UP Anganwadi Worker Salary Hike: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आज आंगनवाड़ी वर्कर्स को बड़ा तोहफ़ा देने वाली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके मानदेय में 50 परसेंट बढ़ोतरी का ऐलान करेंगे. इस फ़ैसले से राज्य की 150,000 से ज़्यादा आंगनवाड़ी वर्कर्स को सीधा फ़ायदा होगा. इसे महिला कर्मचारियों के लिए सरकार की तरफ़ से एक बड़ा तोहफ़ा माना जा रहा है.
आंगनवाड़ी वर्कर्स का मानदेय ₹4,000 और सहायिकाओं का मानदेय ₹2,000 बढ़ाया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या में एक प्रोग्राम में मानदेय बढ़ोतरी का ऐलान करेंगे. इसी प्रोग्राम में नई नियुक्त आंगनवाड़ी वर्कर्स और सहायिकाओं को अपॉइंटमेंट लेटर भी दिए जाएंगे. अयोध्या प्रशासन ने प्रोग्राम की तैयारी पूरी कर ली है.
महिला और बाल कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने बताया कि राज्य में 71,310 आंगनवाड़ी वर्कर्स और सहायिकाओं की भर्ती की गई है. इनमें 21,804 आंगनवाड़ी वर्कर्स और 49,506 सहायिकाएं शामिल हैं. मानदेय बढ़ोतरी के ऐलान के साथ ही सरकार मानदेय वर्कर्स को राहत देने की तैयारी कर रही है.
CM योगी ने क्या कहा?
आज CM योगी ने दो दिन के “UP Textile Conclave 2026” में कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के हालात किसी से छिपे नहीं थे. राज्य में कानून-व्यवस्था की हालत खराब थी. माफिया हर जिले में एक पैरेलल सरकार की तरह काम करते थे. वे खुलेआम घूम सकते थे, बंदूकें लहरा सकते थे, और कहीं से भी काम कर सकते थे, और जहां भी उनका हाथ जाता, जमीन उनकी हो जाती थी. उस समय की सरकार यह सब देखकर चुप रही. उत्तर प्रदेश के नागरिकों के सामने पहचान का संकट था. एक समय था जब उत्तर प्रदेश का नाम सुनते ही उत्तर प्रदेश के बाहर कोई भी अपने नागरिकों को किराए पर घर देने को तैयार नहीं होता था. होटलों के कमरे भी नहीं मिलते थे. किसी भी समाज के लिए, किसी भी नागरिक के लिए इससे बड़ी दुखद बात और क्या हो सकती है? ऐसे में इकॉनमी आगे नहीं बढ़ सकती. बिजली एक ही सिंडिकेट, एक ही परिवार तक सीमित थी, और विकास भी उसी परिवार तक सीमित था. राज्य में इंडस्ट्री के लिए कोई भी योजना नहीं थी. 2017 के बाद आपने बदला हुआ उत्तर प्रदेश देखा है. आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज है. क्राइम, क्रिमिनल्स और करप्शन के लिए ज़ीरो-टॉलरेंस की स्ट्रैटेजी है.
उन्होंने आगे कहा, “दोस्तों, 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की हालत कोई सीक्रेट नहीं है. राज्य में लॉ एंड ऑर्डर खराब था. ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ उत्तर प्रदेश की पहचान बन गया था. महिलाएं और बेटियां असुरक्षित थीं. तब की सरकार चुप रही. पहचान का संकट था: त्योहारों से पहले दंगे हो जाते थे, हर तीसरे दिन दंगे होते थे और महीनों तक कर्फ्यू लगा रहता था. ऐसे में इकॉनमी आगे नहीं बढ़ पाती थी.”
उन्होंने कहा कि आज हमारे पास दुनिया की सबसे युवा वर्कफोर्स भी है. उत्तर प्रदेश में 200,000 हैंडलूम बुनकर और 500,000 से ज़्यादा पावरलूम बुनकर हैं. आप उन्हें इस कहानी के असली हीरो के तौर पर देखते हैं. आज उत्तर प्रदेश फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में देश में तीसरे नंबर पर है और देश के कुल फैब्रिक प्रोडक्शन में इसका 13 से 14 परसेंट हिस्सा है. आज भारत दुनिया में टेक्सटाइल इंडस्ट्री के फील्ड में एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है.