Funny Jokes of the Day: आजकल की भागदौड़ भला किसको चैन से बैठने दे रही है. फिर यही व्यस्तता तनाव की वजह बन जाती है. इससे निजात पाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते हैं. लेकिन, हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, मन में खुशी पैदा करने से तनाव दूर हो सकता है. इसके लिए आप चाहें तो कुछ मजेदार जोक्स पढ़ सकते हैं. बता दें कि, हंसी-मजाक करने से जीवन में सकारात्मक माहौल पैदा होता है. ये मजेदार जोक्स आपके दिमाग के लिए थेरेपी का काम करेंगे. इसलिए हम आपको हंसाने के लिए लेकर आते हैं हंसी के हंसगुल्ले. इन वायरल जोक्स को पढ़कर आप हंस-हंसकर लोटपोट हो जाएंगे. तो चलिए शुरू करते हैं हंसने-हंसाने का यह सफर…
इन जोक्स को पढ़कर हंस-हंसकर लोटपोट हो जाएंगे
सास- सुन बहू, मुझे जल्दी ही पोता चाहिए.
नई बहू- पहले बोलना चाहिए था न, साथ में ले आती,
सास बिल्कुल चुप…
लड़की- सर राजधानी एक्सप्रेस कब आएगी?
टीटी- शाम के 5 बजे,
लड़की- लोकल ट्रेन कब आएगी?
टीटी- 9 बजे.
लड़की- मालगाड़ी कब आएगी?
टीटी- 1 बजे, पर आपको जाना कहां है?
लड़की- कहीं नहीं, पटरी पर सेल्फी है…
जब-जब वो गोबर फेंकने जातीं थीं.
तब-तब हम उसको देखा करते थे और वो हमें देखा करती थी,
फिर उसके बाप ने भैंस बेच दी,
लव- स्टोरी खत्म…
टीचर- बबलू बताओ 1869 में क्या हुआ?
बबलू- सर गांधीजी का जन्म.
टीचर- बिलकुल सही, बैठ जा.
टीचर- डबलू तू बोल, 1872 में क्या हुआ?
पप्पू- सर, गांधीजी तीन साल के हो गए… अब मैं भी बैठ जाऊंगा क्या?
टीचर- बाहर निकल…
टीचर (बच्चों से)- कोई ऐसा वाक्य बताओ जिसमें उर्दू, हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी का प्रयोग होता हो?
पप्पू- इश्क दी गली विच No Entry
टीचर अब तक बेहोश पड़ा है…
टीचर- तुमने कभी कोई अच्छा ,नेक काम किया है ?
छात्र- हां सर-कल ही तो एक बुजुर्ग
धीरे- धीरे अपने घर जा रहे थे.
मैंने उनके पीछे कुत्ता लगा दिया…
बाप- बेटा 5 के बाद क्या आता है?
बेटा- 6 और 7 पापा!
बाप- शाबाश बेटा, तो 6, 7 के बाद बताओ.
बेटा- पापा जी, 8, 9, 10 और गुलाम, बेगम और बादशाह!
फिर क्या था… दे जूता दे लात…
भिखारी- भगवान के नाम पर कुछ दे दो मां जी, चार दिन से कुछ नहीं खाया.
बुढ़िया- 500 का नोट निकालते हुए बोली क्या तुम्हारे पास 400 खुले हैं?
भिखारी- हां हैं मां जी
बुढ़िया- तो उससे कुछ लेकर खा लेना…
दोस्त- तेरी बीवी ने तुझे घर से क्यों निकाल दिया?
गप्पू- यार तेरे ही कहने पर उसे चेन गिफ्ट की थी, इसलिए…
दोस्त- चेन चांदी की थी क्या?
गप्पू- नहीं, साइकिल की…