<

सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT के आदेश को बरकरार रखा, दिवालिया हो चुकी सुपरटेक की 16 रुकी हुई परियोजनाओं से जुड़ा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT के उस फैसले को बरकरार रखा है जिसमें NBCC को सुपरटेक के 16 प्रोजेक्ट्स को मैनेज करने की इजाज़त दी गई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT के उस फैसले को बरकरार रखा है जिसमें NBCC को सुपरटेक के 16 प्रोजेक्ट्स को मैनेज करने की इजाज़त दी गई थी. इससे घर खरीददार को बड़ी राहत मिली. इस न्यायिक पुष्टि से कानूनी निश्चितता मिलती है और मुश्किल में फंसे रियल एस्टेट डेवलपर के पोर्टफोलियो को मैनेज करने में NBCC की भूमिका मज़बूत होती है. यह फैसला प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए एक साफ फ्रेमवर्क बनाता है और संभावित कानूनी अनिश्चितताओं को खत्म करता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी अदालत या HC परियोजनाओं को रोकने का आदेश नहीं देगा.

क्या है मामला?

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के उस फैसले को बरकरार रखा है, जो NBCC को सुपरटेक के 16 प्रोजेक्ट्स को मैनेज करने की इजाज़त देता है. यह न्यायिक पुष्टि सुपरटेक के मुश्किल रियल एस्टेट पोर्टफोलियो के चल रहे समाधान में एक अहम विकास है. कोर्ट के फैसले का विवरण सुप्रीम कोर्ट का फैसला NCLAT के पहले के फैसले को सही ठहराता है. इससे सुपरटेक के बताए गए प्रोजेक्ट्स को मैनेज करने में NBCC की भूमिका के लिए कानूनी निश्चितता मिलती है. यह फैसला इन रियल एस्टेट डेवलपमेंट की देखरेख में कंस्ट्रक्शन कंपनी की स्थिति को मजबूत करता है.

एनबीसीसी को मिलेगी मजबूती

प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पर असर कोर्ट का फैसला इन रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के मैनेजमेंट स्ट्रक्चर पर स्पष्टता देता है. NBCC की भागीदारी से प्रोजेक्ट को पूरा करने की प्रक्रिया में स्थिरता आने की उम्मीद है. न्यायिक समर्थन इन डेवलपमेंट की देखरेख करने के लिए NBCC के अधिकार को मजबूत करता है. कानूनी ढांचा सुप्रीम कोर्ट द्वारा NCLAT के फैसले की पुष्टि प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए एक स्पष्ट कानूनी ढांचा स्थापित करती है. यह फैसला संभावित कानूनी अनिश्चितताओं को खत्म करता है जो इन रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की प्रगति को प्रभावित कर सकती थीं. यह फैसला NBCC को अपनी मैनेजमेंट जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ने के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है.

घर खरीददारों को राहत

कोर्ट के इस फैसले के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के हजारों घर खरीदारों के लिए अच्छी खबर है. मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने बिल्डरों द्वारा किए गए फ्रॉड और देरी के मामलों पर सुनवाई की. कोर्ट ने साफ कर दिया था कि खरीदारों को प्रताड़ित करने वाले बिल्डरों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. बता दें कि याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट के संज्ञान में एमिकस रिपोर्ट के अनुसार, NBCC ने फ्लैटों का निर्माण पूरा करने की बात कही थी. लेकिन, खरीदारों के बार-बार अनुरोध के बाद भी नोएडा अथॉरिटी 500 में से 487 फ्लैटों की रजिस्ट्री को लेकर मना करती रही. फिलहाल, कानूनी दाव पेंच खेलकर लोगों को परेशान करने वालों के लिए यह एक बड़ा झटका है. 

Recent Posts

Chembur chemical tanker leak: चेंबूर में 22 हजार टन केमिकल टैंकर से बेंजीन लीक, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड, ट्रैफिक किया डायवर्ट

Chembur chemical tanker leak: मुंबई के चेंबूर में मैसूर कॉलोनी मोनोरेल स्टेशन के पास बेंजीन…

Last Updated: August 31, 2026 23:35:17 IST

Janmashtami 2026: धनिया पंजीरी के बिना अधूरा माना जाता है जन्माष्टमी का भोग, जानें बनाने की आसान विधि

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को धनिया पंजीरी का भोग लगाने की परंपरा है.…

Last Updated: August 31, 2026 23:28:05 IST

अब बिना इंटरनेट के भी करें UPI पेमेंट, PhonePe ने फीचर फोन यूजर्स के लिए लॉन्च किया ‘123Pay’, जानें कैसे करें इस्तेमाल

हाल ही में PhonePe ने 'UPI 123Pay' नामक नया फीचर लॉन्च किया है, जिससे यूजर…

Last Updated: August 31, 2026 23:06:18 IST

Awarapan 2 OTT release: सिनेमाघरों के बाद इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आएगी आवारापन 2, मचेगा धमाल,  जानें कब और कहां देख पाएंगे

Awarapan 2 OTT release: मरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में…

Last Updated: August 31, 2026 23:05:02 IST