सैमसंग अपने प्रीमियम प्रोडक्ट्स के नाम पर ग्राहकों से मोटी रकम वसूलने में तो रत्ती भर की देर नहीं लगाता, लेकिन जब बात आफ्टर-सेल्स सर्विस देने की आती है, तो इसकी असली नीयत खुलकर सामने आ जाती है. कंपनी के फर्जी एस्टिमेट, गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों और अनचाहे पार्ट्स बेचने के गंदे खेल का एक और भयंकर मामला सामने आया है. एक पीड़ित ग्राहक को पहले तो स्पेयर पार्ट्स न होने का बहाना बनाकर टहलाया गया, फिर अयोग्य तकनीशियन भेजकर विज़िट फीस भी ऐंठ ली गई. हद तो तब हो गई जब रिपेयरिंग का बिल बिना किसी वजह के अचानक बढ़ा दिया गया. कंपनी के इस उत्पीड़न और लूट-खसोट से तंग आकर ग्राहक ने सोशल मीडिया पर ब्रांड की जमकर क्लास लगाई है.
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर Abhishek Tiwary (@abhishek2580123) नाम के ग्राहक ने सैमसंग इंडिया (@SamsungIndia) की पोल खोलते हुए एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़ित ग्राहक के मुताबिक, उनका The Frame TV खराब हो गया था. जब उन्होंने कंपनी से मदद मांगी, तो समाधान मिलने के बजाय उनका मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न शुरू हो गया.
My contact no. Is 7903386892. Will never purchase from now onwards samsung product as after sales service is worst. Service center & CRM department make me feel that u r not money minter for samsung so giving resolution to my complaint never exist in their priority list
— Abhishek Tiwary (@abhishek2580123) September 18, 2026
सैमसंग के सर्विस सेंटर का सच
ग्राहक का आरोप है कि टीवी खराब होने पर कंपनी के पास जरूरी स्पेयर पार्ट्स तक मौजूद नहीं थे. ऊपर से अनक्वालिफाइड (अयोग्य) तकनीशियन को घर भेज दिया गया, जिसने बिना काम किए सर्विस फीस भी वसूल ली. कंपनी की मंशा केवल अनचाहे पार्ट्स बेचकर ग्राहक की जेब खाली कराने की थी. इसके लिए रिपेयरिंग का एस्टिमेट कुछ ही दिनों के भीतर ₹14,000 से बढ़ाकर ₹15,600 कर दिया गया. कस्टमर केयर और CRM का घटिया रवैया: लगातार चक्कर काटने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो ग्राहक का गुस्सा फूट पड़ा.
‘सैमसंग के लिए ग्राहक सिर्फ पैसे ऐंठने का जरिया!’
सर्विस सेंटर और CRM डिपार्टमेंट के इस बर्ताव से आहत होकर अभिषेक तिवारी ने लिखा, ‘भविष्य में अब कभी भी सैमसंग का कोई प्रोडक्ट नहीं खरीदूंगा क्योंकि इनकी आफ्टर-सेल्स सर्विस सबसे घटिया है. इनके सर्विस सेंटर और CRM डिपार्टमेंट ने मुझे यह एहसास करा दिया कि आप सैमसंग के लिए नोट छाप कर देने वाली मशीन नहीं हैं, इसलिए आपकी शिकायत का समाधान करना उनकी प्राथमिकता सूची में कभी आता ही नहीं है.’
ग्राहक ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन वहां से भी जीरो एक्शन (कोई कार्रवाई नहीं) देखने को मिला. दूसरी तरफ, सैमसंग इंडिया ने हमेशा की तरह अपना रटा-रटाया मैसेज चेप दिया कि ‘हमारी टीम इस पर काम कर रही है’, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि ग्राहक आज भी अपने हक के लिए भटकने पर मजबूर है.