बारिश में बिना ज्यादा मेहनत खिल उठेगी बालकनी, अगस्त में जरूर लगाएं ये फूलदार पौधे
Monsoon Gardening: मॉनसून का मौसम घर में पौधे लगाने के लिए अनुकूल माना जाता है. अगस्त में मिट्टी में बनी नमी फूलदार पौधों की शुरुआती ग्रोथ में मदद कर सकती है. गुलदाउदी, गुड़हल, गेंदा, बोगनवेलिया और सदाबहार जैसे पौधे गमलों में लगाए जा सकते हैं. हालांकि बारिश के मौसम में इन पौधों की देखभाल करते समय सबसे जरूरी है कि गमले में पानी जमा न हो और पौधों को पर्याप्त रोशनी व हवा मिलती रहे.
बारिश में गार्डनिंग का सही मौका
मॉनसून में चारों तरफ हरियाली बढ़ जाती है और मिट्टी में प्राकृतिक नमी बनी रहती है. यही वजह है कि अगस्त में कई फूलदार पौधों की ग्रोथ शुरू करने का अच्छा मौका मिल सकता है. बालकनी, छत या छोटे गार्डन में गमलों के जरिए भी घर को रंग-बिरंगा बनाया जा सकता है. बस ध्यान रखें कि लगातार बारिश के कारण गमले में पानी जमा न होने पाए.
गुलदाउदी से अभी शुरू करें तैयारी
गुलदाउदी को आमतौर पर सर्दियों में खिलने वाले फूलों के लिए जाना जाता है, लेकिन मॉनसून में इसकी ग्रोथ शुरू करने का अच्छा मौका मिल सकता है. अगस्त में लगाया गया पौधा धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है और ठंड का मौसम आने तक फूलों के लिए तैयार हो सकता है. इसे बहुत ज्यादा गीली मिट्टी में रखने से बचें और गमले में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था रखें.
गुड़हल से बढ़ाएं बालकनी की खूबसूरती
लाल, पीले, गुलाबी और कई रंगों में मिलने वाला गुड़हल घर की खूबसूरती बढ़ा सकता है. बारिश के मौसम में इसकी नई शाखाओं की ग्रोथ अच्छी हो सकती है, इसलिए इस दौरान कटिंग या छोटा पौधा लगाया जा सकता है. गुड़हल के लिए ऐसी मिट्टी बेहतर रहती है जिसमें पानी लंबे समय तक जमा न रहे. तेज बारिश के दौरान गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोशनी मिलती रहे.
गेंदा लगाएंगे तो खिल उठेगा गार्डन
कम समय में गार्डन को रंग-बिरंगा बनाने के लिए गेंदा अच्छा विकल्प हो सकता है. बारिश के मौसम में मिट्टी की नमी इसकी शुरुआती ग्रोथ में मदद कर सकती है. पौधे को ऐसी जगह रखें जहां बारिश के बाद पर्याप्त धूप या रोशनी मिल सके. गमले में पानी जमा होने से बचाएं और सूखी पत्तियों व मुरझाए फूलों को समय-समय पर हटाते रहें.
ज्यादा जगह है तो लगाएं बोगनवेलिया
अगर बालकनी, छत या गार्डन में थोड़ी ज्यादा जगह है तो बोगनवेलिया लगाया जा सकता है. इसके रंग-बिरंगे फूल और पत्तियां खुले स्थान की खूबसूरती बढ़ा सकते हैं. हालांकि इसे ज्यादा गीली मिट्टी पसंद नहीं होती. बारिश के दौरान गमले में पानी जमा न होने दें. बारिश रुकने के बाद पौधे को खुली रोशनी और पर्याप्त धूप मिलने दें.
कम देखभाल में खिलेंगे सदाबहार के फूल
सदाबहार यानी विंका गर्म और नम मौसम में अच्छी तरह बढ़ सकता है. अगर आप ऐसा फूलदार पौधा चाहते हैं जिसकी देखभाल बहुत ज्यादा न करनी पड़े, तो इसे गमले में लगाया जा सकता है. बारिश के दिनों में अलग से पानी देने की जरूरत कम हो सकती है, लेकिन मिट्टी को लगातार पानी में डूबा हुआ न रहने दें. सूखी और कमजोर शाखाओं को हटाते रहने से पौधा ज्यादा साफ और घना दिख सकता है.
बारिश में पौधों को पानी नहीं, जल निकासी चाहिए
मॉनसून में पौधों के लिए पानी की कमी से ज्यादा खतरा पानी जमा होने का रहता है. इसलिए ऐसे गमले चुनें जिनके नीचे पर्याप्त ड्रेनेज होल हों. भारी और बहुत ज्यादा पानी रोकने वाली मिट्टी से बचें. लगातार बारिश होने पर गमलों को ऐसी जगह रखना बेहतर है जहां जरूरत के मुताबिक हवा और रोशनी मिल सके और अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाए.
सही देखभाल से पूरी बारिश खिलेगा गार्डन
मॉनसून में फूलदार पौधों को लगाने के साथ उनकी नियमित निगरानी भी जरूरी है. पत्तियों पर फंगस के लक्षण, सड़ती जड़ें, सूखी पत्तियां और कमजोर शाखाएं दिखाई दें तो समय रहते ध्यान दें. पौधों को पर्याप्त रोशनी और हवा दें और जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें. सही गमला, भुरभुरी मिट्टी और अच्छी जल निकासी के साथ आपकी छोटी सी बालकनी भी रंग-बिरंगे फूलों से खिल सकती है.