Radha Ashtami 2026 Aarti Lyrics: सनातन धर्म में राधा अष्टमी का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है. यह पावन पर्व श्रीराधा रानी के प्राकट्य दिवस के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. भक्त इस दिन राधारानी की पूजा-अर्चना, व्रत और भजन-कीर्तन करते हैं तथा सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं. बरसाना सहित देशभर के राधा-कृष्ण मंदिरों में इस अवसर पर विशेष आयोजन किए जाते हैं.
राधा अष्टमी कब है?
राधा अष्टमी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. इस दिन भक्त विधि-विधान से राधारानी की पूजा करते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, राधा अष्टमी पर राधा जी की आराधना करने से भगवान श्रीकृष्ण की भी कृपा प्राप्त होती है. पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और अष्टमी तिथि के समय का ध्यान रखना महत्वपूर्ण माना जाता है.
श्री राधाजी की आरती
॥ श्री राधाजी की आरती ॥
आरती राधाजी की कीजै।
आरती राधाजी की कीजै॥
कृष्ण संग जो करें निवासा,
कृष्ण करें जिन पर विश्वासा।
आरती वृषभानु लली की कीजै।
आरती राधाजी की कीजै॥
कृष्णचंद्र की करी सहाई,
मुख में आनि रूप दिखाई।
उस शक्ति की आरती कीजै।
आरती राधाजी की कीजै॥
नंदपुत्र से प्रीति बढ़ाई,
यमुना तट पर रास रचाई।
आरती रास रसाई की कीजै।
आरती राधाजी की कीजै॥
प्रेम की राह जिनसे बतलाई,
निर्गुण भक्ति नहीं अपनाई।
आरती राधाजी की कीजै।
आरती राधाजी की कीजै॥
दुनिया की जो रक्षा करती,
भक्तजनों के दुःख सब हरती।
आरती दुःख हरणी जी की कीजै।
आरती राधाजी की कीजै॥
दुनिया की जो जननी कहावे,
निज पुत्रों को धीर बंधावे।
आरती जगत माता की कीजै।
आरती राधाजी की कीजै॥
निज पुत्रों के काज संवारे,
रनवीरा के कष्ट निवारे।
आरती विश्वमाता की कीजै।
आरती राधाजी की कीजै॥
आरती राधाजी की कीजै।
आरती राधाजी की कीजै॥