IND VS SL: कोहली, पुजारा और अजिंक्य रहाणे की अजिंक्य रहाणे की तिकड़ी लंबे समय तक भारतीय टीम के टॉप आर्डर की जन बनी हुई थी. लेकिन इनके जाने के बाद अब इंडियन टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है.टीम मैनेजमेंट लंबे समय से ऐसे भरोसेमंद बल्लेबाजों की तलाश में था जो मुश्किल हालात में क्रीज पर टिक सकें. भारतीय टीम की यह तलाश श्रीलंका दौरे पर पूरी होती दिख रही है.
टीम इंडिया का नया टॉप ऑर्डर
श्रीलंका दौरे पर देवदत्त पडिक्कल, कप्तान शुभमन गिल और ध्रुव जुरेल की तिकड़ी ने अपने बेजोड़ डिफेंस और कंट्रोल से यह साबित कर दिया है कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित और मजबूत हाथों में है. तीनों खिलाड़ी रन बनाने के साथ-साथ डिफेंस करने में भी काबिल हैं, यही बात एक बल्लेबाज को टेस्ट क्रिकेट में सफल बनाती है.
देवदत्त पडिक्कल
चेतेश्वर पुजारा के जाने के बाद, नंबर 3 की अहम जगह खाली थी, और कई बल्लेबाजों को आजमाया गया. हालांकि, देवदत्त पडिक्कल ने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया है. पडिक्कल ने मौजूदा टेस्ट सीरीज़ की सिर्फ़ तीन पारियों में 328 रन बनाए हैं, जिसमें दो शानदार शतक शामिल हैं. उनके पास क्रीज़ पर टिके रहने का हुनर भी है. उन्होंने इस सीरीज़ में सबसे ज़्यादा गेंदें (498) खेली हैं, जिससे विरोधी गेंदबाज़ पूरी तरह थक गए हैं. उनका बैकफुट और फ्रंटफुट डिफेंस टीम के लिए आत्मविश्वास का ज़रिया बन गया है.
शुभमन गिल
विराट कोहली की जगह नंबर 4 पर आए कप्तान शुभमन गिल ने कमाल का धैर्य दिखाया है. गिल ने हालात के हिसाब से पारी बनाने और आक्रामकता और संयम के बीच संतुलन बनाने में महारत दिखाई है. इस सीरीज़ में अब तक 156 गेंदों का सामना कर चुके गिल ने दबाव में अहम पार्टनरशिप करके टीम की नींव मज़बूत की है.
ध्रुव जुरेल
विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने अपने परफॉर्मेंस से साबित कर दिया है कि ऋषभ पंत की मौजूदगी के बावजूद, वह एक बैट्समैन के तौर पर प्लेइंग XI में जगह पाने के पूरी तरह लायक हैं. जुरेल इस सीरीज़ में खेली गई गेंदों के मामले में भारत के दूसरे सबसे सफल बैट्समैन रहे हैं, उन्होंने अब तक 260 गेंदें खेली हैं. उनकी सॉलिड टेक्निक और प्रेशर में शांत रहना उन्हें एक भरोसेमंद मिडिल-ऑर्डर बैट्समैन बनाता है.