श्रीलंका के कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम की स्थिति भले ही मजबूत दिख रही हो, लेकिन क्या पहली पारी में 213 रनों की बढ़त के बाद श्रीलंका को फॉलोऑन थमाना एक बड़ी भूल साबित हो सकता है? हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल का यह फैसला आक्रामक जरूर नजर आता है, लेकिन कोलंबो के बदलते मिजाज और मंडराते बादलों ने अब भारत के लिए खतरे की घंटी बजा दी है. बारिश की आशंका के बीच बिना ब्रेक के गेंदबाजों को मैदान पर उतारना और चौथी पारी के संभावित जोखिम को नजरअंदाज करना भारत का बना-बनाया खेल बिगाड़ सकता है. अगर श्रीलंका दूसरी पारी में कुछ घंटे भी टिक गई, तो गंभीर का यह दांव उल्टा पड़ सकता है और हाथ में आया मैच भारत से फिसल सकता है.
1. कोलंबो में बारिश, धुल सकता है खेल
कोलंबो में सुबह 11 बजे से ही हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारों का दौर शुरू हो चुका है, जहां नमी 75% बनी हुई है. ऐसे में ओवरों की भारी कटौती होना तय माना जा रहा है. फॉलोऑन देने का सीधा मतलब है कि भारत को अब हर हाल में श्रीलंका के 10 विकेट जल्दी चटकाने होंगे. अगर बारिश की वजह से खेल लगातार बाधित होता है और सिर्फ 2-3 सेशन का खेल ही हो पाता है, तो भारत को ऑलआउट करने का समय ही नहीं मिलेगा. फॉलोऑन देकर मैच जीतने का दांव यहाँ पूरी तरह फंस सकता है.

2. बैक-टू-बैक गेंदबाजी से गेंदबाजों पर थकान
कोलंबो की भारी उमस और 30°C तापमान के बीच भारतीय गेंदबाजों ने पहली पारी में 88 ओवर फेंके हैं. बिना किसी ब्रेक के तुरंत दूसरी पारी में भी ओवर फेंकने से गेंदबाजों पर असर पड़ना लाजमी है. तरोताजा होकर हमला करने के बजाय लगातार स्पेल डालना गेंदबाजों को थका सकता है, जिससे सेट हो चुके श्रीलंकाई बल्लेबाजों को पैर जमाने का पूरा मौका मिल जाएगा.
3. चौथी पारी में छोटा लक्ष्य भी दे सकता है टेंशन
अगर फॉलोऑन खेलते हुए श्रीलंका अपनी दूसरी पारी में 213 रन की बढ़त को पार कर जाती है और भारत को आखिरी दिन 70-80 रनों का लक्ष्य मिलता है, तो खराब रोशनी और बारिश के साए में कम समय में रन बनाना बेहद जोखिमभरा हो सकता है. फॉलोऑन न देकर अगर भारत तेजी से 150 रन बनाकर 360+ का टारगेट सेट करता, तो भारत पूरी तरह से सुरक्षित रहता और हार का खतरा खत्म हो जाता.
मैच का हाल?
खबर लिखे जाने तक श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में 13.5 ओवरों में 1 विकेट के नुकसान पर 60 रन बना लिए हैं और वह अभी भी भारत से 159 रन पीछे है. लहिरु उदारा (3) के रूप में मोहम्मद सिराज ने भारत को पहली सफलता जरूर दिलाई, लेकिन इसके बाद कामिल मिशारा (30*) और पासिंदु सूर्यबंदरा (27*) ने 55 रनों की नाबाद साझेदारी करके भारतीय गेंदबाजों को तरसाना शुरू कर दिया है.