Shubman Gill 27th Birthday: भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल आज 27 साल के हो गए हैं. उनका जन्म 8 सितंबर 1999 को पंजाब के फाजिल्का में हुआ था. उन्होंने जनवरी 2019 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे मैच से अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. अब तक, उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर में 7,000 से ज़्यादा रन बनाए हैं और 32 शतक जड़े हैं. उनके जन्मदिन के मौके पर, आइए उनके करियर के 5 ऐसे रिकॉर्ड्स पर नजर डालते हैं जिन्हें तोड़ना मुश्किल नजर आता है.
शुभमन गिल के 5 अटूट रिकॉर्ड
- 38 पारियों में 2000 वनडे रन का वर्ल्ड रिकॉर्ड: शुभमन गिल ने महज 38 पारियों में 2000 वनडे रन पूरे करके दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज हाशिम अमला (40 पारियां) का सालों पुराना विश्व रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया. वनडे क्रिकेट के 50 से अधिक सालों के इतिहास में इतनी तेजी से इस आंकड़े तक कोई नहीं पहुंच सका है.
- 23 साल की उम्र में वनडे दोहरा शतक (208 रन): हैदराबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई 208 रनों की ऐतिहासिक पारी के साथ गिल वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज (23 साल 132 दिन) बने. कम उम्र में इतनी बड़ी और परिपक्व पारी खेलना एक ऐसा कारनामा है जो युवाओं के लिए पार करना बेहद कठिन है.
- एक ही टेस्ट में 269 और 161 रन: एडजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ एक ही टेस्ट मैच की पहली पारी में 269 रन और दूसरी पारी में 161 रन बनाकर गिल ने इतिहास रच दिया. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली पारी में 250+ और दूसरी पारी में 150+ रन बनाने वाले वह दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं.
- 62 पारियों में 3000 वनडे रन की तूफानी रफ्तार: गिल ने सिर्फ 62 वनडे पारियों में अपने 3000 रन पूरे किए. आधुनिक क्रिकेट में जब गेंदबाजों की रणनीतियां बेहद सटीक हो चुकी हैं, तब इतने कम समय में यह निरंतरता कायम रखना इस रिकॉर्ड को अटूट बनाता है.
- बतौर भारतीय कप्तान एक टेस्ट सीरीज में 754 रन: इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ एक ही टेस्ट सीरीज में बतौर कप्तान 754 रन बनाना नेतृत्व और बल्लेबाजी का बेजोड़ उदाहरण है. भारतीय टेस्ट इतिहास में किसी भी कप्तान द्वारा एक सीरीज में बनाया गया यह सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है, जिसे दोहराना किसी भी कप्तान के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होगी.
शुभमन गिल ने जिस तरह बेहद कम समय में कंसिस्टेंसी और आक्रामकता से खेला है, वह उन्हें अपनी जेनरेशन के सबसे खास और घातक बल्लेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया है. बड़ी पारियां खेलने की भूख, दबाव में संयम और दुनिया के हर कोने में रन बनाने की काबिलियत ही उन्हें मौजूदा दौर का सबसे भरोसेमंद रन-मशीन बनाती है. आंकड़े गवाह हैं कि वह सिर्फ रिकॉर्ड बना ही नहीं रहे, बल्कि बल्लेबाजी के नए मानक तय कर रहे हैं.