Who is IPS Preeti Yadav: 22 साल की उम्र में क्लियर किया UPSC, ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल; कौन हैं नोएडा जोन-1 की पहली महिला DCP प्रीति यादव?
Who is IPS Preeti Yadav: अपने पिता को पुलिस की वर्दी में देखकर एक बेटी ने भी कभी वैसी ही वर्दी पहनने का सपना देखा था. लेकिन प्रीति यादव का लक्ष्य सिर्फ पुलिस डिपार्टमेंट में नौकरी पाना नहीं था, बल्कि इंडियन पुलिस सर्विस में शामिल होकर बड़ी ज़िम्मेदारी लेना था. सिर्फ़ 22 साल की उम्र में रेवाड़ी की प्रीति यादव ने UPSC सिविल सर्विस परीक्षा ऑल इंडिया रैंक 466 के साथ पास करके IPS ऑफिसर बनने का अपना सपना पूरा किया. चंडीगढ़ पुलिस में हेड कांस्टेबल रहे अपने पिता और उनके शानदार एकेडमिक परफॉर्मेंस से प्रेरित होकर, वह अब नोएडा ज़ोन 1 की पहली महिला DCP बनी हैं.
कौन हैं IPS प्रीति यादव?
उत्तर प्रदेश कैडर की 2019 बैच की IPS ऑफिसर प्रीति यादव मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं. उनका जन्म 10 अप्रैल, 1996 को हुआ था. उनके पिता मुकेश यादव चंडीगढ़ पुलिस में हेड कांस्टेबल थे. बचपन से ही उन्होंने अपने पिता को पुलिस की वर्दी में देखा और सिविल सर्विस में जाने का सपना देखा. अपने परिवार के सपोर्ट और अपनी मेहनत से उन्होंने इस लक्ष्य को पाने की ओर कदम बढ़ाए.
12वीं क्लास में 96.2 परसेंट, ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल
प्रीति यादव हमेशा से एक होशियार स्टूडेंट रही हैं. उन्होंने ह्यूमैनिटीज (आर्ट्स) स्ट्रीम में 12वीं क्लास 96.2 परसेंट मार्क्स के साथ पास की. इसके बाद उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से जियोग्राफी में BA ऑनर्स किया. उन्होंने अपने ग्रेजुएशन में बहुत अच्छा परफॉर्म किया, यूनिवर्सिटी में टॉप किया और गोल्ड मेडल जीता. उनकी एकेडमिक उपलब्धियां सिविल सर्विसेज़ की तैयारी से पहले ही पढ़ाई के प्रति उनके डेडिकेशन को दिखाती हैं.
22 साल की उम्र में पहली कोशिश में UPSC एग्जाम पास किया
प्रीति यादव ने बचपन से ही सिविल सर्विसेज़ में जाने का सपना देखा था. उन्होंने इस लक्ष्य को पाने के लिए अपनी पढ़ाई और तैयारी पर फोकस किया. वह UPSC सिविल सर्विसेज़ एग्जाम 2018 में शामिल हुईं और पहली कोशिश में ही सफल हो गईं. अप्रैल 2019 में आए रिजल्ट में, उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 466 हासिल की.उस समय, वह सिर्फ 22 साल की थीं. इसके बाद, 26 अगस्त, 2019 को, वह इंडियन पुलिस सर्विस में शामिल हो गईं और उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला. इस तरह, एक पुलिस ऑफिसर की बेटी ने अपनी मेहनत से IPS ऑफिसर बनने का सपना पूरा किया.
सहारनपुर से गौतम बुद्ध नगर
अपनी IPS ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, प्रीति यादव ने उत्तर प्रदेश पुलिस में कई पदों पर काम किया. उनके करियर में एक अहम पड़ाव सहारनपुर में उनकी पोस्टिंग थी. फिर वह गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में शामिल हो गईं, जहाँ उन्होंने महिला सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े डिपार्टमेंट में काम किया.उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑफिशियल रिकॉर्ड में उनकी मौजूदा रैंक एडिशनल SP के तौर पर दिखाई गई है, और उन्हें गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में पोस्ट किया गया था. पुलिस सर्विस में उनके अनुभव के साथ, उन्हें अहम ज़िम्मेदारियाँ दी गई हैं.
नोएडा ज़ोन की पहली महिला DCP बनीं
गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने एडमिनिस्ट्रेटिव फेरबदल के तहत प्रीति यादव को नोएडा ज़ोन-1 का DCP अपॉइंट किया है. पहले, IPS साद मियां खान इस पद पर थे. आगरा कमिश्नरेट में उनके ट्रांसफर के बाद, यादव को यह पद दिया गया.
इस अपॉइंटमेंट के साथ, वह नोएडा ज़ोन की पहली महिला डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस बन गई हैं. महिला सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े डिपार्टमेंट में काम करने का उनका अनुभव उनके नए रोल में काम आएगा. नोएडा जैसे ज़रूरी शहरी इलाके में लॉ एंड ऑर्डर और सिविल सिक्योरिटी उनकी खास ज़िम्मेदारियों में से एक होगी.
पुलिस यूनिफॉर्म के अलावा आर्ट में दिलचस्पी
प्रीति यादव सिर्फ़ एक पुलिस ऑफिसर के तौर पर ही नहीं जानी जातीं. उन्हें पेंटिंग और आर्ट में भी दिलचस्पी है. पुलिस सर्विस की बिज़ी ज़िम्मेदारियों के बीच आर्ट के लिए समय निकालना उनकी पर्सनैलिटी का एक अनोखा पहलू दिखाता है. उनकी कहानी यह भी दिखाती है कि प्रोफेशनल फील्ड में ज़िम्मेदारियां निभाते हुए पर्सनल इंटरेस्ट बनाए रखना मुमकिन है.
युवाओं के लिए इंस्पिरेशन
एक हेड कांस्टेबल की बेटी से लेकर नोएडा ज़ोन की पहली महिला DCP बनने तक, प्रीति यादव का सफ़र कई युवाओं के लिए इंस्पिरेशन है. खासकर सिविल सर्विसेज़ की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए, उनकी कहानी सिखाती है कि साफ़ लक्ष्य, लगातार कड़ी मेहनत और परिवार का सपोर्ट सफलता का रास्ता बनाने में अहम रोल निभाते हैं.