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एक दिन में रिकॉर्ड किए 10 भजन, घंटे भर में बिक गईं 90 हजार कैसेट; दिलचस्प है अनुराधा पौडवाल का सफर

Anuradha Paudwal: बॉलीवुड के रोमांटिक गानों से लेकर मंदिरों में गूंजने वाली आरतियों तक, अनुराधा पौडवाल की आवाज ने करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाई लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी लता मंगेशकर के गाने सुनकर अपनी गायकी निखारने वाली इस गायिका ने एक दिन में 10 भजन रिकॉर्ड करने की चुनौती स्वीकार की थी? उनकी जिंदगी में संघर्ष, शोहरत और दर्द के ऐसे कई मोड़ आए, जिन्होंने उनके सफर को खास बना दिया.

Last Updated: October 27, 2026 | 8:11 PM IST
She considered Lata Mangeshkar as her guru - Photo Gallery
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लता मंगेशकर को मानती थीं गुरु

अनुराधा पौडवाल ने संगीत की कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली थी. उन्होंने लता मंगेशकर के गाने सुनकर और उन्हें गुनगुनाकर अपनी गायकी को निखारा। वह लता को अपना गुरु मानती हैं. हालांकि उनका यह सफर आसान नहीं था. बताया जाता है कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि बेटी फिल्म इंडस्ट्री में गायिका बने. इसके बावजूद अनुराधा ने अपने शौक को करियर बनाया और अपनी आवाज के दम पर अलग पहचान हासिल की.

journey of playback singing began with a Sanskrit shloka - Photo Gallery
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संस्कृत श्लोक से शुरू हुआ प्लेबैक सिंगिंग का सफर

अनुराधा पौडवाल के करियर की शुरुआत साल 1973 में आई फिल्म 'अभिमान' से हुई. इस फिल्म में उन्होंने एक संस्कृत श्लोक गाया था, जिसे जया बच्चन पर फिल्माया गया था. फिल्म के संगीतकार एस. डी. बर्मन थे. एक छोटे से श्लोक से शुरू हुआ उनका सफर आगे चलकर सैकड़ों फिल्मों के गीतों तक पहुंचा. 90 के दशक में अनुराधा की आवाज रोमांटिक गानों की पहचान बन गई और उन्होंने कई सुपरहिट गीत दिए.

90,000 cassettes were sold in an hour - Photo Gallery
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घंटे भर में बिक गईं 90 हजार कैसेट

अनुराधा पौडवाल की जिंदगी का सबसे चौंकाने वाला किस्सा टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार से जुड़ा है. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि गुलशन कुमार ने नवरात्रि के लिए एक दिन में 10 भजन रिकॉर्ड करने को कहा. अनुराधा ने चुनौती स्वीकार की और सुबह करीब 9 बजे रिकॉर्डिंग शुरू हुई. उसी दिन सभी 10 भजन रिकॉर्ड किए गए. इसके बाद करीब एक लाख कैसेट बाजार में उतारे गए, जिनमें से लगभग 90 हजार कैसेट एक घंटे में बिक गए.

Brought the songs from 'Aashiqui' to the film - Photo Gallery
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आशिकी के गानों को फिल्म तक पहुंचाया

साल 1990 में रिलीज हुई फिल्म 'आशिकी' ने अनुराधा पौडवाल और कुमार सानू को जबरदस्त लोकप्रियता दिलाई. इस फिल्म से जुड़ा एक रोचक पहलू यह है कि अनुराधा ने तैयार किए गए गानों को निर्देशक महेश भट्ट को सुनाने का सुझाव दिया था. बताया जाता है कि गुलशन कुमार और नदीम-श्रवण के साथ कई गानों पर काम करने के बाद उन्होंने यह विचार रखा. महेश भट्ट को गाने पसंद आए और उनमें से कुछ 'आशिकी' का हिस्सा बने.

Fame gained from 'Dhak Dhak Karne Laga' - Photo Gallery
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'धक-धक करने लगा' से मिली शोहरत

फिल्म 'बेटा' का गाना 'धक-धक करने लगा' अनुराधा पौडवाल के करियर का यादगार गीत बना. इस गाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका पुरस्कार भी मिला लेकिन उनकी निजी जिंदगी में कई दुखद मोड़ आए. साल 1991 में उनके पति और संगीतकार अरुण पौडवाल का निधन हो गया. बाद में उन्होंने भक्ति संगीत पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया.

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