Pawan Khera Anticipatory Bail: सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत मिल गई है. यह राहत उन्हें असम पुलिस द्वारा मुख्यमंत्री की पत्नी की शिकायत पर दर्ज FIR के मामले में मिली है. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चांदुरकर की बेंच ने गुवाहाटी हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें खेड़ा को राहत देने से इन्कार कर दिया गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले के हालात से राजनीतिक रंजिश की मौजूदगी का संकेत मिलता है, जिसके चलते पव खेड़ा की निजी आज़ादी की सुरक्षा ज़रूरी है. कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस मामले में जो आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं, वे पहली नज़र में राजनीतिक रूप से प्रेरित और ऐसी रंजिश से प्रभावित लगते हैं, न कि ऐसी स्थिति को दर्शाते हैं जिसके लिए हिरासत में पूछताछ की ज़रूरत हो.
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असम के सीएम की पत्नी पर लगाए थे आरोप
यहां पर बता दें कि पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साज़िश का यह मामला तब दर्ज किया गया जब उन्होंने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं और विदेशों में उनकी अघोषित संपत्तियां हैं.
इससे पहले असम पुलिस 7 अप्रैल, 2026 को दिल्ली में खेड़ा के घर गई थी, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं थे. इसके बाद बाद में खेड़ा ने ट्रांज़िट अग्रिम ज़मानत के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया. तेलंगाना हाई कोर्ट ने 10 अप्रैल को उन्हें एक हफ़्ते की राहत दी, ताकि वे अग्रिम ज़मानत के लिए असम की अदालतों में अर्ज़ी दे सकें.
यहां पर बता दें कि 15 अप्रैल को असम सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट के 10 अप्रैल के आदेश पर रोक लगा दी. इसके बाद 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांज़िट ज़मानत की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने खेड़ा से कहा कि वे इसके बजाय गुवाहाटी हाई कोर्ट में अर्ज़ी दें.