Kohinoor Diamond History: किसी ने लूटा तो किसी ने छीना, जानें 800 साल पुराने ‘कोहिनूर’ की 10 रोचक बातें
Kohinoor Diamond History: 800 साल पुराने कोहिनूर हीरे को लेकर सैकड़ों कहानियां हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इसे शापित हीरा माना गया है. हिंदू और फारसी मान्यताओं के अनुसार, कोहिनूर हीरे को शापित माना जाता है. इसके बारे में कहा जाता है ति जो भी इसे पहनेगा, वह दुनिया का मालिक होगा. इसके साथ ही यह दुर्भाग्य भी जुड़ा हुआ है कि वह परेशानी भी झेलेगा. ब्रिटेन के पास जो कोहिनूर है, उस पर भारत सहित पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान भी अपना दावा करते हैं. भारत ने तो कई बार इसे वापस लाने की मांग की है, लेकिन ब्रिटेन इसे हर बार खारिज कर देता है. दरअसल, यह भारत और अफगानिस्तान के पास रहा है. ऐसे में उनका भी दावा इस कोहिनूर हीरे पर होता है.
दुनियाभर में चर्चित है कोहिनूर
कोहिनूर हीरा विश्व के सबसे प्रसिद्ध और बेशकीमती और ऐतिहासिक हीरों में से एक है.
800 साल पुराना है इतिहास
कोहिनूर हीरे का इतिहास 800 साल पुराना है.
ब्रिटेन के पास है कोहिनूर हीरा
कोहिनूर हीरा वर्तमान में ब्रिटिश राजशाही के पास है.
आंध्र प्रदेश की खदानों से निकाला था कोहिनूर
आंध्र प्रदेश की गोलकुंडा खदानों से निकला कोहिनूर हीरा कभी भारत की शान था.
कट के बाद 105 कैरेट रह गया हीरा
शुरुआत में कोहिनूर हीरा मूल रूप से 793 कैरेट का था, फिर कटाई के बाद अब 105.6 कैरेट (21.6 ग्राम) का रह गया.
बाबर के पास भी रहा हीरा
एक दौर में यह हीरा मुगल शासकों के पास रहा, जिसमें बाबर और शाहजहां भी शामिल थे.
नादिरशाह ने लूटा था कोहिनूर हीरा
1739 में फारसी शासक नादिर शाह ने दिल्ली पर आक्रमण कर इसे लूट लिया था, जिसके बाद इसे 'कोहिनूर' नाम मिला.
रणजीत सिंह हाथ में बांधकर चलते थे हीरा
नादिर शाह के बाद यह हीरा अफगान शासकों से होता हुआ महाराजा रणजीत सिंह के पास पहुंचा. बताया जाता है कि वह इसे अपनी बांह में बांधकर चलते थे.
महारानी ही पहन सकती हैं हीरा
ब्रिटिश शाही परिवार में मान्यता है कि इस शापित हीरे को केवल महिला सदस्य (महारानी) ही पहन सकती हैं.
अंग्रेजों के पास पहुंचा हीरा
1849 में द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध के बाद अंग्रेजों ने लाहौर की संधि के तहत 10 वर्षीय महाराजा दलीप सिंह से इसे छीनकर महारानी विक्टोरिया को सौंप दिया था.