Evergreen Song: फिल्म वीर जारा का एक गाना ‘तेरे लिए हम हैं जिए, होंठों को सिए’ सुनते ही आंखों के सामने शाहरुख खान और प्रीति जिंटा आ जाती हैं. वीर जारा का वो सीन जिसमें दोनों हग करते दिखाई देते हैं. 2004 में रिलीज हुई फिल्म की कहानी लोगों के जहन में जिंदी है. वहीं उसका गाना लोगों को भावुक करने के लिए काफी है. हालांकि हैरान करने वाली बात ये है कि ये गाना भले ही 17 साल पहले आई फिल्म वीर-जारा में सुनाई दिया हो लेकिन इस गाने की धुन लगभग 29 साल पुरानी है.
मदन मोहन ने बनाई थी धुन
इस गाने की धुन महान संगीतकार मदन मोहन ने बनाई थी. साल 1974 में उन्होंने फिल्म ‘मौसम’ के लिए कई धुनें तैयार की थीं. इसी दौरान ‘दिल ढूंढता है’ के अलग-अलग वर्जन के लिए भी धुनें बनाई गईं. इनमें से एक धुन का इस्तेमाल उस समय नहीं हो सका. कई साल बाद यही धुन ‘वीर जारा’ के गाने ‘तेरे लिए’ की बुनियाद बनी.
निधन के बाद बेटे ने सुरक्षित रखी थीं धुनें
मदन मोहन का 1975 में निधन हो गया था. उनके जाने के बाद उनकी कई पुरानी और इस्तेमाल न हुई धुनें सुरक्षित रखी गईं. उनके बेटे संजीव कोहली ने इन धुनों को संभालकर रखा. बाद में जब यश चोपड़ा ‘वीर जारा’ के संगीत पर काम कर रहे थे, तो उन्हें मदन मोहन की पुरानी धुनें सुनाई गईं. फिल्म के लिए करीब 30 धुनों को चुना गया और उनमें से कुछ को नए गानों में इस्तेमाल किया गया. ‘तेरे लिए’ के लिए जावेद अख्तर ने कहानी और किरदारों को ध्यान में रखते हुए नए बोल लिखे. इस तरह पुरानी धुन को एक नई प्रेम कहानी के साथ जोड़ दिया गया.
लता मंगेशकर भी हुईं भावुक
इस गाने की रिकॉर्डिंग लता मंगेशकर के लिए भी बेहद भावुक पल थी. वे मदन मोहन के साथ भी काफी रिकॉर्ड करती थीं. रिकॉर्डिंग के दौरान जब उन्हें मदन मोहन की पुरानी धुन और आवाज सुनाई गई, तो वह भावुक हो गई थीं. इस तरह ‘तेरे लिए’ सिर्फ एक रोमांटिक गाना नहीं बल्कि मदन मोहन की संगीत विरासत का हिस्सा भी बन गया.