Supreme Court: प्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने की तैयारी के बीच कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को शीर्ष अदालत में लाने की सिफारिश की है. CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के नाम केंद्र सरकार को भेजे हैं. सुप्रीम कोर्ट की ओर से 28 सितंबर 2026 को जारी कॉलेजियम प्रस्ताव में इन सिफारिशों की पुष्टि की गई है.
तीन हाईकोर्ट चीफ जस्टिस के नाम की सिफारिश
कॉलेजियम ने जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाए जाने की सिफारिश की है. इस पांच सदस्यीय कॉलेजियम में CJI सूर्यकांत के अलावा जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल हैं. अब इन सिफारिशों पर नियुक्ति की निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे कार्रवाई होगी.
नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में होंगे 37 जज
तीनों नियुक्तियां होने पर सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या 37 हो जाएगी. फिलहाल CJI समेत 34 जज कार्यरत हैं. 2026 में सुप्रीम कोर्ट के जजों की स्वीकृत संख्या बढ़ाकर 38 की गई है, जिसमें CJI समेत कुल 38 जज हो सकते हैं. संशोधन के तहत CJI को छोड़कर जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 की गई है. इस तरह तीन नए जजों के आने के बाद शीर्ष अदालत अपनी नई स्वीकृत क्षमता से सिर्फ एक पद कम रह जाएगी. सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के लिए संसद ने 2026 में संबंधित संशोधन विधेयक पारित किया था.
आने वाले महीनों में सुप्रीम कोर्ट में होंगे कई बदलाव
सुप्रीम कोर्ट की मौजूदा संरचना में आने वाले महीनों में भी बदलाव होने हैं. जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा 29 नवंबर 2026 को सेवानिवृत्त होंगे. इसके बाद CJI सूर्यकांत 9 फरवरी 2027 को रिटायर होंगे. उनके बाद वरिष्ठता के आधार पर जस्टिस विक्रम नाथ 10 फरवरी 2027 को भारत के मुख्य न्यायाधीश का पद संभालेंगे. जस्टिस विक्रम नाथ 23 सितंबर 2027 को सेवानिवृत्त होंगे.
जस्टिस बीवी नागरत्ना बनेंगी देश की पहली महिला CJI
जस्टिस बीवी नागरत्ना के कार्यकाल से जुड़ा बदलाव भी सुप्रीम कोर्ट के लिए ऐतिहासिक होगा. उपलब्ध न्यायिक वरिष्ठता क्रम के मुताबिक वह 24 सितंबर 2027 को CJI का पद संभालेंगी और 29 अक्टूबर 2027 को सेवानिवृत्त होंगी. इस तरह वह भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनेंगी.