नौकरी छोड़ने की वजह आमतौर पर कम सैलरी, बॉस का रवैया, काम का ज्यादा दबाव या बेहतर अवसर होता है. लेकिन सोशल मीडिया पर एक रिजिगनेशन लेटर वायरल हो रहा है, जिसमें नौकरी छोड़ने की वजह सिगरेट बताई गई है.
जानवी छाबड़ा नाम की एक युवती ने ऑफिस में फैलने वाली सिगरेट की बदबू और धुएं से परेशान होकर नौकरी छोड़ने का फैसला किया. आइए जानते हैं उनके इस्तीफे में ऐसा क्या खास था, जो चर्चा का विषय बना हुआ है.
ईमेल में बताया कारण
एक्स यूजर जाह्नवी छावड़ा ने कंपनी मैनेजमेंट को भेजे अपने इस्तीफे का एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर भी शेयर किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया. पोस्ट में उन्होंने बताया कि कंपनी में उनका आखिरी दिन 25 अगस्त 2026 होगा. अपने ईमेल में जाह्नवी ने लिखा कि वह सिगरेट की बदबू बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकतीं. उन्होंने इसे सहने और एडजस्ट करने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिरकार उनके लिए यह संभव नहीं रहा.
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बदलाव उन्हें नहीं, बल्कि उन लोगों को करना चाहिए, जिनकी वजह से यह परेशानी पैदा हो रही है. उनका यही बेबाक अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स को काफी पसंद आया.
ऑफिस में कहां होती थी स्मोकिंग?
पोस्ट वायरल होने के बाद ऑनलाइन कई यूजर ने जाह्नवी से कई सवाल पूछे। एक यूजर ने जानना चाहा कि क्या उनके सहकर्मी ऑफिस के अंदर ही सिगरेट पीते थे, इसके जवाब में जाह्नवी ने बताया कि कुछ लोग पैंट्री रूम और डायनिंग एरिया में स्मोक करते थे. हालाँकि, इसके बाद वे लॉबी में आकर बैठ जाते थे. इससे सिगरेट की गंध आसपास के पूरे इलाके में फैल जाती थी. जाह्नवी ने बताया कि इस परेशानी से बचने के लिए उन्होंने मास्क लगाकर काम करने की कोशिश भी की, लेकिन इससे भी समस्या हल नहीं हुई. लगातार पैसिव स्मोकिंग उनके लिए परेशानी का कारण बनी रही.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जाह्नवी का पोस्ट वायरल होते ही इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं. एक ओर जहां ज्यादातर यूजर्स ने उनके फैसले का समर्थन किया, वहीं कुछ लोगों का कहना था कि पैसिव स्मोकिंग सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है और कर्मचारियों को काम की जगह पर साफ हवा मिलनी चाहिए. इसके अलावा कई यूजर्स ने कंपनी की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर नो-स्मोकिंग पॉलिसी है, तो पैंट्री और लॉबी जैसी कॉमन जगहों पर स्मोकिंग कैसे हो रही थी. हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि इतनी छोटी बात पर नौकरी छोड़ना सही फैसला नहीं है. इसके बावजूद ज्यादातर प्रतिक्रियाएं जाह्नवी के समर्थन में ही नजर आईं. लोगों ने कहा कि नौकरी जरूरी है, लेकिन स्वास्थ्य से समझौता करना भी सही नहीं.