खाने तक के नहीं बचे थे पैसे, 10 दिनों तक दिल्ली की सड़कों पर मांगी भीख, स्कैम का हुए शिकार, अब हैं सुपरस्टार
Rajkumar Rao: बॉलीवुड के टैलेंटेड एक्टर राजकुमार राव इंडस्ट्री में ऐसे एक्टर्स की लिस्ट में गिने जाते हैं, जो हर किरदार में जान डाल देते हैं. आज वे करोड़ों के मालिक हैं लेकिन एक समय ऐसा था, जब उनके पास खाना खाने तक के पैसे नहीं थे. उन्होंने पैसों की तंगी झेली और एक टाइम खाना खा कर रहते थे. उन्होंने अपने स्ट्रगल पीरियड के बारे में कई इंटरव्यू में बताया है. उन्होंने बताया था कि स्ट्रगल के दिनों में दब उनके पास पैसे नहीं होते थे, तब कई बार उन्हें भूखे पेट सोना पड़ता था. उन्होंने बताया था कि मनोज बाजपेयी को देखकर उन्हें एक्टिंग करने का मन हुआ. उन्होंने एक बार अपने साथ ऑडिशन के नाम पर हुए धोखाधड़ी का भी जिक्र किया.
मनोज बाजपेयी को देखकर आया एक्टिंग का ख्याल
राजकुमार राव हरियाणा के गुरुग्राम से ताल्लुक रखते हैं. बचपन से ही उन्हें फिल्मों में दिलचस्पी थी लेकिन एक्टर बनने का सपना उन्हें मनोज बाजपेयी की फिल्मों और उनकी शानदार एक्टिंग देखकर आया. राजकुमार को उनकी परफॉर्मेंस इतनी पसंद थी कि उन्होंने भी एक्टिंग को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया. इसके बाद उन्होंने एक्टिंग की पढ़ाई की और साल 2008 में FTII पुणे में दाखिला लिया. पढ़ाई पूरी करने के बाद वह मुंबई पहुंच गए। यहीं से उनके असली संघर्ष की शुरुआत हुई.
कभी 12 रुपये में भरना पड़ता था पेट
मुंबई आने के बाद राजकुमार के लिए खुद को संभालना काफी मुश्किल था. एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने उस दौर को याद करते हुए बताया था कि कई बार उन्हें सिर्फ 12 रुपये में अपना पूरा दिन निकालना पड़ता था. कभी-कभी पैसे इतने कम होते थे कि खाना खाने की जगह पानी पीकर ही गुजारा करना पड़ता था. उस समय वह लगातार काम की तलाश में थे और दिनभर ऑडिशन देने के लिए एक जगह से दूसरी जगह घूमते थे.
बैंक अकाउंट में थे 18 रुपये
साल 2009 के आसपास वह एक दिन में करीब 10 जगहों पर ऑडिशन देने पहुंच जाते थे. आने-जाने में ही काफी पैसे खर्च हो जाते थे. एक बार जब उन्होंने अपना बैंक अकाउंट चेक किया तो उसमें सिर्फ 18 रुपये बचे थे. हालांकि उनकी मां लगातार उनका हौसला बढ़ाती रहीं और जरूरत पड़ने पर आर्थिक मदद भी करती थीं.
दिल्ली की सड़कों पर मांगी भीख
राजकुमार की मेहनत का एक किस्सा और भी हैरान करने वाला है. थिएटर के दिनों में उन्हें एक भिखारी का किरदार निभाना था. किरदार को वास्तविक बनाने के लिए वह करीब 10 दिनों तक दिल्ली की सड़कों पर भिखारी की तरह रहे. लोग उन्हें सच में भिखारी समझ लेते थे और पैसे भी दे देते थे. राजकुमार ने इस अनुभव को अपने अभिनय के लिए इस्तेमाल किया और किरदार को करीब से समझने की कोशिश की.
ऑडिशन के नाम पर हुई ठगी
मुंबई आने से पहले और शुरुआती दिनों में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. एक बार उन्हें रोल दिलाने के नाम पर 10 हजार रुपये ठग लिए गए थे. बताया जाता है कि यह पैसे उनकी मां ने उधार लेकर दिए थे. इसके बावजूद राजकुमार ने हार नहीं मानी और लगातार ऑडिशन देते रहे.
पहले छोटे रोल से शुरू हुआ सफर
लगातार कोशिशों के बाद राजकुमार को साल 2010 में फिल्म 'रण' में छोटा सा रोल मिला. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में छोटे किरदार निभाए और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना ली. 'काई पो चे!', 'शाहिद', 'सिटीलाइट्स', 'न्यूटन', 'स्त्री' जैसी फिल्मों ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी. आज राजकुमार राव बॉलीवुड के चर्चित और सफल कलाकारों में गिने जाते हैं.