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Alert! अब 2 घंटे में बंद होगा फर्जी सिम, वॉट्सएप भी दिखाएगा लाल झंडी: ये है सरकार का साइबर ठगी रोकने का प्लान!

साइबर और बैंकिग अपराधों पर लगाम कसने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए थे, जिसके बाद टेलीकॉम विभाग के साथ-साथ आरबीआई, टेक कंपनियां और जांच एजेंसियों का एक्शन प्लान प्रस्तुत किया गया और सरकार ने अनुरोध किया कि इसे जल्दद से जल्द लागू किया जाए.

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Last Updated: 2026-04-28 16:07:33

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क्या आपको भी कभी अंजान नंबर से ऐसा कॉल आया है, जिसमें समने वाला खुद को पुलिस ऑफिसर या सीबीआई अधिकारी बताता है और आपकी सिम को बंद करे की धमकी देता है? यदि हां, तो अब आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि देश के अलग-अलग इलाकों से साइबर और बैंकिंग स्कैम के ऐसे हजारों मामले सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा एक्शन लेने की तैयारी कर ली है. इसके मुताबिक, अब ऐसे कॉलर्स पर न सिर्फ सख्त कार्रवाई की जाएगी, बल्कि इनके फर्जी खातों को भी हमेशा के लिए ताला लगा दिया जाएगा. जानें पूरा एक्शन प्लान-

क्या है एक्शन के पीछे की वजह

गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले  भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने हाल ही में एक रिपोर्ट पेश की. इसमें पिछले 12 हफ्तों में फर्जी सिम और डिजिटल ठगों के खिलाफ लिए गए एक्शन का लेखा-जोखा है. इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि कैसे  वॉट्सऐप ने 9,400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को बैन किया है. इस रिपोर्ट में साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए टेलीकॉम विभाग  के साथ-साथ आरबीआई, टेक कंपनियां और जांच एजेंसियो के एक्शन प्लान को भी पेश किया गया है और  सुप्रीम कोर्ट से लागू करने की अपील की है.

कैसे ठगी रोकेगा नया फीचर

साइबर ठगी के मामले दोबारा सामने न आएं, इसलिए अब वॉट्सऐप ने नए फीचर को लॉन्च करने की तैयारी में है. वॉट्सऐप के नए फीचर में, संदिग्ध या अनजान नंबर से कॉल आते ही स्क्रीन पर अलर्ट जारी कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं, नए नंबर से कॉलर की प्रोफाइल फोटो भी छिप जाएगी, ताकि वो पुलिस और सीबीआई अधिकारियों के नाम फर्जीवाड़ा न कर सके.

फर्जी सिम 2 घंटे में बंद

इस रिपोर्ट में दूरसंचार विभाग का भी एक्शन प्लान शामिल है, जिसमें टेलीकॉम कंपनियों  के साथ मिलकर संदिग्ध सिमों की पहचान की जाएगी. ऐसे में फर्जी सिमों को ढूंढकर 2 से 3 घंटों के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा.

इस काम को आसान करेगा बायोमेट्रिक आईडेंटिटी वेरिफिकेशन सिस्टम, जो फर्जी सिमों पर रियल टाइम में नजर रखेगा और संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत ब्लॉकिंग का काम करेगा. इस सिस्टम को दिसंबर 2026 तक लॉन्च किया जा सकता है.

बैंक के फर्जीवाडों पर लगाम

साइबर ठगी के मामलों में बैंक खाते तक खाली होने की शिकायतें भारतीय रिजर्व बैंक को मिलती रहीं हैं. इसी पर अंकुश लगाने के लिए आरबीआई ने भी कमर कस ली है. खबरों की मानें तो अब से आरबीआई संदिग्ध लेन-देन पर भी नजर बनाके रखेगी और जरूरत पड़ने पर खातों को भी ब्लॉक करेगी. इससे ठगी के नेटवर्क पर ताला लगाना आसान हो जाएगा.

जल्द लागू करने की मांग

इस मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से एक्शन प्लान लागू करने का अनुरोध किया है और कहा कि टेलीकॉम कंपनियों को भी नए नियम मानने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएं, ताकि जल्द से जल्द ऐसे स्कैम रोके जा सकें. जानकारी के लिए बता दें कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने साइबर और बैंकिंग स्कैम  की घटनाओं को रोकने के लिए सभी एजेंसियों को प्लानिंग करने के निर्देश दिए थे, ताकि जिन लोगों के साथ ऐसे फ्रॉड हुए हैं, उन्हें मुआवजा दिया जा सके.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है. 

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क्या आपको भी कभी अंजान नंबर से ऐसा कॉल आया है, जिसमें समने वाला खुद को पुलिस ऑफिसर या सीबीआई अधिकारी बताता है और आपकी सिम को बंद करे की धमकी देता है? यदि हां, तो अब आपको घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि देश के अलग-अलग इलाकों से साइबर और बैंकिंग स्कैम के ऐसे हजारों मामले सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा एक्शन लेने की तैयारी कर ली है. इसके मुताबिक, अब ऐसे कॉलर्स पर न सिर्फ सख्त कार्रवाई की जाएगी, बल्कि इनके फर्जी खातों को भी हमेशा के लिए ताला लगा दिया जाएगा. जानें पूरा एक्शन प्लान-

क्या है एक्शन के पीछे की वजह

गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले  भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने हाल ही में एक रिपोर्ट पेश की. इसमें पिछले 12 हफ्तों में फर्जी सिम और डिजिटल ठगों के खिलाफ लिए गए एक्शन का लेखा-जोखा है. इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि कैसे  वॉट्सऐप ने 9,400 से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट्स को बैन किया है. इस रिपोर्ट में साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए टेलीकॉम विभाग  के साथ-साथ आरबीआई, टेक कंपनियां और जांच एजेंसियो के एक्शन प्लान को भी पेश किया गया है और  सुप्रीम कोर्ट से लागू करने की अपील की है.

कैसे ठगी रोकेगा नया फीचर

साइबर ठगी के मामले दोबारा सामने न आएं, इसलिए अब वॉट्सऐप ने नए फीचर को लॉन्च करने की तैयारी में है. वॉट्सऐप के नए फीचर में, संदिग्ध या अनजान नंबर से कॉल आते ही स्क्रीन पर अलर्ट जारी कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं, नए नंबर से कॉलर की प्रोफाइल फोटो भी छिप जाएगी, ताकि वो पुलिस और सीबीआई अधिकारियों के नाम फर्जीवाड़ा न कर सके.

फर्जी सिम 2 घंटे में बंद

इस रिपोर्ट में दूरसंचार विभाग का भी एक्शन प्लान शामिल है, जिसमें टेलीकॉम कंपनियों  के साथ मिलकर संदिग्ध सिमों की पहचान की जाएगी. ऐसे में फर्जी सिमों को ढूंढकर 2 से 3 घंटों के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा.

इस काम को आसान करेगा बायोमेट्रिक आईडेंटिटी वेरिफिकेशन सिस्टम, जो फर्जी सिमों पर रियल टाइम में नजर रखेगा और संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत ब्लॉकिंग का काम करेगा. इस सिस्टम को दिसंबर 2026 तक लॉन्च किया जा सकता है.

बैंक के फर्जीवाडों पर लगाम

साइबर ठगी के मामलों में बैंक खाते तक खाली होने की शिकायतें भारतीय रिजर्व बैंक को मिलती रहीं हैं. इसी पर अंकुश लगाने के लिए आरबीआई ने भी कमर कस ली है. खबरों की मानें तो अब से आरबीआई संदिग्ध लेन-देन पर भी नजर बनाके रखेगी और जरूरत पड़ने पर खातों को भी ब्लॉक करेगी. इससे ठगी के नेटवर्क पर ताला लगाना आसान हो जाएगा.

जल्द लागू करने की मांग

इस मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से एक्शन प्लान लागू करने का अनुरोध किया है और कहा कि टेलीकॉम कंपनियों को भी नए नियम मानने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएं, ताकि जल्द से जल्द ऐसे स्कैम रोके जा सकें. जानकारी के लिए बता दें कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने साइबर और बैंकिंग स्कैम  की घटनाओं को रोकने के लिए सभी एजेंसियों को प्लानिंग करने के निर्देश दिए थे, ताकि जिन लोगों के साथ ऐसे फ्रॉड हुए हैं, उन्हें मुआवजा दिया जा सके.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है. 

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