Parliament Budget Session 2026 Key Highlights: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ईरान युद्ध को तीन सप्ताह से ज्यादा हो गए हैं. भारत के साथ आर्थिक ,सामरिक समस्या खड़ी हो गई है। भारत के एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं. भारत की चिंता स्वाभाविक है. भारत की संसद से एकमत एकजुट आवाज दुनिया में जाना चाहिए. हर भारतीय को खाड़ी देशों में जरूरी मदद दी जा रही है. दुर्भाग्य से कुछ लोगों की मौत हुई है और कुछ लोग घायल भी हुए हैं. हमारे विदेशी दूतावास सभी को मदद दे रहे हैं. भारत में और अन्य प्रभावित देशों ने 24 घंटे सातों दिन आपात हेल्प लाइन काम कर रही है कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है.
इसके अलावा, इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जहां तक कूटनीति का सवाल है, भारत की भूमिका एकदम साफ है. हम तनाव कम करने की वकालत करते रहे हैं. इसके अलावा, वे कहते हैं कि बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ते हैं. पीएम मोदी आगे कहते हैं कि इस युद्ध से पैदा हुई स्थिति का असर लंबे समय तक महसूस किया जाएगा. हमें तैयार रहना होगा और एकजुट रहना होगा.
प्रधानमंत्री ने यह भी आगाह किया कि कुछ तत्व इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं और इसीलिए क़ानून-व्यवस्था पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है.
लंच ब्रेक के लिए लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है. दोपहर 2 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर अपनी बात रखेंगे. इसके अलावा, राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पर तब विचार किया जाएगा, जब मंत्री द्वारा विधेयक को पेश करने का प्रस्ताव रखा जाएगा.
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही आज सुबह 11 बजे फिर से शुरू हो गई है. फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट, 2008 और कंपनीज़ एक्ट, 2013 में और बदलाव करने के लिए लोकसभा में कॉर्पोरेट लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल पेश करेंगी. पिछले हफ़्ते, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आठ विपक्षी सांसदों का सस्पेंशन रद्द कर दिया था, जिन्हें “अशिष्ट व्यवहार” के कारण बजट सेशन के बाकी समय के लिए रोक दिया गया था. बुधवार को, राज्यसभा ने 20 राज्यों के 59 सदस्यों को विदाई दी. सदन को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा. उनकी बातों के बाद, संसद सोमवार, 23 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई.
विपक्ष मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष से देश भर में कथित LPG की कमी पर चिंता जता सकता है. विपक्ष के चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव पर भी सदनों में रुकावट आने की संभावना है, जिसमें सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में कथित भेदभाव का हवाला दिया गया है. पिछले हफ़्ते पेश किए गए इस प्रस्ताव पर लोकसभा और राज्यसभा के 193 सांसद ने साइन किए हैं. इस बीच, गजेंद्र सिंह शेखावत, जयंत चौधरी, शोभा करंदलाजे, किरीट वर्धन सिंह, सुकांत मजूमदार और हर्ष मल्होत्रा समेत कई मंत्री लोकसभा में पेपर्स रखेंगे.
महिला सशक्तिकरण पर कमिटी की रिपोर्ट बीजेपी सासंद डी पुरंदेश्वरी और शोभनाबेन बरैया पेश करेंगी. यह गृह मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संबंध में “साइबर अपराध और महिलाओं की साइबर सुरक्षा” पर फोकस करेगा.
इस बीच, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के MP मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी और YSRCP MP गुम्मा थानुजा रानी आवास और शहरी मामलों की स्टैंडिंग कमिटी के बयान पेश करेंगे. इन रिपोर्ट में पिछली सिफारिशों पर सरकार की आखिरी कार्रवाई की डिटेल होगी, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को लागू करने के मूल्यांकन से जुड़ी सिफारिशें भी शामिल हैं.
कॉर्पोरेट लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2026 एक प्रस्तावित कानून है जिसका मकसद छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाकर, कुछ क्रिमिनल नियमों को सिविल सज़ा से बदलकर और छोटी फर्मों और स्टार्टअप्स के लिए कम्प्लायंस का बोझ कम करके बिज़नेस करने में आसानी को और बेहतर बनाना है.
लेटेस्ट अपडेट के लिए India News के साथ बने रहें….
पीएम मोदी का कहना है कि जहां तक कूटनीति का सवाल है, भारत की भूमिका एकदम साफ है. हम तनाव कम करने की वकालत करते रहे हैं. इसके अलावा, वे कहते हैं कि बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ते हैं. पीएम मोदी आगे कहते हैं कि इस युद्ध से पैदा हुई स्थिति का असर लंबे समय तक महसूस किया जाएगा. हमें तैयार रहना होगा और एकजुट रहना होगा.
प्रधानमंत्री ने यह भी आगाह किया कि कुछ तत्व इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं और इसीलिए क़ानून-व्यवस्था पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है.
किसानों को 22 लाख से अधिक सोलर पंप दिए गए हैं. इससे भी उनकी डीजल पर निर्भरता कम हुई है. सरकार किसानों की मदद करती रहेगी. गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है. आने वाले समय में बिजली की डिमांड बढ़ती जाएगी. पावर जेनरेशन से सप्लाई तक, सभी सिस्टम की मॉनिटरिंग की जा रही है. रिन्यूएबल एनर्जी से भी मदद मिली है. देश ने बड़े कदम उठाए हैं. आधा हिस्सा रिन्यूएबल सोर्स से आता है. बीते 11 वर्षों में देश ने अपनी सोलर पावर कैपेसिटी तीन गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट के पार पहुंचा दिया है. गोवर्धन योजना के तहत बॉयो गैस प्लांट भी काम करना शुरू कर चुके हैं. ये सारे प्रयास आज काम आ रहे हैं. सरकार ने न्यूक्लियर एनर्जी को भी प्रोत्साहित किया है. अगले पांच वर्षों में 1500 नई पावर कैपेसिटी जोड़ी जाएगी.
हमारा प्रयास है कि हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज सुरक्षित भारत पहुंचें. हम हर पक्ष से संवाद कर रहे हैं. ऐसे प्रयासों के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं. पिछले 10-11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्लेंडिंग पर बहुत काम हुआ है. पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है. इससे भी बचत हो रही है. हमने मेट्रो का नेटवर्क बढ़ाया है. हमने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बहुत अधिक बल दिया. आज वैकल्पिक ईंधन पर जिस कदर काम हो रहा है, भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा. एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है. ग्लोबल एनर्जी जरूरतों को पूरा करने वाला वेस्ट एशिया है. दुनियाभर की अर्थव्यवस्था वर्तमान संकट से प्रभावित हो रही है. सरकार इसके शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म असर के लिए भी रणनीति के साथ काम कर रही है.
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए. ये आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए. जबसे ये युद्ध शुरू हुआ है, तबसे ही प्रभावित क्षेत्रों में हर भारतीय को जरूरी मदद दी जा रही है. मैंने खुद पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया है. दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ लोगों की दुखद मृत्यु हुई है और कुछ लोग घायल हुए हैं. ऐसे मुश्किल हालात में परिवारजनों को मदद दी जा रही है.
3.75 लाख भारतीय युद्ध के दौरान भारत सुरक्षित लौटे है. ईरान से ही एक हजार भारतीय भारत लौटे है. सरकार संवेदनशील है. सतर्क भी है. भारत ने केमिकल,फर्टिलाइजर हरमूज रूट से आती है जो युद्ध के बाद चुनौतीपूर्ण हो गया है. हमारा फोकस है कि आपूर्ति ना बिगड़े. भारत 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है. पेट्रोल डीजल की सप्लाई भी सुनिश्चित करने के उपाय किए गए है. आज भारत 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है. कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी गई. हमारे पास 53 लाख मीट्रिक टन रिजर्व ऑयल है. सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर के साथ संपर्क में है. किसी भी तरह की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपाय किए जा रहे हैं.