पर्दे पर खौफ का दूसरा नाम, असल जिंदगी में समोसे के लिए करते थे मेहनत! दलीप ताहिल के अनसुने किस्से
Dalip Tahil: बॉलीवुड में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जो पर्दे पर हीरो से ज्यादा विलेन बनकर पहचान हासिल करते हैं. दलीप ताहिल भी उन्हीं में से एक हैं. ‘बाजीगर’ के मदन चोपड़ा से लेकर कई फिल्मों में सख्त पिता और रौबदार कारोबारी का किरदार निभाने वाले दलीप की असल जिंदगी भी कम दिलचस्प नहीं है. कभी उनका सपना पायलट बनने का था, तो कभी गर्लफ्रेंड को समोसा खिलाने के लिए उन्हें अतिरिक्त काम करना पड़ता था. आइए जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ दिलचस्प किस्से…
पायलट बनने का सपना
दलीप ताहिल के पिता भारतीय वायुसेना में थे. बचपन में उन्हें लड़ाकू विमानों को करीब से देखने और उड़ान का अनुभव लेने का मौका मिला. एक समय वह पायलट बनना चाहते थे लेकिन स्कूल में थिएटर से जुड़ने के बाद अभिनय का शौक बढ़ गया. नैनीताल के शेरवुड कॉलेज में उन्होंने 'My Three Angels' नाटक में जोसेफ का किरदार निभाया.
पहली फिल्म में रोल कटा
दलीप ने 1974 में श्याम बेनेगल की फिल्म 'अंकुर' से बॉलीवुड में कदम रखा. हालांकि, एडिटिंग के दौरान उनकी भूमिका का बड़ा हिस्सा हटा दिया गया. फिल्म के प्रीमियर पर अपना काम देखकर उन्हें काफी निराशा हुई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. थिएटर में काम पाने के लिए उन्होंने फोन डायरेक्टरी से निर्देशक अलिक पदमसी का नंबर खोजा और खुद फोन कर दिया. इस कोशिश से उन्हें नाटक 'Marat/Sade' में काम करने का मौका मिला.
गर्लफ्रेंड को समोसा खिलाने के लिए करते थे एक्स्ट्रा काम
फिल्मों में पहचान बनाने से पहले दलीप ताहिल विज्ञापन कंपनी लिंटास में काम करते थे. यहां वह विज्ञापनों की स्क्रिप्ट लिखने के साथ वॉइसओवर और जिंगल भी करते थे. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे अपनी गर्लफ्रेंड को मुंबई के मेट्रो सिनेमा में फिल्म दिखाने और समोसा खिलाने के लिए एक्सट्रा काम किया करती थीं.
'बाजीगर' के विलेन बने
फिल्म 'बाजीगर' में दलीप ने मदन चोपड़ा का किरदार निभाया था. इस भूमिका में उन्होंने शाहरुख खान के साथ कई दमदार दृश्य किए. किरदार का असर ऐसा हुआ कि लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर एक महिला प्रशंसक ने उनसे पूछ लिया कि उन्होंने शाहरुख को क्यों मारा. दलीप ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया कि शाहरुख ने भी उन्हें मारा था.
लंदन में किए करीब 400 शो
दलीप ताहिल ने बॉलीवुड के साथ अंतरराष्ट्रीय थिएटर में भी अपनी पहचान बनाई. साल 2002 में उन्हें संगीत नाटक 'Bombay Dreams' में काम करने का मौका मिला. इस प्रोजेक्ट के लिए दुनियाभर से करीब 3,000 लोगों ने ऑडिशन दिया था. दलीप का चयन हुआ और उन्होंने इस शो में अभिनय के साथ लाइव गायकी भी की. उन्होंने इसके करीब 400 शो किए. इससे उन्हें एक अलग पहचान मिली.