इन 7 समय पर चुप रहना बेहतर, भूलकर भी न करें बात, प्रेमानंद महाराज ने बताया कारण
Premanand Maharaj Advice: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज काफी लोकप्रिय संत हैं. उन्हें केवल हिंदू ही नहीं, मुस्लिम लोग भी काफी मानते हैं. लोग उनकी बताई हुई बातों को अपनी जिंदगी में अपनाते हैं. उनके प्रवचन सुनने वाले लोग उन्हें अपना गुरु मानते हैं. वहीं प्रेमानंद महाराज की बताई हुई बातें, जिंदगी के लिए भी बहुत जरूरी हैं. वे जिंदगी जीने के सलीकों से लेकर तरीके तक पर बात करते हैं. कुछ समय पहले उन्होंने बताया था कि कुछ काम करते समय बात नहीं करनी चाहिए. आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति के लिए इन जगहों पर शांत रहना जरूरी होता है. आइए जानते हैं कि किन जगहों पर नहीं बोलना चाहिए.
शौचालय में बात न करें
आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति फोन लेकर वॉशरूम चला जाता है और कुछ को वहां बैठकर बातें भी करते हैं. हालांकि प्रेमानंद महाराज के अनुसार, शौचालय में बिल्कुल बात नहीं करनी चाहिए.
स्नान करते समय न करें बात
प्रेमानंद महाराज का मानना है कि स्नान करते समय भी बातचीत नहीं करनी चाहिए। इस दौरान कुछ बोलना भी नहीं चाहिए. इस दौरान बात करना गलत माना जाता है.
माला जप करते समय न करें बात
माला जप करते समय या मंत्रों का जाप करते समय बीच में कुछ भी नहीं बोलना चाहिए. ऐसा करने से आपको पूजा या जप का फल कम मिलता है.
भोजन करते समय न करें बात
खाना खाते समय किसी से बात नहीं करनी चाहिए. ऐसा करने से पाचन खराब रहता है. वहीं शांत भाव से भोजन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है.
लघुशंका के समय न करें बात
संत प्रेमानंद महाराज का कहना है कि लघुशंका करते समय किसी से बातचीत नहीं करनी चाहिए. ऐसा करने से शरीर पर नेगेटिव असर पड़ता है. कहा जाता है कि लघुशंका के दौरान शरीर शुद्धि की प्रक्रिया में होता है और इसके कारण मौन रहना ही उचित है.
रास्ते में चलते हुए न करें बात
संत प्रेमानंद महाराज का कहना है कि अगर आप कहीं चल रहे हैं, तो आपको बात करने से बचना चाहिए. अगर किसी का फोन आ जाता है, तो रुककर बात करें. इससे आपके शरीर की एनर्जी कम खपत होती है और हादसों का खतरा भी कम रहता है.
जागने के तुरंत बाद न करें बात
संत प्रेमानंद महाराज के अनुसार, जब आप सोकर उठे हों तो तुरंत बात न करें. अगर जरूरी न हो, तो नींद से उठने के तुरंत बाद और सोते समय बातचीत न करें.