Indian Railways: हाल ही में रेलवे ने नई उपलब्धि हासिल की है. पिछले कई सालों से रेलवे कर्ज में चल रही थी लेकिन बीते 5 सालों में रेलवे ने 1.93 लाख करोड़ का कर्ज चुका दिया है.
रेलवे की बाजार से कर्ज लेने पर निर्भरता कम हुई है. भारत सरकार रेलवे को पर्याप्त बजटीय सहायता दे रही है. विभाग में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और रेल संसाधनों की खरीद के लिए सरकारी बजट भी बढ़ाया गया है.
रेलवे तेजी से चुका रहा कर्ज
भारतीय रेलवे सुविधाएं बढ़ाने के लिए लगातार नए प्रयोग कर रहा है. रेलवे ने यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ वंदे भारत समेत कई नई ट्रेन का परिचालन भी शुरु किया है. इस बीच रेलवे की आर्थिक हालत में भी काफी सुधार हुआ है और कर्ज में डूबा हुआ रेलवे अब अपना तेजी से अपना ऋण चुका रहा है. इसके अलावा बाजार से नया कर्ज लेने पर भी निर्भरता कम हुई है.
राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में रेलवे ने बताया कि पिछले पांच वित्तीय वर्षों में करीब 1.93 लाख करोड़ रुपये कर्ज चुकाया है. इसमें करीब 93 हजार करोड़ रुपये ब्याज के हैं. जबकि करीब एक लाख करोड़ रुपये मूलधन के तौर पर चुकाए गए. यह कर्ज इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन और वित्त मंत्रालय से लिया गया था. कोरोना काल में वित्त मंत्रालय ने रेलवे को 79 हजार करोड़ रुपये का विशेष कर्ज भी दिया था.
सरकार दे रही रेलवे को आर्थिक सहायता
रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, रेलवे ने पिछले कुछ वर्षों में बाजार से कर्ज लेने पर निर्भरता कम की है. भारत सरकार भी रेलवे को पर्याप्त बजटीय सहायता दे रही है. इस राशि से इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और रोलिंग स्टॉक की खरीद की जा रही है. बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और रेल संसाधनों की खरीद के लिए सरकारी बजट का इस्तेमाल बढ़ा है. रेलवे ने डिजिटलाइजेशन की ओर भी कदम बढ़ाए हैं. इसके अलावा यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं भी मजबूत की गई हैं. ट्रेनों में जरूरी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं और ट्रेनों का विस्तार किया गया है. नई ट्रेनें और नए स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं.