पटना के बापू सभागार में शनिवार को ‘बिहार राज्य महिला आयोग’ का रजत जयंती (25वीं वर्षगांठ) समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम का उद्घाटन उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया. कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार की ओर से महिलाओं के विकास, रोजगार और शिक्षा से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की गईं.
महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
1 करोड़ महिलाओं को रोजगार: उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने 1 करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है.
PhD करने के लिए स्कॉलरशिप: पीएचडी (PhD) करने वाली 1,000 महिलाओं को हर महीने ₹10,000 की फैलोशिप दी जाएगी. यह वित्तीय मदद 4 साल तक मिलेगी.
विशेष डाक टिकट जारी: महिला आयोग के 25 साल पूरे होने के मौके पर एक खास डाक टिकट जारी किया गया, जिस पर आयोग का लोगो (Logo) लगा हुआ है. आयोग के सदस्यों का कहना है कि हर नोटिस और पत्र पर यह टिकट लगने से समाज में एक विशेष संदेश जाएगा.
‘महिला आयोग बने राजनीतिक कार्यकर्ताओं की नर्सरी’
सम्राट चौधरी ने कहा कि महिला आयोग को सरकार को यह सुझाव देना चाहिए कि महिला कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए और बेहतर व्यवस्था कैसे बनाई जाए. उन्होंने इच्छा जताई कि महिला आयोग आगे चलकर महिला राजनीतिक कार्यकर्ताओं को तैयार करने का केंद्र बने.
संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को पाने के लिए चुनाव में कम से कम 40% टिकट महिलाओं को दिए जाने चाहिए.
‘बिहार में महिलाएं सबसे तेजी से आगे बढ़ रहीं’
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार की लगभग 60% जन-प्रतिनिधित्व की कमान महिलाओं के हाथों में है.
जीविका दीदियों का कमाल: ‘जीविका दीदियों’ के प्रयास से राज्य में करीब ₹1.36 लाख करोड़ का बाजार खड़ा हुआ है.
पहला महिला विश्वविद्यालय: बिहार देश का ऐसा पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां एक समर्पित महिला विश्वविद्यालय खोला जाएगा. इसमें कुलपति (VC) से लेकर कर्मचारी तक केवल महिलाएं होंगी.
सुधा के जरिए बकरी का दूध: जीविका दीदियों के आग्रह पर सरकार ने बकरी पालन को बढ़ावा दिया है और अब सुधा (COMPFED) के माध्यम से बाजार में बकरी का दूध भी बेचा जा रहा है.
रोजगार और बिजली बिल पर बात
सरकार के काम-काज का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया, 2020 में 10 लाख सरकारी नौकरी और 10 लाख रोजगार का वादा किया गया था. सरकार ने अब तक 11.50 लाख सरकारी नौकरियां और लगभग 43 लाख रोजगार के अवसर पैदा किए हैं. घरों में बचत को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सभी परिवारों को पहली 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी है.