मोहम्मद शमी भले ही इस समय भारतीय सेलेक्टर्स की पहली पसंद नहीं हैं, लेकिन उन्होंने टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है. 35 साल के शमी लगातार घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और बंगाल के लिए अलग-अलग फॉर्मेट में खेलकर अपनी फिटनेस भी साबित कर रहे हैं. इसके बावजूद सेलेक्टर उन्हें टीम में शामिल करने को लेकर अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शमी विश्व कप 2027 में खेल पाएंगे.
हेड सेलेक्टर अजीत अगरकर ने हाल ही में कहा था कि शमी फिलहाल टी20 क्रिकेट खेलने के लिए ही पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं. इसी वजह से उन्हें श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली. हालांकि, भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजों की फिटनेस को लेकर लगातार चिंताएं सामने आ रही हैं. ऐसे में अनुभवी शमी की टीम में वापसी की मांग भी बढ़ रही है.
कोच ने बताया शमी का हाल
शमी के कोच बदरुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि तेज गेंदबाज का मनोबल काफी अच्छा है और वह अगले सीजन को लेकर पूरी तरह उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि शमी के अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी है. अगर देश को उनकी जरूरत पड़ती है और उन्हें दोबारा टीम में चुना जाता है, तो वह भारत के लिए खेलने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे. शमी ने आखिरी बार मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था.
2027 विश्व कप में काम आ सकता है अनुभव
बदरुद्दीन ने इंग्लैंड के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, इंग्लैंड की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के लिए मददगार थीं, लेकिन भारत की गेंदबाजी उतनी प्रभावी नहीं रही. उनका मानना है कि ऐसे समय में शमी का अनुभव टीम के काफी काम आ सकता था. दक्षिण अफ्रीका जैसी मुश्किल परिस्थितियों में गेंदबाजी करने के लिए अनुभव जरूरी होता है और 2027 वनडे विश्व कप को देखते हुए शमी भारत के लिए अहम साबित हो सकते हैं.