महिला एशिया कप में भारतीय टीम के हाथों पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की एकतरफा और शर्मनाक हार के बाद सोशल मीडिया पर माहौल गरमा गया. इस हार के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी का एक पुराना और विवादित बयान फिर से तेजी से वायरल हो रहा है. फैंस इस वीडियो को शेयर करके न सिर्फ अफरीदी बल्कि पूरी पाकिस्तानी महिला टीम को आड़े हाथों ले रहे हैं.
शाहिद अफरीदी का कौन-सा बयान हो रहा है वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह बयान शाहिद अफरीदी के एक पुराने इंटरव्यू का है, जो उन्होंने एआरवाई (ARY) न्यूज को दिया था. इंटरव्यू के दौरान जब पत्रकार ने अफरीदी से कराची में महिला क्रिकेट ट्रायल्स और लड़कियों के क्रिकेट खेलने पर सवाल पूछा, तो उन्होंने हंसते हुए एक विवादित जवाब दिया.
अफरीदी ने कहा था, ‘हमारी औरतों के हाथों में बहुत स्वाद होता है, वे बहुत अच्छा और स्वादिष्ट खाना बनाती हैं.’
उनके इस बयान का मतलब यही निकाला गया कि महिलाओं का काम क्रिकेट खेलना नहीं, बल्कि रसोई संभालना है. अब भारत के खिलाफ हार के बाद लोग इस क्लिप को दोबारा शेयर करते हुए कह रहे हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट की सोच आज भी वहीं अटकी हुई है.
Shahid Afridi on women’s cricket:
“Women make good food, they should stay in the kitchen.”
Meanwhile, Pakistani women cricketers are proving that Shahid Afridi was absolutely right. 😭😂 pic.twitter.com/jBFMBrdbzF
— Shadow IND (@ShadowIND_IN) September 6, 2026
बवाल मचने के बाद अफरीदी ने दी थी सफाई
चौतरफा घिरने और सोशल मीडिया पर भारी फजीहत होने के बाद शाहिद अफरीदी को अपनी सफाई पेश करनी पड़ी थी. उन्होंने अपने बचाव में कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और केवल आधी क्लिप दिखाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. अफरीदी ने दावा किया कि वे हमेशा महिला क्रिकेट के समर्थक रहे हैं और उन्होंने कई महिला खिलाड़ियों को स्पॉन्सरशिप दिलाने में मदद भी की है.
सोशल मीडिया पर फैंस और पूर्व खिलाड़ियों का गुस्सा
शाहिद अफरीदी का यह बयान दोबारा सामने आने के बाद ‘X’ (ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लोग उन पर जमकर निशाना साध रहे हैं. क्रिकेट फैंस का कहना है कि यह सोच लैंगिक भेदभाव और पुरानी मानसिकता को दर्शाती है.
कई लोगों ने तुलना करते हुए लिखा कि एक तरफ जहां भारतीय महिला टीम दुनिया भर में देश का नाम रोशन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के बड़े-बड़े खिलाड़ी आज भी महिलाओं को रसोई तक सीमित रखने की बात सोचते हैं.