Madhur Bhandarkar Net Worth: च्युइंग गम बेचने से करोड़ों के नेट वर्थ तक, जानें कितने अमीर हैं मधुर भंडारकर
बॉलीवुड के मशहूर और यथार्थवादी फिल्में बनाने वाले निर्देशक मधुर भंडारकर का आज जन्मदिन है. अपनी मेहनत के दम पर 3 राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्मश्री सम्मान हासिल करने वाले भंडारकर का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है. आइए उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी, हिट फिल्मों और नेटवर्थ से जुड़ी खास बातें.
मधुर भंडारकर
मधुर भंडारकर एक भारतीय फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता हैं, जिन्हें समाज के विभिन्न पहलुओं को बड़े पर्दे पर जीवंत रूप से पेश करने के लिए जाना जाता है. उनकी फिल्में अक्सर समाज के गहरे मुद्दों को उजागर करती हैं और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं.
एक महाराष्ट्रियन सरस्वत ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले मधुर भंडारकर को उनके सिनेमाई योगदान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार और देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' से भी नवाजा जा चुका है.
शुरुआती संघर्ष
मधुर भंडारकर आज भले ही बॉलीवुड के बड़े निर्देशकों में शुमार किए जाते हैं, लेकिन एक ऐसा भी वक्त था जब उन्हें गुजारे के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा. उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल पर च्युइंग गम बेची और मुंबई के खार इलाके में एक वीडियो कैसेट लाइब्रेरी चलाई. कैसेट लाइब्रेरी चलाने के दौरान ही उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं. इसके बाद उन्हें फिल्म निर्माता अशोक गायकवाड़ के सहायक के रूप में काम करने का मौका मिला. आगे चलकर उन्होंने राम गोपाल वर्मा के सहायक के रूप में काम किया और मशहूर फिल्म "रंगीला" (1995) में एक छोटा सा रोल भी निभाया.
निर्देशन करियर और प्रमुख फिल्में
मधुर भंडारकर ने 1999 में फिल्म "त्रिशक्ति" से अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की, हालांकि यह बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा:
चाँदनी बार (2001/2002): तबू और अतुल कुलकर्णी स्टारर इस फिल्म को आलोचकों से जबरदस्त सराहना मिली और इसके लिए भंडारकर को पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला.
सत्ता (2003) व पेज 3 (2005): इन फिल्मों को भी काफी सराहा गया और भंडारकर ने दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया.
अन्य चर्चित फिल्में: "कॉर्पोरेट" (2006/2010), "ट्रैफिक सिग्नल" (2007), "जेल" (2009), और "फैशन" (2008)- जिसमें प्रियंका चोपड़ा और कंगना रनौत मुख्य भूमिकाओं में थीं.
फिल्म निर्माण की शैली
मधुर भंडारकर मुख्य रूप से नारी प्रधान (महिला केंद्रित) फिल्में बनाने के लिए प्रसिद्ध हैं.
उन्होंने "चाँदनी बार", "सत्ता", "पेज 3", "कॉर्पोरेट" और "फैशन" जैसी फिल्मों में महिलाओं को मुख्य पात्र के रूप में पेश किया है.
उनकी फिल्मों में अक्सर समलैंगिक पात्रों का समावेश होता है और वे समाज की कड़वी सच्चाई को बड़े पर्दे पर दिखाने के लिए जाने जाते हैं.
कुल संपत्ति (Net Worth)
कड़े संघर्ष और लगातार मेहनत के बल पर मधुर भंडारकर ने यह मुकाम हासिल किया है.
नेटवर्थ: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मधुर भंडारकर के पास लगभग 75 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति (Net Worth) है.