Evergreen Song: 1985 में रिलीज हुई फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ में एक गाना है, जिसके बोल ‘एक राधा एक मीरा’ हैं. ये लगभग 8 मिनट लंबा गाना सुनते ही आज भी लोगों की आंखें नम हो जाती हैं. कहा जाता है कि इस गीत ने सिर्फ फिल्म में अपनी जगह नहीं बनाई बल्कि इसी से राज कपूर को पूरी फिल्म का आइडिया मिला था. कहानी शुरू होती है संगीतकार और गीतकार रविंद्र जैन से. वे एक समारोह में वह ‘एक राधा एक मीरा’ भजन गा रहे थे. इस भजन को राज कपूर ने सुना, तो वो काफी प्रभावित हुए.
राज कपूर ने उन्हें अपनी अगली आर.के. फिल्म के लिए संगीत देने की बात कही. इसी भजन को उन्होंने फिल्म का हिस्सा बनाने का फैसला किया. बताया जाता है कि गाने के भाव और राधा-मीराबाई के प्रेम की तुलना ने राज कपूर के मन में फिल्म की कहानी का एक विचार आया.
फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी की बात करें, तो फिल्म में राज कपूर ने नरेन का किरदार निभाया है. उनकी जिंदगी में दो महिलाएं हैं. एक गंगा (मंदाकिनी) है, जिससे नरेन प्यार करता है. वहीं दूसरी राधा है, जिससे उसका परिवार शादी कराना चाहता है. नरेन गंगा से शादी करके उसे छोड़कर वापस आ जाता है. वहीं गंगा का एक बेटा होता है, जिसे वो उसके पिता नरेन तक पहुंचाना चाहती है. इस पूरे सफर में गंगा काफी उतार-चढ़ाव झेलती है. वो एक कोठे तक पहुंच जाती है, जहां से नरेन के मौसा उसे नरेन की शादी में गाने और डांस करने के लिए लाते हैं.
लता मंगेशकर ने दी आवाज
जब गंगा नरेन की शादी में पहुंचती है, तो वो उस गाने को गाती है. गाने के बोल राधा और मीरा के बीच के अंतर को समझाते हैं. इस गाने को लता मंगेशकर ने आवाज दी है, जिसने इसे अमर बना दिया. रविंद्र जैन ने गीत के बोल लिखे और उन्होंने इसे संगीत भी दिया है. इस गाने को रिलीज हुए भले ही 41 साल हो गए हैं लेकिन गाना अब भी लोगों की आंखों में आंसू लाने के लिए काफी है.
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