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Home > विदेश > धुरंधर स्टाइल में मौत; हाफिज सईद के करीबी के साथ क्या हुआ? लश्कर आतंकी की मौत से पाकिस्तान में हड़कंप

धुरंधर स्टाइल में मौत; हाफिज सईद के करीबी के साथ क्या हुआ? लश्कर आतंकी की मौत से पाकिस्तान में हड़कंप

Terrorist Abu Hashim: 2016 में, सरवर को US डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस ने आतंकवादी घोषित किया था. वह 2000 के दशक की शुरुआत से लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का सीनियर सदस्य था और संगठन में कई अहम पदों पर रहा था. उस समय, वह लाहौर के लिए LeT का "अमीर" (हेड) था, यह पद वह कम से कम जनवरी 2015 से संभाल रहा था.

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Last Updated: October 19, 2026 07:55:47 IST

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Terrorist Abu Hashim killed: चौधरी मोहम्मद सरवर, उर्फ ​​अबू हाशिम, जो US द्वारा घोषित लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था और संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक था, रविवार को लाहौर के मरकज़ कुदसिया की चौथी मंज़िल से रहस्यमय तरीके से गिरने के बाद मर गया. इस घटना ने 2016 में हुई एक ऐसी ही मौत की याद दिला दी, जब नकली नोटों के मास्टरमाइंड जावेद खनानी की कराची में एक बन रही बिल्डिंग से गिरने के बाद मौत हो गई थी.सरवर पंजाब प्रांत में संगठन के राजनीतिक विंग, पाकिस्तान सेंट्रल मुस्लिम लीग की आड़ में फाइनेंस विंग और फंडरेज़िंग को मैनेज करता था. वह हाफ़िज़ सईद और मौजूदा डिप्टी चीफ़ सैफ़ुल्लाह कसूरी दोनों का करीबी सहयोगी था. सरवर के बेटे की भी कुछ महीने पहले एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी.

US डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस ने सरवर को आतंकवादी घोषित किया

2016 में, सरवर को US डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस ने आतंकवादी घोषित किया था. वह 2000 के दशक की शुरुआत से लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का सीनियर सदस्य था और संगठन में कई अहम पदों पर रहा था. उस समय, वह लाहौर के लिए LeT का “अमीर” (हेड) था, यह पद वह कम से कम जनवरी 2015 से संभाल रहा था.

सीनियर लीडर्स के साथ अच्छे रिश्ते

US जस्टिस डिपार्टमेंट ने अपने बयान में कहा, “लाहौर में LeT के “अमीर” के तौर पर, सरवर के ऑर्गनाइज़ेशन के सबसे सीनियर लीडर्स के साथ अच्छे रिश्ते थे. 2012 और 2013 के बीच, सरवर ने LeT के फॉरेन अफेयर्स चीफ हाफिज अब्दुल रहमान मक्की के साथ काम किया. 2013 की शुरुआत में, मक्की ने सरवर से पाकिस्तान के अंदर अपने ट्रैवल खर्च के लिए पैसे मांगे.

पाकिस्तान सेंट्रल मुस्लिम लीग (PMML) के एक स्पोक्सपर्सन ने एक बयान में कहा कि PMML की पंजाब यूनिट के प्रेसिडेंट मुहम्मद सरवर की मौत हो गई है. बयान में कहा गया कि वह घर से नमाज़ के लिए मस्जिद जा रहे थे, तभी अचानक गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. PMML ने सरवर की मौत का सही कारण नहीं बताया. हालांकि, मीडिया ने बताया कि सरवर की मौत छत से गिरने के बाद सिर में लगी चोटों से हुई.

PMML, मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद के संगठन जमात-उद-दावा (JuD) की पॉलिटिकल विंग है. अधिकारियों के मुताबिक, सईद 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है. उसे टेररिज़्म फाइनेंसिंग से जुड़े कई मामलों में दोषी ठहराया गया था और कई साल जेल की सज़ा सुनाई गई थी.

खबर है कि सरवर का अंतिम संस्कार रविवार देर रात लाहौर के चुबुर्जी इलाके में जमात-उद-दावा के हेडक्वार्टर जामिया अल-क़दसिया में किया गया. US डिपार्टमेंट ऑफ़ द ट्रेजरी के ऑफ़िस ऑफ़ फ़ॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने 2016 में सरवर और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक और सीनियर लीडर, शाहिद महमूद को स्पेशली डेज़िग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट (SDGTs) घोषित किया था.

सरवर लाहौर यूनिट का था हेड

इस कार्रवाई का मकसद लश्कर-ए-तैयबा की फंडिंग और सपोर्ट नेटवर्क को रोकना था. OFAC ने कहा कि दोनों को काम करने के लिए नामित किया गया था. संगठन की ओर से या संगठन के प्रतिनिधि के तौर पर. इसके अलावा, US के अधिकार क्षेत्र में आने वाले उनके सभी एसेट्स और एसेट्स में उनके हित फ्रीज कर दिए गए. OFSAC के अनुसार, सरवर एक दशक से ज़्यादा समय तक लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा का सीनियर अधिकारी था और संगठन में कई लीडरशिप रोल निभा चुका था. वह कम से कम जनवरी 2015 से लश्कर-ए-तैयबा की लाहौर यूनिट का हेड था.

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Last Updated: October 19, 2026 07:55:47 IST

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Terrorist Abu Hashim killed: चौधरी मोहम्मद सरवर, उर्फ ​​अबू हाशिम, जो US द्वारा घोषित लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था और संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक था, रविवार को लाहौर के मरकज़ कुदसिया की चौथी मंज़िल से रहस्यमय तरीके से गिरने के बाद मर गया. इस घटना ने 2016 में हुई एक ऐसी ही मौत की याद दिला दी, जब नकली नोटों के मास्टरमाइंड जावेद खनानी की कराची में एक बन रही बिल्डिंग से गिरने के बाद मौत हो गई थी.सरवर पंजाब प्रांत में संगठन के राजनीतिक विंग, पाकिस्तान सेंट्रल मुस्लिम लीग की आड़ में फाइनेंस विंग और फंडरेज़िंग को मैनेज करता था. वह हाफ़िज़ सईद और मौजूदा डिप्टी चीफ़ सैफ़ुल्लाह कसूरी दोनों का करीबी सहयोगी था. सरवर के बेटे की भी कुछ महीने पहले एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी.

US डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस ने सरवर को आतंकवादी घोषित किया

2016 में, सरवर को US डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस ने आतंकवादी घोषित किया था. वह 2000 के दशक की शुरुआत से लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का सीनियर सदस्य था और संगठन में कई अहम पदों पर रहा था. उस समय, वह लाहौर के लिए LeT का “अमीर” (हेड) था, यह पद वह कम से कम जनवरी 2015 से संभाल रहा था.

सीनियर लीडर्स के साथ अच्छे रिश्ते

US जस्टिस डिपार्टमेंट ने अपने बयान में कहा, “लाहौर में LeT के “अमीर” के तौर पर, सरवर के ऑर्गनाइज़ेशन के सबसे सीनियर लीडर्स के साथ अच्छे रिश्ते थे. 2012 और 2013 के बीच, सरवर ने LeT के फॉरेन अफेयर्स चीफ हाफिज अब्दुल रहमान मक्की के साथ काम किया. 2013 की शुरुआत में, मक्की ने सरवर से पाकिस्तान के अंदर अपने ट्रैवल खर्च के लिए पैसे मांगे.

पाकिस्तान सेंट्रल मुस्लिम लीग (PMML) के एक स्पोक्सपर्सन ने एक बयान में कहा कि PMML की पंजाब यूनिट के प्रेसिडेंट मुहम्मद सरवर की मौत हो गई है. बयान में कहा गया कि वह घर से नमाज़ के लिए मस्जिद जा रहे थे, तभी अचानक गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. PMML ने सरवर की मौत का सही कारण नहीं बताया. हालांकि, मीडिया ने बताया कि सरवर की मौत छत से गिरने के बाद सिर में लगी चोटों से हुई.

PMML, मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद के संगठन जमात-उद-दावा (JuD) की पॉलिटिकल विंग है. अधिकारियों के मुताबिक, सईद 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है. उसे टेररिज़्म फाइनेंसिंग से जुड़े कई मामलों में दोषी ठहराया गया था और कई साल जेल की सज़ा सुनाई गई थी.

खबर है कि सरवर का अंतिम संस्कार रविवार देर रात लाहौर के चुबुर्जी इलाके में जमात-उद-दावा के हेडक्वार्टर जामिया अल-क़दसिया में किया गया. US डिपार्टमेंट ऑफ़ द ट्रेजरी के ऑफ़िस ऑफ़ फ़ॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने 2016 में सरवर और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक और सीनियर लीडर, शाहिद महमूद को स्पेशली डेज़िग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट (SDGTs) घोषित किया था.

सरवर लाहौर यूनिट का था हेड

इस कार्रवाई का मकसद लश्कर-ए-तैयबा की फंडिंग और सपोर्ट नेटवर्क को रोकना था. OFAC ने कहा कि दोनों को काम करने के लिए नामित किया गया था. संगठन की ओर से या संगठन के प्रतिनिधि के तौर पर. इसके अलावा, US के अधिकार क्षेत्र में आने वाले उनके सभी एसेट्स और एसेट्स में उनके हित फ्रीज कर दिए गए. OFSAC के अनुसार, सरवर एक दशक से ज़्यादा समय तक लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा का सीनियर अधिकारी था और संगठन में कई लीडरशिप रोल निभा चुका था. वह कम से कम जनवरी 2015 से लश्कर-ए-तैयबा की लाहौर यूनिट का हेड था.

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