सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तानों में से एक रहे हैं. अपनी कप्तानी में उन्होंने भारतीय टीम में एक नया जोश भरा और विदेशों में जीत हासिल करना सिखाया. मैदान पर अपनी आक्रामकता और निडर अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले गांगुली ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ कई यादगार मुकाबलों में भारत की कमान संभाली.
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के मैदान पर हमेशा से कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है. मैदान की इस दुश्मनी का असर खिलाड़ियों की सोच पर भी पड़ता है. ऐसा ही एक दिलचस्प वाकया पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर सकलैन मुश्ताक ने सुनाया है. उन्होंने खुलासा किया कि वह एक समय भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से सख्त नफरत करते थे, लेकिन फिर ‘दादा’ के एक छोटे से कदम ने उनका दिल पूरी तरह बदल दिया.
‘गांगुली का चेहरा देखकर होती थी चिढ़’
सकलैन मुश्ताक ने एक इंटरव्यू में बताया था कि गांगुली को लेकर उनके मन में बहुत नकारात्मक छवि बनी हुई थी. हाल ही यह वीडियो एक बार फिर एक्स पर सामने आई है जिसमे वो कह रहे हैं, ‘मुझे सौरव गांगुली को देखना बिल्कुल पसंद नहीं था. मेरे दिमाग में उनकी छवि एक बेहद गुस्सैल और घमंडी इंसान की थी. उनका चेहरा देखकर मुझे चिढ़ होने लगी थी. इसी वजह से मैचों के बाद मैंने कभी उनसे ‘हाय-हेलो’ तक नहीं की.’
इंग्लैंड में हुई वो मुलाकात, जिसने बदल दिया नजरिया
बात उस समय की है जब सकलैन अपनी गंभीर चोट के कारण लगभग 8 महीने तक क्रिकेट से दूर रहे. ठीक होने के बाद उन्होंने ससेक्स काउंटी टीम जॉइन की. उसी दौरान भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर थी.
सकलैन ने उस लम्हे को याद करते हुए बताया, ‘मैं बालकनी में अकेला बैठा था, तभी सौरव गांगुली खुद मेरे पास आए. उनके हाथ में कॉफी के दो कप थे. उन्होंने एक कप मुझे थमाया और खुद दूसरा कप लेकर बैठ गए. उन्होंने बहुत आत्मीयता से मेरी चोट का हालचाल पूछा, यह जाना कि रिकवरी के दौरान मुझे क्या-कुछ सहना पड़ा और मेरी अच्छी सेहत की दुआ भी की.’
‘मुझे खुद पर शर्म महसूस हुई…’
गांगुली के इस बर्ताव ने पाकिस्तानी दिग्गज को झकझोर कर रख दिया. सकलैन ने कहा, ‘उनके जाने के बाद मुझे खुद पर बहुत शर्म महसूस हुई. मैं सोच में पड़ गया कि मैं इस इंसान के बारे में कितना गलत सोचता था. वह वैसे बिल्कुल नहीं थे, जैसा मैंने माना था. वह मुझसे सीनियर थे और भारतीय टीम के कप्तान भी थे, फिर भी वह खुद चलकर एक पाकिस्तानी खिलाड़ी का हाल पूछने आए थे.’
फिर सामने से जाकर मांगी माफी
इस घटना के बाद सकलैन के मन में गांगुली के लिए नफरत खत्म हो गई और इज्जत बढ़ गई. उसी साल जब दोनों खिलाड़ी एक इवेंट में दोबारा मिले, तो सकलैन खुद गांगुली के पास गए. उन्होंने दादा से कहा, “कृपया मुझे माफ कर दीजिए. मेरे मन में आपको लेकर बहुत गलत विचार थे.’