8th Pay Commission: खुशखबरी! कोरोना काल में रोके गए 18 महीने का मिलेगा महंगाई भत्ता? जानिए क्या है नई तैयारी
Covid 19 DA Arrears Update: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक अहम खबर सामने आ रही है. कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने कर्मचारियों का 18 महीने का महंगाई भत्ता (DA) रोक लिया था. कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस बकाए पैसे को देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई हल नहीं निकल सका था. अब 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की बैठकें शुरू हो चुकी हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में प्रलंबित 18 महीने के DA के मुद्दे पर कोई बड़ा और सकारात्मक फैसला हो सकता है.
क्यों रोका गया था 18 महीने का DA?
कोरोना काल में देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने जनवरी 2020 से जून 2021 तक की अवधि के दौरान केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों के DA की तीन किस्तों पर रोक लगा दी थी.
सरकार और कर्मचारी संगठनों का रुख
हालात सामान्य होने के बाद सरकार ने आगे का महंगाई भत्ता देना तो शुरू कर दिया, लेकिन उन 18 महीनों का बकाया (Arrears) कर्मचारियों को नहीं दिया गया. सरकार संसद में भी साफ कर चुकी थी कि यह राशि देना फिलहाल संभव नहीं है. कर्मचारी संगठनों ने इसके लिए कई बार सरकार से बात की और पत्र लिखे, लेकिन सफलता नहीं मिली.
8वें वेतन आयोग में फिर उठा मुद्दा
अब 8वें वेतन आयोग की बैठकों का दौर जारी है, जिसमें इस मांग को प्रमुखता से उठाया जा रहा है. इस समय नया वेतन आयोग कर्मचारियों के वेतन, फिटमेंट फैक्टर और अन्य भत्तों को लेकर अलग-अलग संगठनों से सुझाव और ज्ञापन ले रहा है. इसके लिए आयोग के प्रतिनिधिमंडल देश के प्रमुख शहरों का दौरा कर रहे हैं.
कर्मचारियों की बढ़ी उम्मीदें
कर्मचारी यूनियनों ने इस बार 18 महीने के बकाए DA की मांग को बहुत मजबूती से रखा है. हालांकि अभी सरकार या आयोग की तरफ से इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन बैठकों में बढ़ते दबाव को देखते हुए माना जा रहा है कि कर्मचारियों को इस बकाए पैसे पर कोई अच्छी खबर मिल सकती है.
जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में बना आयोग
गौरतलब है कि जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. यह तीन सदस्यीय आयोग है.
कब तक आएगी अंतिम रिपोर्ट?
नियम के मुताबिक, आयोग को गठन के 18 महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपनी होती है. इस हिसाब से आयोग मई या जून 2027 तक केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें और रिपोर्ट सौंप सकता है.