Surendra Koli Suicide: हरिद्वार में निठारी कांड के सुरेंद्र कोली ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वह हरिद्वार शहर कोतवाली के भूपतवाला इलाके में रहता था. कुछ दिनों से वहीं चाय की दुकान चला रहा था. उसी दुकान पर उसने फांसी लगाकर जान दे दी.
हरिद्वार में आत्महत्या और पुलिस जांच
हरिद्वार में बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. उन्होंने शव को अपने कब्जे में लेकर मौत की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी. कोली हाल ही में निठारी कांड के मामलों में बरी हो चुके थे. पुलिस अब उनकी मौत से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है.
निठारी कांड की शुरुआत और सबूतों की बरामदगी
2005-06 के दौरान निठारी इलाके में बच्चों और महिलाओं के लापता होने की घटनाओं ने पुलिस को चिंतित कर दिया था. लगातार शिकायतें आने के बाद 29 दिसंबर 2006 को पुलिस नोएडा के सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी डी-5 पहुंची. कोठी के पीछे नाले और आसपास की तलाशी में कई मानव खोपड़ियां, हड्डियां, कपड़े और अन्य वस्तुएं बरामद हुईं. इन सबूतों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया.
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गिरफ्तारी, सीबीआई जांच और आरोप
बरामदगी के बाद मोनिंदर सिंह पंढेर और उनके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार कर लिया गया. जनवरी 2007 में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई. पुलिस ने गुमशुदगी और अपराध से जुड़े कुल 19 एफआईआर दर्ज की थीं, जिनमें से 16 मामलों में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की. जांच के दौरान सुरेंद्र कोली पर हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे.