West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान खत्म हो चुका है. अब दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होने वाला है. इस बीच, पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से बेहद ही चौंकाने वाली घटना सामने आई. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा से पहले इस इलाके में जबरदस्त हिंसा भड़क उठी. इस मामले को लेकर टीएमसी और बीजेपी के समर्थकों के बीच जगद्दल पुलिस स्टेशन के बाहर झड़प हो गई.
इस संघर्ष के दौरान पत्थरबाज़ी, बम फेंकने और गोलीबारी की खबरें सामने आ रही हैं बताया जा रहा है कि हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़े जाने से हुई.
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लगाया ये आरोप
इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके चुनाव प्रचार सामग्री का अपमान किया. इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए. वहां उनके बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई. स्थानीय पुलिस को स्थिति को काबू में करने में काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी. इस झड़प के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार और मौजूदा विधायक पवन सिंह के घर पर बम फेंके गए.
इलाके के फैल गई दहशत
विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा धमाके में तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस पूरे मामले पर बीजेपी उम्मीदवार और मौजूदी विधायक पवन सिंह का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने बताया कि विवाद की शुरुआत पिछले दिन एक नुक्कड़ सभा के दौरान हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि एक स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में टीएमसी सदस्यों ने बीजेपी के कार्यक्रमों में बाधा डाली थी.
पवन सिंह के अनुसार, पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बाद जब वे घर लौट रहे थे तो उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया. उन्होंने आगे दावा किया कि इसके बाद हुई गोलीबारी में सीआईएसएफ का एक जवान घायल हो गया, जिसकी बाईं टांग में गोली लगी.
टीएमसी उम्मीदवार ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी तरफ भाटपारा से टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि विवाद की शुरुआत असल में अचला बागान वार्ड में हुई थी. उनके अनुसार, टीएमसी कार्यकर्ता शांतिपूर्वक झंडे लगा रहे थे, तभी गुड्डू और पिंटू सिंह नाम के दो लोगों ने उनके पार्टी कार्यकर्ता बिट्टू पर हमला कर दिया और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की. अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन पहुंचे तो बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर स्टेशन परिसर के अंदर ही टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया.