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‘मोदी आतंकवादी… मेरा मतलब क्या है, मैं यह साफ करना चाहता हूं’, मल्लिकार्जुन खरगे के बिगड़े बोल, बयान पर दी सफाई

Mallikarjun Kharge on Narendra Modi: चेन्नई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मंगलवार को तब विवादों में घिर गए, जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहा और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) की उनके साथ गठबंधन करने के लिए आलोचना की.

Written By: Shristi S
Last Updated: 2026-04-21 17:02:30

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Mallikarjun Kharge Statement Controversy: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मंगलवार को तब विवादों में घिर गए, जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहा और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) की उनके साथ गठबंधन करने के लिए आलोचना की. चेन्नई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, खरगे ने प्रधानमंत्री के साथ हाथ मिलाने के AIADMK के फैसले पर सवाल उठाया.
 
ये AIADMK वाले, जो खुद अन्नादुरई की तस्वीर लगाते हैं, वे मोदी के साथ कैसे मिल सकते हैं? वह एक आतंकवादी हैं. उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं रखती. ये लोग उनके साथ मिल रहे हैं; इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं.
 

AIADMK अपनी पहचान खो चुकी- खरगे

खरगे ने कहा कि आपको ऐसे नेताओं की ज़रूरत है जो BJP के सामने न झुकें और डटकर मुकाबला करें, और वह नेता MK स्टालिन हैं. आज, AIADMK अपनी पहचान खो चुकी है. यह BJP की एक खामोश-गुलाम सहयोगी बन गई है. यह तमिलनाडु के हितों की रक्षा नहीं कर सकती, क्योंकि यह PM मोदी की गुलाम बन चुकी है.
 

पीएम को आतंकवादी कहने पर खरगे ने दी सफाई

इसके बाद खरगे ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनका मतलब प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहना नहीं था, बल्कि उनका मतलब यह था कि वह लोगों और राजनीतिक पार्टियों को हमेशा डराते-धमकाते रहते हैं. वह (PM मोदी) लोगों और राजनीतिक पार्टियों को डरा-धमका रहे हैं. मैंने कभी यह नहीं कहा कि वह एक आतंकवादी हैं… मेरा मतलब क्या है, मैं यह साफ करना चाहता हूं, कि मोदी हमेशा धमकियां देते हैं. ED, IT और CBI जैसी संस्थाएं उनके हाथों में हैं. वह परिसीमन (delimitation) को भी अपने हाथों में लेना चाहते हैं.
 

खरगे ने PM मोदी पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया

खरगे ने PM मोदी पर आचार संहिता (Model Code of Conduct) तोड़ने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित नहीं हो सका, तो उसके बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित किया, जो कि आचार संहिता का उल्लंघन है. उन्होंने चुनाव आयोग पर भी BJP की एक विस्तारित शाखा (extended arm) की तरह काम करने का आरोप लगाया.
 
उन्होंने आगे कहा कि चुनावों के बीच प्रधानमंत्री द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन पूरी तरह से अस्वीकार्य है. चुनाव आयोग ने BJP के दफ्तर के एक विस्तार की तरह काम किया है. पहले, हमने मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर देखा, फिर SIR का मुद्दा सामने आया, और अब परिसीमन को नियंत्रित करने की कोशिशें की गईं जिसका हमने विरोध किया.
 

खरगे ने पीएम से किया सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि उन्होंने इस विधेयक को 2023 में ही लागू क्यों नहीं किया, जब यह मूल रूप से पारित हुआ था. PM मोदी ने 2023 में विपक्ष को धन्यवाद दिया था, और अब वह दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस इस बिल का समर्थन नहीं कर रही है.,दुर्भाग्य से, मोदी एक अलग ही कहानी पेश कर रहे हैं. उनका दावा है कि, असफल परिसीमन बिल का विरोध करने के बजाय, पार्टी महिला आरक्षण बिल का विरोध कर रही है. यह सच नहीं है. महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ था, और हमने इसका पूरा समर्थन किया था. उस समय, उन्होंने इस समर्थन के लिए हमें धन्यवाद भी दिया था.
 
उन्होंने आगे कहा कि हमने बस इतनी ही मांग की थी कि, चूंकि बिल पास हो चुका है, इसलिए इसे 543 सीटों की मौजूदा संख्या के आधार पर तुरंत लागू किया जाना चाहिए. हालांकि, उन्होंने कहा कि इसे लागू करना संभव नहीं है क्योंकि जनगणना पूरी नहीं हुई है और परिसीमन का काम भी नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि इसे तभी लागू किया जाएगा जब ये दोनों प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी.

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Written By: Shristi S
Last Updated: 2026-04-21 17:02:30

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Mallikarjun Kharge Statement Controversy: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मंगलवार को तब विवादों में घिर गए, जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहा और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) की उनके साथ गठबंधन करने के लिए आलोचना की. चेन्नई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, खरगे ने प्रधानमंत्री के साथ हाथ मिलाने के AIADMK के फैसले पर सवाल उठाया.
 
ये AIADMK वाले, जो खुद अन्नादुरई की तस्वीर लगाते हैं, वे मोदी के साथ कैसे मिल सकते हैं? वह एक आतंकवादी हैं. उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं रखती. ये लोग उनके साथ मिल रहे हैं; इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं.
 

AIADMK अपनी पहचान खो चुकी- खरगे

खरगे ने कहा कि आपको ऐसे नेताओं की ज़रूरत है जो BJP के सामने न झुकें और डटकर मुकाबला करें, और वह नेता MK स्टालिन हैं. आज, AIADMK अपनी पहचान खो चुकी है. यह BJP की एक खामोश-गुलाम सहयोगी बन गई है. यह तमिलनाडु के हितों की रक्षा नहीं कर सकती, क्योंकि यह PM मोदी की गुलाम बन चुकी है.
 

पीएम को आतंकवादी कहने पर खरगे ने दी सफाई

इसके बाद खरगे ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनका मतलब प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहना नहीं था, बल्कि उनका मतलब यह था कि वह लोगों और राजनीतिक पार्टियों को हमेशा डराते-धमकाते रहते हैं. वह (PM मोदी) लोगों और राजनीतिक पार्टियों को डरा-धमका रहे हैं. मैंने कभी यह नहीं कहा कि वह एक आतंकवादी हैं… मेरा मतलब क्या है, मैं यह साफ करना चाहता हूं, कि मोदी हमेशा धमकियां देते हैं. ED, IT और CBI जैसी संस्थाएं उनके हाथों में हैं. वह परिसीमन (delimitation) को भी अपने हाथों में लेना चाहते हैं.
 

खरगे ने PM मोदी पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया

खरगे ने PM मोदी पर आचार संहिता (Model Code of Conduct) तोड़ने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पारित नहीं हो सका, तो उसके बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित किया, जो कि आचार संहिता का उल्लंघन है. उन्होंने चुनाव आयोग पर भी BJP की एक विस्तारित शाखा (extended arm) की तरह काम करने का आरोप लगाया.
 
उन्होंने आगे कहा कि चुनावों के बीच प्रधानमंत्री द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन पूरी तरह से अस्वीकार्य है. चुनाव आयोग ने BJP के दफ्तर के एक विस्तार की तरह काम किया है. पहले, हमने मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर देखा, फिर SIR का मुद्दा सामने आया, और अब परिसीमन को नियंत्रित करने की कोशिशें की गईं जिसका हमने विरोध किया.
 

खरगे ने पीएम से किया सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि उन्होंने इस विधेयक को 2023 में ही लागू क्यों नहीं किया, जब यह मूल रूप से पारित हुआ था. PM मोदी ने 2023 में विपक्ष को धन्यवाद दिया था, और अब वह दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस इस बिल का समर्थन नहीं कर रही है.,दुर्भाग्य से, मोदी एक अलग ही कहानी पेश कर रहे हैं. उनका दावा है कि, असफल परिसीमन बिल का विरोध करने के बजाय, पार्टी महिला आरक्षण बिल का विरोध कर रही है. यह सच नहीं है. महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ था, और हमने इसका पूरा समर्थन किया था. उस समय, उन्होंने इस समर्थन के लिए हमें धन्यवाद भी दिया था.
 
उन्होंने आगे कहा कि हमने बस इतनी ही मांग की थी कि, चूंकि बिल पास हो चुका है, इसलिए इसे 543 सीटों की मौजूदा संख्या के आधार पर तुरंत लागू किया जाना चाहिए. हालांकि, उन्होंने कहा कि इसे लागू करना संभव नहीं है क्योंकि जनगणना पूरी नहीं हुई है और परिसीमन का काम भी नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि इसे तभी लागू किया जाएगा जब ये दोनों प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी.

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