क्रिकेट से बैन होंगे यशस्वी जायसवाल? मैदान पर गुंडागर्दी पड़ेगी भारी, ICC सुना सकती है सबसे बड़ी सजा!
Yashasvi Jaiswal Sledging Row: श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का आक्रामक रूप देखने को मिला. असिता फर्नांडो की गेंद पर आउट होने के बाद दोनों खिलाड़ी आपस में भिड़ गए और बात सिर टकराने तक पहुँच गई. मैदान पर हुई इस गहमागहमी के बाद अब यशस्वी पर ICC के नियम उल्लंघन का बड़ा खतरा मंडरा रहा है. जानिए इस पूरे विवाद और उन पर लग सकने वाले संभावित बैन की पूरी रिपोर्ट.
मैदान पर गरमाया माहौल
भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब भारतीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो आपस में भिड़ गए. फर्नांडो ने जायसवाल को आउट करने के बाद कुछ टिप्पणी की, जिससे बात बढ़ गई और दोनों के सिर आपस में टकरा गए. बाद में अन्य खिलाड़ियों ने बीच-बचाव करके मामले को शांत कराया.
विकेट गिरने के बाद हुआ विवाद
असिता फर्नांडो ने 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर यशस्वी जायसवाल को 45 रन (53 गेंद) पर आउट कर दिया था. इसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई और कई श्रीलंकाई खिलाड़ी वहां इकट्ठा हो गए. दूसरे छोर पर मौजूद देवदत्त पडिक्कल ने यशस्वी को मैदान से बाहर ले जाने की कोशिश की, लेकिन यशस्वी गेंदबाज फर्नांडो की तरफ बढ़ते रहे, जिसके चलते दोनों के सिर टकरा गए.
ICC नियमों के तहत लेवल 4 का अपराध
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों के अनुसार, मैच के दौरान किसी खिलाड़ी के साथ शारीरिक हमला, हिंसा या लड़ाई-झगड़ा करना (जैसे सिर टकराना, मुक्का या लात मारना) 'लेवल 4' का गंभीर अपराध माना जाता है. इस घटना के कारण यशस्वी जायसवाल पर भारी जुर्माना और बड़ी सजा का खतरा मंडरा रहा है.
लग सकता है लंबा प्रतिबंध
ICC के 'लेवल 4' उल्लंघन के लिए बेहद सख्त सजा का प्रावधान है. इसके तहत दोषी खिलाड़ी पर न्यूनतम 5 टेस्ट मैच या 10 वनडे मैचों का प्रतिबंध लग सकता है, जो अधिकतम आजीवन प्रतिबंध तक बढ़ाया जा सकता है. अब यह देखना होगा कि मैच अधिकारी इस घटना को कितना गंभीर मानते हैं और यशस्वी पर क्या कार्रवाई होती है.
दलीप ट्रॉफी में भी कर चुके हैं ऐसी हरकत
यशस्वी जायसवाल के साथ मैदान पर इस तरह का विवाद पहली बार नहीं हुआ है. साल 2022 के दलीप ट्रॉफी फाइनल में साउथ जोन के खिलाड़ी टी. रवि तेजा के साथ उनकी लगातार बहस हुई थी. अंपायर की चेतावनियों के बावजूद जब मामला शांत नहीं हुआ, तो वेस्ट जोन के तत्कालीन कप्तान अजिंक्य रहाणे ने यशस्वी को अनुशासन बनाए रखने के लिए मैदान से बाहर ड्रेसिंग रूम भेज दिया था.