China gold reserve: सोने की कीमतों में दबाव के बीच चीन की खरीदारी लगातार तेज हो रही है. सितंबर 2026 में चीन के केंद्रीय बैंक ने अपने भंडार में 23 टन सोना जोड़ा है. यह सितंबर 2023 के बाद एक महीने में की गई सबसे बड़ी खरीदारी है. चीन की इस रणनीति से उसके कुल गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी हुई है और वह सोने के आधिकारिक भंडार के मामले में फ्रांस और इटली के करीब पहुंच गया है. अगर खरीदारी की यही रफ्तार बनी रहती है, तो आने वाले समय में वैश्विक गोल्ड रिजर्व की रैंकिंग में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.
सितंबर में चीन ने खरीदा 23 टन सोना
चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने सितंबर में अपने गोल्ड रिजर्व में 23 टन सोना जोड़ा. सितंबर 2023 के बाद यह किसी एक महीने में चीन की सबसे बड़ी खरीदारी है. खास बात यह है कि चीन लगातार सोने का भंडार बढ़ा रहा है. सितंबर की खरीदारी के साथ ही केंद्रीय बैंक ने सोना खरीदने का लगातार 23वां महीना पूरा किया. इससे पहले जुलाई और अगस्त 2026 में चीन ने 20 20 टन सोना खरीदा था. सितंबर में यह मात्रा बढ़कर 23 टन हो गई. इससे पता चलता है कि हाल के महीनों में चीन ने सोने की खरीदारी की रफ्तार तेज की है.
चीन का गोल्ड रिजर्व रिकॉर्ड 2,410 टन पर पहुंचा
कोबेसी लेटर की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में हुई खरीदारी के बाद चीन का कुल आधिकारिक गोल्ड रिजर्व बढ़कर रिकॉर्ड 2,410 टन हो गया है. साल 2026 में चीन अब तक आधिकारिक तौर पर 103 टन सोना खरीद चुका है. चीन की यह रणनीति अपने विदेशी मुद्रा भंडार और अन्य रिजर्व परिसंपत्तियों में विविधता लाने के प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है. सोना केंद्रीय बैंकों के लिए एक अहम रिजर्व परिसंपत्ति है, क्योंकि इसमें किसी कर्जदार के सीधे भुगतान न करने का जोखिम नहीं होता. इसी वजह से कई केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं.
फ्रांस और इटली के गोल्ड रिजर्व के करीब पहुंचा चीन
आधिकारिक गोल्ड रिजर्व के मामले में चीन फिलहाल दुनिया में पांचवें स्थान पर है. उससे आगे अमेरिका, जर्मनी, इटली और फ्रांस हैं. हालांकि, चीन और उससे ऊपर मौजूद यूरोपीय देशों के बीच का अंतर अब कम हो गया है. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इटली के पास करीब 2,452 टन और फ्रांस के पास लगभग 2,437 टन सोना है. वहीं, चीन का गोल्ड रिजर्व 2,410 टन पर पहुंच चुका है. इस तरह चीन फ्रांस से सिर्फ 27 टन और इटली से 42 टन पीछे है. अगर चीन आने वाले महीनों में इसी तरह सोने की खरीदारी जारी रखता है, तो उसके गोल्ड रिजर्व में और इजाफा हो सकता है. हालांकि, फ्रांस और इटली को पीछे छोड़ने के लिए चीन को कितनी तेजी से खरीदारी करनी होगी, यह आने वाले महीनों के आंकड़ों पर निर्भर करेगा.
मार्च से लगातार बढ़ रही सोने की खरीदारी
चीन के केंद्रीय बैंक की खरीदारी के मासिक आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2026 से सोना खरीदने की रफ्तार लगातार बढ़ी है. मार्च में चीन ने 5 टन सोना खरीदा था. अप्रैल में यह आंकड़ा 8 टन और मई में 10 टन हो गया. इसके बाद जून में खरीदारी बढ़कर 15 टन पहुंच गई. जुलाई और अगस्त में चीन ने 20 20 टन सोना खरीदा, जबकि सितंबर में यह मात्रा बढ़कर 23 टन हो गई. यानी कुछ ही महीनों में चीन की मासिक खरीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
कीमतों में गिरावट के बीच सोने पर चीन का भरोसा
सोने और चांदी की कीमतों में दबाव के बीच चीन की लगातार खरीदारी कीमती धातुओं की मांग को लेकर अहम संकेत देती है. कोबेसी लेटर ने इस खरीदारी को कीमतों में गिरावट के दौरान सोना खरीदने की रणनीति के तौर पर पेश किया है. चीन का बढ़ता गोल्ड रिजर्व बताता है कि कीमतों में उतार चढ़ाव के बावजूद उसका केंद्रीय बैंक सोने को अपने भंडार का अहम हिस्सा बनाए हुए है. हालांकि, केंद्रीय बैंक की खरीदारी और बाजार में सोने की कीमतों के बीच सीधा संबंध मानना सही नहीं होगा. कीमतों पर वैश्विक मांग, ब्याज दरों, डॉलर की चाल और निवेशकों की गतिविधियों का भी असर पड़ता है.