद्ध विरासत को दर्शाती हैं.
क्या रहेगा बंद और क्या खुला?
इस दिन सार्वजनिक अवकाश होने के कारण कई सेवाएं बंद रहती हैं. सरकारी दफ्तर, स्कूल और कॉलेज बंद रहते हैं. साथ ही, ये दिन ड्राई डे भी होता है, इसलिए शराब की दुकानें बंद रहती हैं. शेयर बाजार जैसे National Stock Exchange of India और Bombay Stock Exchange में भी कामकाज नहीं होता. RBI के नियमों के अनुसार, देश के ज्यादातर हिस्सों में बैंक भी बंद रहते हैं.
हालांकि छुट्टी के बावजूद कई सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहती हैं. Marine Drive और Gateway of India जैसे पर्यटन स्थल खुले रहते हैं. इसके अलावा मंदिर, समुद्र तट और ऐतिहासिक स्थल भी लोगों के लिए उपलब्ध रहते हैं. सार्वजनिक परिवहन जैसे लोकल ट्रेन, मेट्रो, बस और टैक्सी छुट्टी के समय के अनुसार चलते रहते हैं.