सनी देओल का ‘ढाई किलो का हाथ’ और दुश्मनों की कांपती रूह, इन 6 फिल्मों में दिखा एक्शन का असली तूफान
Sunny Deol: बॉलीवुड के एक्शन किंग सनी देओल किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. उन्होंने बहुत सी ऐसी फिल्में की हैं, जिनमें उन्होंने कभी देश के गद्दारों और कभी परिवार के दुश्मनों के छक्के छुड़ाए. फिल्म के डायलॉग भी काफी मशहूर हुए. इनमें ‘ढाई किलो का हाथ’ अच्छे-अच्छे विलेन की सिट्टी-पिट्ठी गुम कर देता है. ये डायलॉग आज भी बच्चे-बच्चे की जुबान पर है. आज हम आपको उनकी कुछ फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने दुश्मनों की रूह कंपा दी.
गदर: एक प्रेम कथा
गदर: एक प्रेम कथा के दो पार्ट रिलीज हो चुके हैं. पहला पार्ट साल 2001 में आया था और दूसरा पार्ट 2023 में. पहली फिल्म में जब सनी देओल ने पाकिस्तान जाकर हैंडपंप उखाड़ा तो दुश्मनों के होश उड़ गए थे. इसके दूसरे पार्ट में भी उन्होंने हथौड़ा उठाकर अकेले ही पूरे पाकिस्तान की सेना और विलेन्स की नींद उड़ा दी थी. फिल्म में उन्होंने तारा सिंह का किरदार निभाया था.
बॉर्डर
1971 के लोंगेवाला युद्ध पर आधारित इस ऐतिहासिक फिल्म बनी बॉर्डर 1997 में रिलीज हुई. फिल्म में सनी देओल ने मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी का किरदार निभाया था. मुट्ठी भर जवानों के साथ रातभर पाकिस्तानी सेना के टैंकों और सैनिकों धूल चटाने वाला उनका यह रूप लोगों को काफी पसंद आया था.
घायल
1990 में आई घातक ने सनी देओल को बॉलीवुड का सबसे एंग्री यंग मैन बना दिया. विलेन बलवंत राय (अमरीश पुरी) के साम्राज्य को नेस्तनाबूद करने वाले 'अजय मेहरा' के गुस्से और 'जैकपॉट' वाले सीन फैंस को काफी पसंद आए थे.
घातक
1996 में आई घातक को भी लोगों ने काफी पसंद किया था. काशीनाथ के रोल में सनी देओल ने बनारस से मुंबई आकर खूंखार विलेन कात्या और उसके सात भाइयों के आतंक को अकेले दम पर खत्म किया था. फिल्म का डायलॉग 'ये मजदूर का हाथ है कात्या' काफी फेमस हुआ था.
दामिनी
1993 में आई फिल्म दामिनी में सनी देओल ने कैमियो किया था. वे फिल्म में वकील बने थे. उनके कोर्टरूम ड्रामे ने फिल्म की पूरी महफिल लूट ली. उनका आइकॉनिक डायलॉग "तारीख पर तारीख..." और "चिल्लाओ मत, नहीं तो ये केस यहीं रफा-दफा कर दूंगा" ने भ्रष्ट सिस्टम और अपराधियों की रातों की नींद हराम कर दी थी.
इंडियन
2001 में आई फिल्म इंडियन में सनी देओल ने DCP राज शेखर आज़ाद नाम के एक बेहद ईमानदार और जांबाज पुलिस अफसर का किरदार निभाया था. उन्होंने देश के गद्दारों, भ्रष्ट नेताओं और आतंकवादियों को उनके ही घर में घुसकर खत्म किया था.