Live TV
Search
Home > देश > Tamil Nadu Exit Poll 2026: तमिलनाडु में सीएम की कुर्सी पर किसका होगा कब्जा? कौन हैं लोकप्रिय चेहरे? एग्जिट पोल के बाद क्या है हालात

Tamil Nadu Exit Poll 2026: तमिलनाडु में सीएम की कुर्सी पर किसका होगा कब्जा? कौन हैं लोकप्रिय चेहरे? एग्जिट पोल के बाद क्या है हालात

Tamil Nadu Exit Poll 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के नतीजे जारी होने के बाद, अब हर किसी की नजर राज्य में मुख्यमंत्री पद के चेहरे की तरफ टीकी हुई है. इस बार यह मुकाबला त्रिकोणीय देखा जा रहा है. ऐसे में चलिए विस्तार से देखें कि सीएम पद के लिए राज्य में किस-किस को पसंद किया जा रहा है.

Written By:
Last Updated: 2026-04-29 21:09:52

Mobile Ads 1x1
Tamil Nadu Election 2026 CM Face: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के नतीजे (Tamil Nadu Assembly Elections 2026 Exit Polls Result) जारी होने के बाद, अब हर किसी की नजर राज्य में मुख्यमंत्री पद के चेहरे की तरफ टीकी हुई है. इस बार यह मुकाबला त्रिकोणीय देखा जा रहा है.  
 
एक तरफ़ मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन हैं, दूसरी तरफ़ एडप्पादी के. पलानीस्वामी हैं तो वहीं तीसरी तरफ विजय भी शहर और युवाओं की लोकप्रिय पसंद बन चुके है. ऐसे में चलिए जानें इन तीनों सीएम पद के चेहरे की पूरी कुंडली.
 

एग्जिट पोल के नतीजे

Axis my Poll के आधार पर DMK+ 92-110 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं ADMK+ गठबंधन के 22-32 सीटों पर सिमट गई है. इस चुनाव में TVK ने लंबी छलांग लगाते हुए 98-120 सीटें लाने का अनुमान है.
 

एम.के. स्टालिन

मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन जनता में आज भी काफी लोकप्रिय है. उन्होंने खुद को तमिल पहचान और संघीय अधिकारों के रक्षक के तौर पर पेश किया है. उनकी पार्टी, DMK, लगभग 20 राजनीतिक पार्टियों वाले एक बड़े गठबंधन की अगुवाई कर रही है. DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने अपने राजनीतिक मंच का केंद्र शासन के द्रविड़ मॉडल को बनाया है. स्टालिन प्रशासन ने सामाजिक कल्याण, शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्रों में अपनी पहलों को खास तौर पर उजागर किया है. इसके अलावा, स्टालिन ने केंद्र सरकार के साथ अपने राजनीतिक टकरावों को खास तौर पर फंड के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु के अधिकारों को बनाए रखने के लिए एक बड़े संघर्ष के हिस्से के तौर पर पेश किया है. इस नैरेटिव का फ़ायदा उठाते हुए, स्टालिन ने विधानसभा चुनाव को तमिलनाडु और दिल्ली के बीच एक बड़े मुकाबले के तौर पर दिखाया है. 

विजय

मशहूर फ़िल्म अभिनेता विजय के आने से तमिलनाडु के चुनावों में एक दिलचस्प नया पहलू जुड़ गया है, और वह मुख्यमंत्री पद के तीसरे सबसे लोकप्रिय उम्मीदवार है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि जयललिता के बाद के दौर में, बहुत कम लोग ही अपनी फ़िल्मी लोकप्रियता को लगातार राजनीतिक प्रभाव में बदलने में कामयाब हो पाए हैं. अभिनेता विजय अब उसी सफलता की कहानी को दोहराना चाहते हैं.
 
2024 में तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) की शुरुआत के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करते हुए, विजय ने खुद को राज्य की दो प्रमुख द्रविड़ राजनीतिक ताकतों के एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश किया है. अपना राजनीतिक करियर शुरू करते ही, विजय ने DMK को अपना मुख्य राजनीतिक विरोधी बताया, जबकि BJP को अपना वैचारिक विरोधी घोषित किया.
 

के. पलानीस्वामी

पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी जिन्हें अक्सर EPS कहा जाता है सत्ताधारी DMK के ख़िलाफ़ AIADMK की चुनौती दे रहे हैं. वह मुख्यमंत्री पद के सबसे लोकप्रिय चेहरों में से एक माने जा रहे है.  AIADMK नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी, स्टालिन के मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं. पलानीस्वामी DMK सरकार के खिलाफ जनता की नाराज़गी पर काफी भरोसा कर रहे हैं, यह भावना बढ़ती अपराध दर, नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों और सरकारी मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से और भड़की है. 
 
 

MORE NEWS

Home > देश > Tamil Nadu Exit Poll 2026: तमिलनाडु में सीएम की कुर्सी पर किसका होगा कब्जा? कौन हैं लोकप्रिय चेहरे? एग्जिट पोल के बाद क्या है हालात

Written By:
Last Updated: 2026-04-29 21:09:52

Mobile Ads 1x1
Tamil Nadu Election 2026 CM Face: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के नतीजे (Tamil Nadu Assembly Elections 2026 Exit Polls Result) जारी होने के बाद, अब हर किसी की नजर राज्य में मुख्यमंत्री पद के चेहरे की तरफ टीकी हुई है. इस बार यह मुकाबला त्रिकोणीय देखा जा रहा है.  
 
एक तरफ़ मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन हैं, दूसरी तरफ़ एडप्पादी के. पलानीस्वामी हैं तो वहीं तीसरी तरफ विजय भी शहर और युवाओं की लोकप्रिय पसंद बन चुके है. ऐसे में चलिए जानें इन तीनों सीएम पद के चेहरे की पूरी कुंडली.
 

एग्जिट पोल के नतीजे

Axis my Poll के आधार पर DMK+ 92-110 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं ADMK+ गठबंधन के 22-32 सीटों पर सिमट गई है. इस चुनाव में TVK ने लंबी छलांग लगाते हुए 98-120 सीटें लाने का अनुमान है.
 

एम.के. स्टालिन

मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन जनता में आज भी काफी लोकप्रिय है. उन्होंने खुद को तमिल पहचान और संघीय अधिकारों के रक्षक के तौर पर पेश किया है. उनकी पार्टी, DMK, लगभग 20 राजनीतिक पार्टियों वाले एक बड़े गठबंधन की अगुवाई कर रही है. DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने अपने राजनीतिक मंच का केंद्र शासन के द्रविड़ मॉडल को बनाया है. स्टालिन प्रशासन ने सामाजिक कल्याण, शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्रों में अपनी पहलों को खास तौर पर उजागर किया है. इसके अलावा, स्टालिन ने केंद्र सरकार के साथ अपने राजनीतिक टकरावों को खास तौर पर फंड के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु के अधिकारों को बनाए रखने के लिए एक बड़े संघर्ष के हिस्से के तौर पर पेश किया है. इस नैरेटिव का फ़ायदा उठाते हुए, स्टालिन ने विधानसभा चुनाव को तमिलनाडु और दिल्ली के बीच एक बड़े मुकाबले के तौर पर दिखाया है. 

विजय

मशहूर फ़िल्म अभिनेता विजय के आने से तमिलनाडु के चुनावों में एक दिलचस्प नया पहलू जुड़ गया है, और वह मुख्यमंत्री पद के तीसरे सबसे लोकप्रिय उम्मीदवार है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि जयललिता के बाद के दौर में, बहुत कम लोग ही अपनी फ़िल्मी लोकप्रियता को लगातार राजनीतिक प्रभाव में बदलने में कामयाब हो पाए हैं. अभिनेता विजय अब उसी सफलता की कहानी को दोहराना चाहते हैं.
 
2024 में तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) की शुरुआत के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करते हुए, विजय ने खुद को राज्य की दो प्रमुख द्रविड़ राजनीतिक ताकतों के एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश किया है. अपना राजनीतिक करियर शुरू करते ही, विजय ने DMK को अपना मुख्य राजनीतिक विरोधी बताया, जबकि BJP को अपना वैचारिक विरोधी घोषित किया.
 

के. पलानीस्वामी

पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी जिन्हें अक्सर EPS कहा जाता है सत्ताधारी DMK के ख़िलाफ़ AIADMK की चुनौती दे रहे हैं. वह मुख्यमंत्री पद के सबसे लोकप्रिय चेहरों में से एक माने जा रहे है.  AIADMK नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी, स्टालिन के मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं. पलानीस्वामी DMK सरकार के खिलाफ जनता की नाराज़गी पर काफी भरोसा कर रहे हैं, यह भावना बढ़ती अपराध दर, नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों और सरकारी मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से और भड़की है. 
 
 

MORE NEWS