UP News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है. कहा जा रहा है कि यहां एक गर्भवती महिला को प्रसव का दर्द हुआ, तो घरवाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे. आरोप है कि अस्पताल में महिला को भर्ती नहीं किया गया. भर्ती करने के लिए परिजनों से 10000 रुपये मांगे गए. पैसे न दे पाने के कारण उन्हें भगा दिया गया. इसके बाद महिला ने आखिरकार अस्पताल के गेट के पास ही बच्चे को जन्म दे दिया. घटना की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था और वहां मरीजों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि महिला प्रसव पीड़ा के बीच सरकारी अस्पताल पहुंची थी. परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए उनसे 10 हजार रुपये की मांग की गई. परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी इसलिए उन्होंने इतनी रकम देने में असमर्थता जताई.
🚨 RAE BARELI, UP : A pregnant woman allegedly faced a demand for ₹10,000 at a government hospital for delivery. After she reportedly said she could not afford the amount, staff allegedly pushed her out, and she delivered her baby near the hospital gate. pic.twitter.com/TtJGstRGUL
— indiainlast24hr (@indiain24hr) October 4, 2026
अस्पताल के बाहर बच्चे का जन्म
आरोप है कि पैसे देने से मना करने के बाद महिला को अस्पताल से बाहर जाने के लिए कह दिया गया. उस वक्त उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी और प्रसव पीड़ा भी तेज हो चुकी थी. परिवार महिला को लेकर अस्पताल के बाहर पहुंचा ही था कि उसने वहीं बच्चे को जन्म दे दिया.
लोगों ने उठाए सवाल
अस्पताल के गेट के पास प्रसव होने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई. घटना का वीडियो या तस्वीरें सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया. लोगों ने सवाल उठाया कि जिस जगह गर्भवती महिला को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए थी. वहां उसे कथित तौर पर अस्पताल से बाहर क्यों जाना पड़ा.
बच्चे ने नहीं खोली आंख
इतना ही नहीं जन्म के बाद बच्चा न ही रोया और न ही उसने आंखें खोलीं. इस बात से उसके घरवाले काफी परेशान हो गए. उन्होंने उस बच्चे को जगाने की काफी कोशिश की. अंतत: उन्हें लगा कि बच्चा मर चुका है. अफरातफरी देखते हुए डॉक्टर बाहर आई. परिवार की एक महिला ने उससे झगड़ा करना शुरू कर दिया. इसी बीच बच्चे ने भी आंखें खोलीं. एक अन्य महिला अस्पताल से आई और उसने बच्चे को गोद में उठाकर महिला से अंदर चलने को कहा.
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