8
Sachin Tendulkar: सचिन तेंदुलकर को दुनिया के सबसे महान क्रिकेटरों में गिना जाता है. उन्होंने हमेशा टीम को अपनी परेशानी से ऊपर रखा. 1999 विश्व कप में पिता के निधन के बाद भी वह भारत के लिए खेलने लौट आए थे. इसी तरह 2003 विश्व कप में भी उन्होंने एक ऐसी पारी खेली, जिसे लोग आज तक याद करते हैं. यह घटना 2003 विश्व कप में भारतीय क्रिकेट टीम और श्रीलंका क्रिकेट टीम के बीच जोहानिसबर्ग में खेले गए मैच की है. मैच से पहले सचिन का पेट खराब था. उन्हें डायरिया हो गया था.
वह इतने बीमार थे कि दौड़ने में भी परेशानी हो रही थी. उन्हें डर था कि मैदान पर कोई शर्मनाक स्थिति न बन जाए, इसलिए उन्हें बल्लेबाजी करते समय अपने अंडरवियर में टिश्यू पेपर रखना पड़ा. अपनी किताब प्लेइंग इट माई वे में सचिन ने लिखा कि उन्होंने अपने पानी में एक चम्मच नमक मिला लिया था, ताकि जल्दी ठीक हो जाएं. लेकिन इससे उनका पेट और ज्यादा खराब हो गया. उन्होंने लिखा, “हालत इतनी खराब थी कि मुझे अंडरवियर में टिश्यू पेपर रखकर बल्लेबाजी करनी पड़ी. मैं बीच में मैदान छोड़कर रेस्ट रूम भी गया था.”
उस मैच में सचिन के साथ पारी की शुरुआत करने वाले वीरेंद्र सहवाग ने भी बाद में इस बात की पुष्टि की थी. इतनी परेशानी के बावजूद सचिन तेंदुलकर ने 120 गेंदों में 97 रन बनाए. वह 160 मिनट तक बल्लेबाजी करते रहे और भारत को 183 रन से जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई. इस मैच में जवागल श्रीनाथ ने 4 विकेट लिए और उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया.
डायरिया से जूझ रहे पूरे 2003 विश्व कप में सचिन ने 11 मैचों में 673 रन बनाए. उन्होंने 1 शतक और 6 अर्धशतक लगाए और भारत को फाइनल तक पहुंचाया. हालांकि फाइनल में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने भारत को हरा दिया. रिकी पोंटिंग ने 140 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया ने 359 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. जवाब में भारत की टीम सिर्फ 234 रन पर आउट हो गई. ग्लेन मैक्ग्रा ने शानदार गेंदबाजी की और ऑस्ट्रेलिया 125 रन से मैच जीत गया.