ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट कप्तान पैट कमिंस की गिनती आज के जमाने के सबसे महान तेज गेंदबाजों में होती है. अपनी रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ से वो दुनिया के बड़े से बड़े बल्लेबाज को मुश्किल में डाल देते हैं. लेकिन एक भारतीय बल्लेबाज ऐसा भी रहा, जिसके आगे कमिंस जैसे गेंदबाज भी बेबस नजर आते थे.
वह बल्लेबाज कमिंस को आउट करने का कोई मौका ही नहीं देता था और क्रीज पर डटकर उन्हें बुरी तरह थका देता था. दिलचस्प बात यह है कि कमिंस को परेशान करने वाला यह खिलाड़ी ना तो विराट कोहली थे और ना ही रोहित शर्मा.
कमिंस ने भारत के पूर्व टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के लिए यह बात कही थी. हालांकि, अब ये तीनों ही दिग्गज टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं. जहां पुजारा ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है, वहीं विराट और रोहित अब केवल वनडे (ODI) मैच खेलते हैं.
पुजारा बने सबसे बड़ी चुनौती
‘प्राइम वीडियो स्पोर्ट’ पर एक बातचीत के दौरान जब कमिंस से हर देश के सबसे कठिन बल्लेबाज का नाम पूछा गया, तो भारत का नाम आते ही उन्होंने बिना झिझक पुजारा को चुना. कमिंस ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘भारत की तरफ से मैं पुजारा का नाम लूंगा. उन्हें आउट करना सच में बेहद मुश्किल काम था. उनके खिलाफ गेंदबाजी करना ऐसा लगता था जैसे इंसान छोटी-छोटी तकलीफों से धीरे-धीरे परेशान हो रहा हो. अगर वो ठान लें, तो लगातार 100 गेंदे बिना कोई रन बनाए आराम से खेल सकते थे. वो गेंदबाज को गलती करने का कोई मौका ही नहीं देते थे.’
कंगारुओं के देश में बने टीम इंडिया के हीरो
भारतीय टीम ने जब ऑस्ट्रेलिया की धरती पर लगातार दो बार ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती, तो दोनों ही बार पुजारा टीम की सबसे मजबूत ढाल बने.
2018-19 का दौरा: विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचा. इस जीत की नींव पुजारा ने अपनी टिकाऊ बल्लेबाजी से रखी, जिसने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को पूरी तरह थका दिया था.
2020-21 का दौरा: जब भारत ने दोबारा ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीती, तब भी पुजारा चट्टान की तरह क्रीज पर डटे रहे. उन्होंने अपनी छाती, हाथों और शरीर पर गेंद के अनगिनत वार सहे, लेकिन हार नहीं मानी और टीम को हर मुश्किल स्थिति से बाहर निकालकर जीत दिलाई.