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‘दिल तो पागल है’ से ‘चले चलो’ तक : ब्रिक्स के बाद मलेशियाई प्रधानमंत्री की बॉलीवुड प्लेलिस्ट वायरल

ब्रिक्स में शामिल हुए मलेशिया के प्रधानमंत्री की इंस्टाग्राम पोस्ट काफी वायरल ही रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी तस्वीर के लिए, शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर अभिनीत फिल्म 'दिल तो पागल है' का गाना 'दिल तो पागल है' का इस्तेमाल किया.

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Last Updated: September 15, 2026 13:58:56 IST

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नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन समाप्त हो चुका है, लेकिन इसकी गूंज भू-राजनीति से परे भी सुनाई दे रही है, और भारतीय संगीत इस सम्मेलन का एक अप्रत्याशित आकर्षण बनकर उभरा है. 

जैसे-जैसे लौट रहे विश्व नेता अपनी यात्रा की झलकियाँ साझा कर रहे हैं, इंटरनेट यूजर्स मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा अपनी प्रत्येक तस्वीर के लिए बॉलीवुड गानों के सावधानीपूर्वक चयन की चर्चा करते नहीं थक रहे हैं. 

इंटरनेट पर छाये मलेशिया के प्रधानमंत्री 

इंस्टाग्राम पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का भारत मंडपम में स्वागत करते हुए एक वीडियो पोस्ट करते हुए, जहां बैठकें आयोजित की गईं, इब्राहिम ने शाहरुख खान और काजोल-स्टारर फिल्म ‘ दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का गाना ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ चुना. मलेशियाई प्रधानमंत्री का ये पोस्ट काफी वायरल हो गया.

पीएम मोदी के साथ एक और तस्वीर के लिए, उन्होंने शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर अभिनीत फिल्म ‘दिल तो पागल है’ का गाना ‘दिल तो पागल है’ का इस्तेमाल किया. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए अपनी तस्वीरों के लिए, मलेशियाई नेता ने 2000 में आई सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा अभिनीत फिल्म ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ का गीत ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ चुना. 

वहीं भारत से प्रस्थान करते समय जारी किए गए अपने संक्षिप्त वीडियो में उन्होंने फिल्म ‘लक्ष्य’ का गीत ‘ कंधों से मिलते हैं कंधे’  इस्तेमाल किया. दोनों ही गीत एकजुटता का संदेश देते हैं, इसलिए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तस्वीरों के लिए ये उपयुक्त विकल्प थे.

अपने भारत दौरे के दौरान, इब्राहिम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की. विपक्षी नेताओं के साथ भोज की तस्वीरें साझा करते हुए, इब्राहिम ने फिल्म ‘ वीर-ज़ारा’ का गीत ‘ऐसा देश है मेरा’ चुना. यह गीत भारत की सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाता है. 

लेकिन संगीत के मामले में उनकी सबसे दिलचस्प पसंद ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बारे में उनकी पोस्ट के लिए थी. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से मुलाकात के बारे में अपनी पोस्ट के लिए, इब्राहिम ने 1957 की फिल्म ‘ नया दौर’ का गीत ‘ साथी हाथ बढ़ाना’ चुना. यह गीत हाथ मिलाने और साथ मिलकर आगे बढ़ने के बारे में है, जो एकजुटता के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए बिल्कुल उपयुक्त है. 

एक और पोस्ट जिसने सबका ध्यान खींचा, वह थी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ इब्राहिम की तस्वीर, जिसके लिए उन्होंने 2001 में आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘ लगान’ का गीत ‘चले चलो’ चुना; जो एक साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है.

भारत ने कहा कि दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, जो “बेहद ध्रुवीकृत विश्व” की पृष्ठभूमि में हुआ, सफल रहा. शिखर सम्मेलन के बारे में बात करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “ब्रिक्स शिखर सम्मेलन बेहद ध्रुवीकृत विश्व में हो रहा था- दो प्रमुख संघर्ष, बड़े मतभेद और बहुत मजबूत राय और हित मौजूद थे. इस ध्रुवीकरण के बीच भी, हमने वास्तव में एक आम सहमति बनाई. अगर आप देखें तो, उस दिन का सबसे कठिन मुद्दा पश्चिम एशिया संघर्ष था. लेकिन हम एक ऐसा बयान जारी करने में सक्षम रहे जिससे सभी सहमत थे.”

उन्होंने आगे बताया कि शिखर सम्मेलन में कुल 32 प्रतिनिधिमंडल आए थे- जिनमें ब्रिक्स सदस्य देशों के 11 प्रतिनिधिमंडल, 10 साझेदार देश, चार क्षेत्रीय निकाय और सात अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल थे.

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नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन समाप्त हो चुका है, लेकिन इसकी गूंज भू-राजनीति से परे भी सुनाई दे रही है, और भारतीय संगीत इस सम्मेलन का एक अप्रत्याशित आकर्षण बनकर उभरा है. 

जैसे-जैसे लौट रहे विश्व नेता अपनी यात्रा की झलकियाँ साझा कर रहे हैं, इंटरनेट यूजर्स मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा अपनी प्रत्येक तस्वीर के लिए बॉलीवुड गानों के सावधानीपूर्वक चयन की चर्चा करते नहीं थक रहे हैं. 

इंटरनेट पर छाये मलेशिया के प्रधानमंत्री 

इंस्टाग्राम पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का भारत मंडपम में स्वागत करते हुए एक वीडियो पोस्ट करते हुए, जहां बैठकें आयोजित की गईं, इब्राहिम ने शाहरुख खान और काजोल-स्टारर फिल्म ‘ दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का गाना ‘तुझे देखा तो ये जाना सनम’ चुना. मलेशियाई प्रधानमंत्री का ये पोस्ट काफी वायरल हो गया.

पीएम मोदी के साथ एक और तस्वीर के लिए, उन्होंने शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर अभिनीत फिल्म ‘दिल तो पागल है’ का गाना ‘दिल तो पागल है’ का इस्तेमाल किया. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए अपनी तस्वीरों के लिए, मलेशियाई नेता ने 2000 में आई सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा अभिनीत फिल्म ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ का गीत ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ चुना. 

वहीं भारत से प्रस्थान करते समय जारी किए गए अपने संक्षिप्त वीडियो में उन्होंने फिल्म ‘लक्ष्य’ का गीत ‘ कंधों से मिलते हैं कंधे’  इस्तेमाल किया. दोनों ही गीत एकजुटता का संदेश देते हैं, इसलिए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तस्वीरों के लिए ये उपयुक्त विकल्प थे.

अपने भारत दौरे के दौरान, इब्राहिम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की. विपक्षी नेताओं के साथ भोज की तस्वीरें साझा करते हुए, इब्राहिम ने फिल्म ‘ वीर-ज़ारा’ का गीत ‘ऐसा देश है मेरा’ चुना. यह गीत भारत की सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाता है. 

लेकिन संगीत के मामले में उनकी सबसे दिलचस्प पसंद ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बारे में उनकी पोस्ट के लिए थी. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से मुलाकात के बारे में अपनी पोस्ट के लिए, इब्राहिम ने 1957 की फिल्म ‘ नया दौर’ का गीत ‘ साथी हाथ बढ़ाना’ चुना. यह गीत हाथ मिलाने और साथ मिलकर आगे बढ़ने के बारे में है, जो एकजुटता के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए बिल्कुल उपयुक्त है. 

एक और पोस्ट जिसने सबका ध्यान खींचा, वह थी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ इब्राहिम की तस्वीर, जिसके लिए उन्होंने 2001 में आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘ लगान’ का गीत ‘चले चलो’ चुना; जो एक साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है.

भारत ने कहा कि दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, जो “बेहद ध्रुवीकृत विश्व” की पृष्ठभूमि में हुआ, सफल रहा. शिखर सम्मेलन के बारे में बात करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “ब्रिक्स शिखर सम्मेलन बेहद ध्रुवीकृत विश्व में हो रहा था- दो प्रमुख संघर्ष, बड़े मतभेद और बहुत मजबूत राय और हित मौजूद थे. इस ध्रुवीकरण के बीच भी, हमने वास्तव में एक आम सहमति बनाई. अगर आप देखें तो, उस दिन का सबसे कठिन मुद्दा पश्चिम एशिया संघर्ष था. लेकिन हम एक ऐसा बयान जारी करने में सक्षम रहे जिससे सभी सहमत थे.”

उन्होंने आगे बताया कि शिखर सम्मेलन में कुल 32 प्रतिनिधिमंडल आए थे- जिनमें ब्रिक्स सदस्य देशों के 11 प्रतिनिधिमंडल, 10 साझेदार देश, चार क्षेत्रीय निकाय और सात अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल थे.

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