Live TV
Search
Home > विदेश > Iran-US Attack: अमेरिका-ईरान में फिर छिड़ी जंग! लारक द्वीप पर अमेरिका का बड़ा हमला, ईरान ने भी किया खौफनाक पलटवार

Iran-US Attack: अमेरिका-ईरान में फिर छिड़ी जंग! लारक द्वीप पर अमेरिका का बड़ा हमला, ईरान ने भी किया खौफनाक पलटवार

Iran-US Attack: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच US सेना ने लारक द्वीप पर हमला कर दो लॉन्च सिस्टम तबाह कर दिए, जिसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस पर मिसाइलें दागीं.

Written By:
Last Updated: August 31, 2026 12:10:52 IST

Mobile Ads 1x1

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के ठीक बाद अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास स्थित लारक द्वीप पर बड़ा हमला कर दिया. अमेरिका का दावा है कि ईरानी सेना एक बड़ी कार्रवाई की फिराक में थी, जिसे वक्त रहते नाकाम कर दिया गया. वहीं, इस एयरस्ट्राइक के बाद बौखलाए ईरान ने भी अमेरिका को अंजाम भुगतने और विनाशकारी पलटवार की खुली चुनौती दे दी है.

जानिए आखिर लारक द्वीप पर उस वक्त क्या हुआ और कैसे इस एक हमले ने खाड़ी क्षेत्र में फिर से महायुद्ध के हालात पैदा कर दिए हैं.

ईरान का पलटवार और अमेरिका की नाकेबंदी

ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस, किंग हुसैन और अल-अज्रक के तकनीकी ढांचे और फाइटर जेट ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं. हालांकि, समाचार एजेंसी ‘अल अरबिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन ईरानी मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया.

यह पलटवार लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले के बाद देखने को मिला है. लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले दो लहरों में हुए, जिसमें कई लोग हताहत हुए हैं.

दूसरी ओर, अमेरिकी सेंटकॉम (CENTCOM) ने साफ किया है कि ईरान के खिलाफ उसकी समुद्री नाकेबंदी जारी है. सेंटकॉम के अनुसार, रविवार तक अमेरिकी सेना ने नाकेबंदी लागू करने के लिए 83 व्यावसायिक जहाजों के रास्ते बदले, 3 को बेअसर किया और 2 जहाजों पर बोर्डिंग करके जांच की.

IRGC की चेतावनी और आर्थिक तनाव

इस घटना के बाद IRGC ने एक बयान जारी कर सख्त चेतावनी दी है और हमले का बदला लेने की बात कही है. IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने अमेरिकी कार्रवाई को बड़ी भूल करार दिया.

हुसैन मोहेब्बी ने कहा, ‘आर्थिक युद्ध के बीच अमेरिकी प्रशासन का यह कदम एक घातक रणनीतिक गलती है. दुश्मन को इस गलतफहमी का खामियाजा सैन्य और आर्थिक दोनों मोर्चों पर भुगतना पड़ेगा.’

गौर करने वाली बात यह है कि यह सैन्य टकराव अमेरिकी खजाना मंत्री स्कॉट बेसेट द्वारा 24 अगस्त को ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट की घोषणा के बाद हुआ है. इस अभियान का मकसद ईरान के वैश्विक वित्तीय नेटवर्क और कमाई के स्रोतों को पूरी तरह से काटना है.

MORE NEWS

Home > विदेश > Iran-US Attack: अमेरिका-ईरान में फिर छिड़ी जंग! लारक द्वीप पर अमेरिका का बड़ा हमला, ईरान ने भी किया खौफनाक पलटवार

Written By:
Last Updated: August 31, 2026 12:10:52 IST

Mobile Ads 1x1

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के ठीक बाद अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास स्थित लारक द्वीप पर बड़ा हमला कर दिया. अमेरिका का दावा है कि ईरानी सेना एक बड़ी कार्रवाई की फिराक में थी, जिसे वक्त रहते नाकाम कर दिया गया. वहीं, इस एयरस्ट्राइक के बाद बौखलाए ईरान ने भी अमेरिका को अंजाम भुगतने और विनाशकारी पलटवार की खुली चुनौती दे दी है.

जानिए आखिर लारक द्वीप पर उस वक्त क्या हुआ और कैसे इस एक हमले ने खाड़ी क्षेत्र में फिर से महायुद्ध के हालात पैदा कर दिए हैं.

ईरान का पलटवार और अमेरिका की नाकेबंदी

ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस, किंग हुसैन और अल-अज्रक के तकनीकी ढांचे और फाइटर जेट ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं. हालांकि, समाचार एजेंसी ‘अल अरबिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन ईरानी मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया.

यह पलटवार लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले के बाद देखने को मिला है. लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले दो लहरों में हुए, जिसमें कई लोग हताहत हुए हैं.

दूसरी ओर, अमेरिकी सेंटकॉम (CENTCOM) ने साफ किया है कि ईरान के खिलाफ उसकी समुद्री नाकेबंदी जारी है. सेंटकॉम के अनुसार, रविवार तक अमेरिकी सेना ने नाकेबंदी लागू करने के लिए 83 व्यावसायिक जहाजों के रास्ते बदले, 3 को बेअसर किया और 2 जहाजों पर बोर्डिंग करके जांच की.

IRGC की चेतावनी और आर्थिक तनाव

इस घटना के बाद IRGC ने एक बयान जारी कर सख्त चेतावनी दी है और हमले का बदला लेने की बात कही है. IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने अमेरिकी कार्रवाई को बड़ी भूल करार दिया.

हुसैन मोहेब्बी ने कहा, ‘आर्थिक युद्ध के बीच अमेरिकी प्रशासन का यह कदम एक घातक रणनीतिक गलती है. दुश्मन को इस गलतफहमी का खामियाजा सैन्य और आर्थिक दोनों मोर्चों पर भुगतना पड़ेगा.’

गौर करने वाली बात यह है कि यह सैन्य टकराव अमेरिकी खजाना मंत्री स्कॉट बेसेट द्वारा 24 अगस्त को ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट की घोषणा के बाद हुआ है. इस अभियान का मकसद ईरान के वैश्विक वित्तीय नेटवर्क और कमाई के स्रोतों को पूरी तरह से काटना है.

MORE NEWS