बचपन में हादसे ने छीन ली थी चलने की उम्मीद, फिर डांस से बनाई पहचान, IAS बनने का सपना और बनीं डांसिंग क्वीन
Shakti Mohan: कहते हैं कि अगर दिल में कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो मुश्किल से मुश्किल रास्ता भी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकता. डांसर और कोरियोग्राफर शक्ति मोहन की जिंदगी इस बात की मिसाल है. आज अपनी शानदार डांसिंग और कोरियोग्राफी से पहचान बनाने वाली शक्ति के लिए जिंदगी का सफर हमेशा आसान नहीं रहा. बचपन में एक हादसे ने उनके सामने ऐसी चुनौती खड़ी कर दी थी, जिससे उबरना भी किसी बड़ी जीत से कम नहीं था. हालांकि उन्होंने मुश्किलों के आगे हार मानने के बजाय अपने सपनों को पूरा करने की ठानी और आगे चलकर डांस की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई.
बचपन में झेला दर्द
शक्ति मोहन ने एक इंटरव्यू में अपने बचपन से जुड़ा एक मुश्किल दौर साझा किया था. उनके मुताबिक, एक गंभीर हादसे में उनकी टांग में फ्रैक्चर और रीढ़ की हड्डी में चोट आई थी. हालात ऐसे थे कि उनके दोबारा चल पाने को लेकर भी चिंता जताई गई थी. वह लगभग सात महीने तक ठीक से बैठ नहीं पाई थीं.
मां ने नहीं मानी हार
इस दौरान उनकी मां ने हिम्मत नहीं हारी और उनके ठीक होने में अहम भूमिका निभाई. वक्त के साथ शक्ति ने खुद को संभाला और आगे बढ़ती रहीं. शायद तब किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही बच्ची एक दिन अपने डांस से लाखों लोगों का दिल जीत लेगी.
आठ साल की उम्र से था डांस का शौक
शक्ति को महज आठ साल की उम्र से डांस पसंद था. संगीत बजते ही उनके कदम थिरकने लगते थे लेकिन अपने इस शौक को करियर में बदलने का फैसला करना उनके लिए आसान नहीं था. उन्हें डर था कि लोग डांस को एक गंभीर पेशे के रूप में नहीं देखेंगे. इसलिए उन्होंने पढ़ाई पर ध्यान दिया और सिविल सर्विसेज में जाने की तैयारी भी की लेकिन मन के किसी कोने में डांस के लिए उनका प्यार लगातार बना रहा. आखिरकार उन्होंने अपने दिल की आवाज सुनी और उसी राह पर चलने का फैसला किया, जिसमें उन्हें असली खुशी मिलती थी.
टेरेंस लुईस की परफॉर्मेंस ने दिखाया रास्ता
शक्ति की जिंदगी में एक ऐसा पल भी आया, जिसने उनके करियर की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई. कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस की लाइव परफॉर्मेंस देखने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि डांस सिर्फ शौक नहीं बल्कि एक शानदार करियर भी बन सकता है. इसके बाद उन्होंने टेरेंस लुईस डांस फाउंडेशन से प्रशिक्षण लिया और अपने हुनर को निखारने में जुट गईं. यह फैसला उनके लिए आगे बढ़ने का एक बड़ा कदम साबित हुआ.
डांस इंडिया डांस ने बदली किस्मत
शक्ति की मेहनत को असली पहचान साल 2009-10 में मिली, जब उन्होंने डांस इंडिया डांस सीजन 2 का खिताब अपने नाम किया. इस जीत ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई और उनके फैसले पर मुहर लगा दी कि डांस को करियर बनाना गलत नहीं था. इसके बाद उनके लिए नए अवसर खुलते चले गए. टीवी शोज और लाइव परफॉर्मेंस के साथ-साथ उन्होंने कोरियोग्राफी की दुनिया में भी अपनी जगह बनानी शुरू कर दी.
बहनों का साथ और परिवार से मिली ताकत
शक्ति मोहन चार बहनों वाले परिवार से आती हैं. उनकी बहन नीति मोहन ने गायिकी में नाम कमाया, मुक्ति मोहन डांस और एक्टिंग में हैं. वहीं कृति मोहन भी अपनी अलग पहचान रखती हैं. शक्ति ने परिवार के बारे में बात करते हुए बताया है कि उनके पिता ने कभी बेटा और बेटी में फर्क नहीं किया. परिवार से मिले इसी भरोसे और समर्थन ने उन्हें अपने सपनों की तरफ बढ़ने का हौसला दिया.
टीवी से बॉलीवुड तक पहुंचा हुनर
शक्ति ने अपनी पहचान सिर्फ एक डांस रियलिटी शो की विजेता तक सीमित नहीं रहने दी. उन्होंने फिल्म धूम 3 के गाने ‘कमली’ में असिस्टेंट कोरियोग्राफर के तौर पर काम किया. इसके बाद फिल्म पद्मावत के गाने 'नैनोवाले ने' की कोरियोग्राफी से भी जुड़ीं.