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कभी ढाबे पर बर्तन मांजने को रहे मजबूर, 28 रीटेक से शुरू हुआ करियर, ऑफिस-ऑफिस ने बदली जिंदगी

Sanjay Mishra: एक्टर संजय मिश्रा एक बेहतरीन एक्टर हैं. वे छोटे से शहर से निकलकर NSD तक पहुंचे. इसके बाद वे अपना करियर बनाने के लिए मुंबई पहुंचे. वहां उन्होंने काफी स्ट्रगल किया. उन्होंने मुंबई में छोटे-मोटे काम करके गुजारा किया. फिल्मों में छोटा-मोटा काम मिला, जिससे वे खुश नहीं थे. वे निराश होकर ढाबे तक पहुंचे. उन्होंने अपनी निजी जिंदगी में भी काफी उतार-चढ़ाव देखे. इसके बाद फिल्मों में दमदार वापसी की.

Last Updated: October 6, 2026 | 1:43 PM IST
The path is not easy even with NSD - Photo Gallery
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NSD के बावजूद भी राह नहीं आसान

संजय मिश्रा ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से पढ़ाई पूरी की. वे 1989 में ग्रेजुएट हुए. डिग्री मिलने के बाद उनके सामने काम की गारंटी नहीं थी. वह 1991 में मुंबई पहुंचे. उस समय इंडस्ट्री उन्हें किसी तय कैटेगरी में फिट नहीं कर पा रही थी. उन्होंने एक्टिंग के साथ-साथ लाइटिंग, आर्ट डायरेक्शन, कैमरा और फोटोग्राफी जैसे काम भी किए.

28 retakes were done for the first scene of Chanakya - Photo Gallery
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'चाणक्य' के पहले सीन में दिए 28 रीटेक

संजय को टेलीविजन पर शुरुआती का मौका मिला. उन्होंने 'चाणक्य' से करियर की शुरुआत की. यह उनके लिए इसलिए भी खास था क्योंकि वह कैमरे के सामने पहली बार काम कर रहे थे. कहा जाता है कि उन्हें पहले ही सीन में 28 रीटेक देने पड़े थे. ऐसा इसलिए क्योंकि वे कैमरा फेस करते हुए डायलॉग भूल जा रहे थे.

For nine years, 'no one knew' - Photo Gallery
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नौ साल तक 'कोई नहीं जानता था'

संजय मिश्रा ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि लगभग नौ साल तक वह फिल्म इंडस्ट्री में छोटे रोल करते रहे और उन्हें कोई खास पहचान नहीं मिली. जब एक्टिंग का काम नहीं मिलता, तो वह आर्ट डायरेक्शन में हाथ बंटाते थे. उनका कहना था कि वह सेट तैयार करते हुए दूसरे कलाकारों को काम करते देखते और इस तरह सीखते रहते थे.

Quit acting and worked at a dhaba - Photo Gallery
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एक्टिंग छोड़कर ढाबे पर किया काम

उनकी जिंदगी का सबसे भावुक किस्सा वह दौर है, जब फिल्म इंडस्ट्री से निराश होकर उन्होंने एक्टिंग से दूरी बना ली थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक वह ऋषिकेश में एक ढाबे पर काम करने लगे. वे पान की दुकान पर भी बैठे. हालांकि वे खुद को ज्यादा दिन तक कैमरे से दूर नहीं रख सके. उन्होंने इंडस्ट्री में वापसी की.

'Office Office' made its way into every household - Photo Gallery
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'ऑफिस ऑफिस' ने घर-घर पहुंचाया

संजय मिश्रा को असली लोकप्रियता टीवी के शो 'ऑफिस ऑफिस' से मिली. इसमें उनके 'शुक्ला' वाले किरदार ने दर्शकों को खूब हंसाया. इसके बाद 'गोलमाल' जैसी फिल्मों में उनकी कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें अलग पहचान दी. बाद में उन्होंने खुद को सिर्फ कॉमेडी तक सीमित नहीं रखा और 'आंखों देखी' तथा 'वध' जैसी फिल्मों में गंभीर भूमिकाओं से अपनी एक्टिंग क्षमता का दूसरा पक्ष दिखाया.

His father's death had shattered him - Photo Gallery
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पिता की मौत ने तोड़ दिया था

संजय मिश्रा की जिंदगी का बेहद मुश्किल दौर उनके पिता के निधन के बाद आया. हाल के एक पॉडकास्ट से जुड़ी रिपोर्ट के मुताबिक, पिता की मौत के बाद वह गहरे सदमे में चले गए थे. उन्होंने उस दौर की अपनी मानसिक स्थिति और श्मशान घाट से जुड़ा बेहद भावुक अनुभव भी शेयर किया था.

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