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मजबूरी में बने हीरो, फिर दशकों तक किया राज, लैब असिस्टेंट से बने हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार, एक्टिंग से लेकर ‘रेल गाड़ी’ रैप सॉन्ग से मचाया धमाल

Ashok Kumar: हिंदी सिनेमा में कई ऐसे सितारे हुए हैं, जिन्होंने अपनी अदाकारी से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई. दिग्गज एक्टर अशोक कुमार भी उन्हीं में से एक थे. 13 अक्टूबर 1911 को जन्मे अशोक कुमार को लोग प्यार से ‘दादामुनि’ कहते थे. उनका असली नाम कुमुदलाल गांगुली था. दिलचस्प बात यह है कि जिस अभिनेता ने फिल्मों में दशकों तक राज किया, वह कभी एक्टर बनना ही नहीं चाहते थे.

Last Updated: October 13, 2026 | 1:51 PM IST
came to become director but stardom as Actor - Photo Gallery
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डायरेक्टर बनने आए और हीरो बनकर छा गए

अशोक कुमार के पिता चाहते थे कि उनका बेटा वकालत करे लेकिन उनकी दिलचस्पी फिल्मों में थी. वह डायरेक्टर बनना चाहते थे. इसी सपने के साथ वह बॉम्बे टॉकीज स्टूडियो पहुंचे और वहां फिल्म की प्रोसेसिंग लैब में काम करने लगे. साल 1936 में फिल्म 'जीवन नैया' के लिए हीरो की जरूरत पड़ी. ऐसे में फिल्म निर्माता हिमांशु राय ने अशोक कुमार को एक्टिंग करने का मौका दिया. शुरुआत में वह कैमरे के सामने आने से हिचकिचा रहे थे लेकिन आखिरकार उन्हें यह जिम्मेदारी निभानी पड़ी. इसके बाद देविका रानी के साथ फिल्म अछूत कन्या में उनकी जोड़ी खूब पसंद की गई और वह लोगों के बीच पहचान बनाने लगे.

Kismat Made Star - Photo Gallery
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'किस्मत' ने बनाया सितारा

साल 1943 में आई फिल्म किस्मत अशोक कुमार के करियर की बड़ी हिट साबित हुई. इसमें उन्होंने एक ऐसे किरदार को निभाया, जो उस दौर के सीधे-सादे हीरो से काफी अलग था. फिल्म की जबरदस्त सफलता ने उन्हें हिंदी सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल कर दिया. इसके बाद उनका जादू चलता रहा.
साल 1949 में आई फिल्म महल में अशोक कुमार के साथ मधुबाला नजर आई थीं. फिल्म का गाना 'आएगा आने वाला', जिसे लता मंगेशकर ने गाया था, खूब लोकप्रिय हुआ. रहस्य और रोमांस से भरी इस फिल्म ने अशोक कुमार के करियर को एक नई पहचान दी.

Surprised everyone by singing 'Rail Gaadi' Rap Song - Photo Gallery
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'रेल गाड़ी' गाकर सबको चौंका दिया

अशोक कुमार सिर्फ शानदार एक्टर ही नहीं बल्कि अच्छे गायक भी थे. साल 1968 की फिल्म आशीर्वाद में उनका गाया गीत रेल गाड़ी आज भी याद किया जाता है. इसकी तेज लय और बोलने के अनोखे अंदाज ने इसे खास बना दिया. इसे हिंदी सिनेमा के शुरुआती रैप-जैसे गीतों में गिना जाता है. इसी फिल्म में उनकी एक्टिंग के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला.

Dadamuni was Kishore Kumar's elder brother - Photo Gallery
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किशोर कुमार के बड़े भाई थे दादामुनि

अशोक कुमार के छोटे भाई किशोर कुमार मशहूर गायक और एक्टर बने. वहीं अनूप कुमार ने भी फिल्मों में काम किया. अशोक कुमार पहले ही फिल्म इंडस्ट्री में बड़ा नाम बना चुके थे और परिवार के लिए प्रेरणा थे. उन्होंने चलती का नाम गाड़ी, खूबसूरत, खट्टा मीठा और शौकीन जैसी फिल्मों में भी यादगार भूमिकाएं निभाईं. उन्हें 1988 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, 1962 में पद्मश्री और 1999 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.

There were many interests beyond just movies - Photo Gallery
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फिल्मों के अलावा भी थे कई शौक

आपको जानकर हैरानी होगी कि एक्टिंग और डायरेक्शन के अलावा भी उन्हें काफी चीजों का शौक था. अशोक कुमार को पेंटिंग, होम्योपैथी और पुरानी कारों का शौक था. इंडस्ट्री और दादामुनि के परिवार में उस वक्त पहाड़ टूटा, जब 10 दिसंबर 2001 को 90 साल की उम्र में अशोक कुमार इस दुनिया को अलविदा कह गए.

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