हाल ही में RSS प्रमुख मोहन भागवत एक युवा सम्मेलन में शामिल हुए. वहां उनसे जब देशभर में पेपर लीक मामले को लेकर हुए स्टूडेंट आंदोलन पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि Gen Z “अपने लोग” हैं और अगर वे विरोध कर रहे हैं, तो उनकी चिंताओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए.
बता दें कि मोहन भागवत ‘दुनिया को जोड़ने में युवाओं की भूमिका: भारतीय तरीका’ (The Role of Youth in Uniting the World, the Indian Way) नाम के सम्मेलन में शामिल हुए थे.
स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर मोहन भागवत ने रखी अपनी राय
स्टूडेंट प्रोटेस्ट मामले पर भागवत ने कहा, “अगर Gen Z विरोध कर रहा है, तो वे निश्चित रूप से देश-विरोधी नहीं हैं; वे हमारे अपने लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं.” उन्होंने कहा कि वह यह नहीं कहेंगे कि Gen Z को विरोध नहीं करना चाहिए, लेकिन लोकतंत्र में ऐसा करने के कुछ तरीके होते हैं. भागवत ने कहा, “मुझे लगता है कि नई पीढ़ी Gen Z और Gen Alpha; हमारी मौजूदा पीढ़ी से ज़्यादा ईमानदार है, और वे देशभक्ति और सेवा से जुड़ी अपीलों पर सच्चे दिल से प्रतिक्रिया देते हैं.”
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर हुआ था पूरे देश में आंदोलन
मोहन भागवत का ये बयान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में दिल्ली सहित देश के तमाम हिस्सों में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के कुछ दिनों बाद आए हैं, जिनके कारण अंडरग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा था. देश में बढ़ते आंदोलन को देखते हुए तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. साथ ही मानसून सत्र में इस तरह के मामले दोबारा न हों इसके लिए ‘एंटी पेपर लीक बिल’ भी पेश किया गया.