अजीत अगरकर का भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता के पद से हटना अब लगभग तय माना जा रहा है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उनकी जगह नया अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. कई पूर्व दिग्गजों के नाम इस रेस में आगे चल रहे हैं. लेकिन अगला मुख्य चयनकर्ता चुनने से पहले पूर्व महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने नए आने वाले अध्यक्ष को एक खास सलाह और चेतावनी दी है.
नए मुख्य चयनकर्ता की सबसे पहली बड़ी जिम्मेदारी न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम का चयन करना होगी. इस दौरे पर भारत को 5 टी20, 3 वनडे और 2 टेस्ट मैच खेलने हैं.
‘तारीफें भूल जाते हैं लोग, एक गलती पर निशाना साधते हैं’
1983 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे सुनील गावस्कर ने अपने कॉलम में लिखा कि चयन समिति का अध्यक्ष बनना एक बड़ा सम्मान जरूर है, लेकिन इसके साथ ही काफी मुश्किलें भी आती हैं. गावस्कर के मुताबिक, “यह एक ऐसा पद है जहाँ आप कितनी भी अच्छाइयाँ कर लें, लोग उन्हें आसानी से भूल जाते हैं. लेकिन अगर आपसे एक भी छोटी सी गलती हो जाए, तो उसी को बार-बार उछाला जाता है और उस पर चर्चा शुरू हो जाती है.”
अंदर के लोग ही पैदा करते हैं परेशानी!
गावस्कर ने यह भी खुलासा किया कि कई बार फैसले केवल अध्यक्ष के अकेले के नहीं होते. उन्होंने लिखा, “लोग अक्सर यह नहीं समझते कि कई बार टीम चयन के फैसले बाकी चयनकर्ताओं के दबाव में लिए जाते हैं. लेकिन क्योंकि मीडिया का सामना अध्यक्ष को ही करना पड़ता है, इसलिए सारा गुस्सा और आलोचना उसी पर आती है. असली गड़बड़ी बाकी चयनकर्ता करते हैं, लेकिन गाज हमेशा अध्यक्ष पर ही गिरती है.”
अजीत अगरकर का शानदार कार्यकाल
अजीत अगरकर ने साल 2023 में चयन समिति के अध्यक्ष का पद संभाला था. उनके कार्यकाल में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा:
- 2023 में वनडे विश्व कप का फाइनल खेला.
- 2024 और 2026 में टी20 विश्व कप का खिताब जीता.
- 2026 में चैंपियंस ट्रॉफी भी अपने नाम की.
‘अंत में सिर्फ कमियाँ ही याद रखी जाएँगी’
गावस्कर का मानना है कि नया चयनकर्ता कितना भी बड़ा या लोकप्रिय खिलाड़ी क्यों न रहा हो, जब उसका कार्यकाल खत्म होगा तो लोग उसकी उपलब्धियों से ज्यादा उसकी कथित गलतियों को ही याद रखेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि BCCI अगले महीने नए मुख्य चयनकर्ता के नाम का आधिकारिक ऐलान कर देगा.