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Home > देश > राज्यसभा में राघव चड्ढा ने AAP पर कसा तंज, कहा, ‘नेता मौजूद नहीं, डिप्टी गायब’, जानें पूरा मामला

राज्यसभा में राघव चड्ढा ने AAP पर कसा तंज, कहा, ‘नेता मौजूद नहीं, डिप्टी गायब’, जानें पूरा मामला

Raghav Chadha Statement Viral: हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में अपनी पार्टी के नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने सदन में प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति की ओर ध्यान दिलाया और स्वयं की उपस्थिति का उल्लेख किया.

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: April 17, 2026 17:42:00 IST

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Raghav Chadha Statement Viral: हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में अपनी पार्टी के नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने सदन में प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति की ओर ध्यान दिलाया और स्वयं की उपस्थिति का उल्लेख किया. 

चड्ढा ने कहा कि न तो पार्टी के नेता और न ही नवनियुक्त उपनेता (डिप्टी लीडर) सदन में उपस्थित थे, जबकि वे स्वयं, जिन्हें हाल ही में उपनेता पद से हटाया गया था, सदन में उपस्थित थे.

राघव चड्ढा का आम आदमी पार्टी पर तीखा प्रहार 

राघव चड्ढा ने सदन में कहा, “मेरी पार्टी के नेता सदन में उपस्थित नहीं हैं. मेरी पार्टी के नव नियुक्त उपनेता भी सदन में उपस्थित नहीं हैं. मैं हाल ही में पद से हटाए गए उपनेता हूं और मैं सदन में उपस्थित हूं. मुझे बोलने का अवसर देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!” इसके बाद उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति के रूप में हरिवंश नारायण सिंह के पुनः निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई भी दी.

क्या है पूरा मामला 

कुछ दिन पहले ही राघव चड्ढा को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था और पार्टी ने कथित तौर पर सदन में उनके बोलने का समय भी कम कर दिया था. इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर इस फैसले को लेकर मतभेदों की अटकलों को जन्म दिया. पार्टी ने उनकी जगह पंजाब से सांसद अशोक कुमार मित्तल को 2 अप्रैल को उच्च सदन में उपनेता का पदभार सौंप दिया. बता दें कि वर्तमान में संजय सिंह राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के नेता हैं.

हालांकि पार्टी ने शुरू में इस कदम को एक सामान्य संगठनात्मक फेरबदल बताया, लेकिन जल्द ही यह एक सार्वजनिक विवाद में बदल गया. पार्टी नेताओं ने राघव चड्ढा पर मिलीभगत करने और पार्टी की नीतियों का पालन न करने का आरोप लगाया, जिसमें दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनकी चुप्पी और कुछ संसदीय विरोध प्रदर्शनों में उनकी अनिच्छा का हवाला दिया गया. 

37 वर्षीय सांसद ने बाद में अपने संसदीय हस्तक्षेपों के रिकॉर्ड साझा करते हुए जवाब दिया और कहा, “मेरा काम ही मेरी पहचान बनेगा.” उन्होंने आरोपों को “झूठ” बताकर खारिज कर दिया और कहा कि संसद में उनकी भूमिका सार्वजनिक मुद्दों को उठाना है, न कि व्यवधान उत्पन्न करना. इसी बीच चड्ढा और पार्टी के बीच हुई मौखिक बहस के कुछ दिनों बाद, पंजाब सरकार ने उनकी जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली. जिसके तुरंत बाद, केंद्र ने उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी.

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Last Updated: April 17, 2026 17:42:00 IST

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Raghav Chadha Statement Viral: हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में अपनी पार्टी के नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने सदन में प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति की ओर ध्यान दिलाया और स्वयं की उपस्थिति का उल्लेख किया. 

चड्ढा ने कहा कि न तो पार्टी के नेता और न ही नवनियुक्त उपनेता (डिप्टी लीडर) सदन में उपस्थित थे, जबकि वे स्वयं, जिन्हें हाल ही में उपनेता पद से हटाया गया था, सदन में उपस्थित थे.

राघव चड्ढा का आम आदमी पार्टी पर तीखा प्रहार 

राघव चड्ढा ने सदन में कहा, “मेरी पार्टी के नेता सदन में उपस्थित नहीं हैं. मेरी पार्टी के नव नियुक्त उपनेता भी सदन में उपस्थित नहीं हैं. मैं हाल ही में पद से हटाए गए उपनेता हूं और मैं सदन में उपस्थित हूं. मुझे बोलने का अवसर देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!” इसके बाद उन्होंने राज्यसभा के उपसभापति के रूप में हरिवंश नारायण सिंह के पुनः निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई भी दी.

क्या है पूरा मामला 

कुछ दिन पहले ही राघव चड्ढा को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था और पार्टी ने कथित तौर पर सदन में उनके बोलने का समय भी कम कर दिया था. इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर इस फैसले को लेकर मतभेदों की अटकलों को जन्म दिया. पार्टी ने उनकी जगह पंजाब से सांसद अशोक कुमार मित्तल को 2 अप्रैल को उच्च सदन में उपनेता का पदभार सौंप दिया. बता दें कि वर्तमान में संजय सिंह राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के नेता हैं.

हालांकि पार्टी ने शुरू में इस कदम को एक सामान्य संगठनात्मक फेरबदल बताया, लेकिन जल्द ही यह एक सार्वजनिक विवाद में बदल गया. पार्टी नेताओं ने राघव चड्ढा पर मिलीभगत करने और पार्टी की नीतियों का पालन न करने का आरोप लगाया, जिसमें दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनकी चुप्पी और कुछ संसदीय विरोध प्रदर्शनों में उनकी अनिच्छा का हवाला दिया गया. 

37 वर्षीय सांसद ने बाद में अपने संसदीय हस्तक्षेपों के रिकॉर्ड साझा करते हुए जवाब दिया और कहा, “मेरा काम ही मेरी पहचान बनेगा.” उन्होंने आरोपों को “झूठ” बताकर खारिज कर दिया और कहा कि संसद में उनकी भूमिका सार्वजनिक मुद्दों को उठाना है, न कि व्यवधान उत्पन्न करना. इसी बीच चड्ढा और पार्टी के बीच हुई मौखिक बहस के कुछ दिनों बाद, पंजाब सरकार ने उनकी जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली. जिसके तुरंत बाद, केंद्र ने उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी.

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