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Home > क्रिकेट > Vijay Yadav: विराट कोहली को मानता है गुरु, दोनों हाथों से करता है गेंदबाजी! UP T20 League में छा गया गोरखपुर का यह लाल

Vijay Yadav: विराट कोहली को मानता है गुरु, दोनों हाथों से करता है गेंदबाजी! UP T20 League में छा गया गोरखपुर का यह लाल

UP T20 League में दोनों हाथों से गेंदबाजी कर तहलका मचा रहे हैं 24 साल के विजय यादव. जानिए कैसे 2011 वर्ल्ड कप से मिली प्रेरणा ने गोरखपुर के इस युवा स्पिनर को IPL की चौखट तक पहुंचा दिया.

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Last Updated: August 20, 2026 00:03:57 IST

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आधुनिक क्रिकेट में किसी गेंदबाज को एक ही ओवर में हाथ बदलकर (दोनों हाथों से) गेंदबाजी करते देखना काफी दुर्लभ है. हालांकि, 24 साल के स्पिनर विजय यादव यूपी टी20 लीग 2026 में इस अनोखे हुनर को एक आम नजारा बना रहे हैं.

दोनों हाथों से स्पिन गेंदबाजी करने की अद्भुत क्षमता रखने वाले विजय यादव ने हाल ही में एक शानदार मैच जिताऊ प्रदर्शन किया. डिफेंडिंग चैंपियन काशी रुद्रास (Kashi Rudras) की तरफ से खेलते हुए उन्होंने अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी गौर गोरखपुर लायंस (Gaur Gorakhpur Lions) के खिलाफ दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और टीम को जीत दिलाई. IANS को दिए एक खास इंटरव्यू में विजय यादव ने अपनी इस अनोखी प्रतिभा और क्रिकेट सफर से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए.

2026 ऑक्शन में 5.2 लाख रुपये में बिके

विजय यादव का यूपी टी20 लीग में सफर 2024 सीजन में शुरू हुआ था, जब एक स्थानीय प्रतिभा के रूप में उन्हें स्काउट किया गया था. शुरुआती दो साल तक वह गौर गोरखपुर लायंस के लिए खेले. इसके बाद 2026 के ऑक्शन में काशी रुद्रास ने उन्हें ₹5.2 लाख में अपनी टीम में शामिल किया. हालांकि, विजय के लिए यह कीमत सिर्फ एक शुरुआत थी, न कि ध्यान भटकाने वाली चीज.

अपनी ऑक्शन की कीमत पर विजय यादव ने कहा, ‘मैंने इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचा. मेरे लिए बस इतना है कि आप क्रिकेट में जो भी मेहनत करते हैं, भगवान उसका फल जरूर देता है. ज्यादातर पैसे उपकरणों पर ही खर्च हुए.’

2011 विश्व कप जीत से मिली प्रेरणा

गोरखपुर के रहने वाले विजय यादव के पिता पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और मां गृहिणी हैं. ऐसे परिवार में खेल को करियर चुनना स्वाभाविक रास्ता नहीं था.

अपनी शुरुआत को याद करते हुए विजय ने बताया, ‘मैं गोरखपुर से हूं. मेरे पापा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और मम्मी होममेकर हैं. मैंने 2012 में क्रिकेट खेलना शुरू किया था, जब भारत ने 2011 में वर्ल्ड कप जीता था. उससे मुझे काफी प्रेरणा मिली और लगा कि मुझे भी देश के लिए कुछ अच्छा करना चाहिए.’

इस प्रेरणा के बाद उन्होंने कड़ी मेहनत की. विजय ने यूपीसीए (UPCA) के लिए अंडर-19 और अंडर-23 घरेलू टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया. इस दौरान उनके दोनों हाथों से गेंदबाजी करने के दुर्लभ हुनर ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा. हालांकि, दोनों हाथों से गेंदबाजी करने की कला उन्होंने किसी शौक में नहीं, बल्कि जरूरत के हिसाब से सीखी.

दोनों हाथों से गेंदबाजी क्यों शुरू की?

अपनी इस कला के बारे में बात करते हुए विजय ने कहा, ‘शुरुआत से ही मेरा बायां हाथ थोड़ा काम करता था. दाएं हाथ के बल्लेबाज, दाएं हाथ के गेंदबाजों पर ज्यादा अटैक करते हैं, इसलिए उन्हें गेंदबाजी करने में थोड़ी परेशानी होती थी. इसके बाद मैंने बाएं हाथ से गेंदबाजी शुरू की और उस पर काफी मेहनत की. अभ्यास के साथ मुझे इस पर बेहतर नियंत्रण मिल गया.’

टीवी पर भले ही यह सब बहुत आसान दिखता हो, लेकिन विजय का मानना है कि इसके पीछे की शारीरिक मेहनत को लोग अक्सर नहीं समझ पाते. उन्होंने कहा, ‘दोनों हाथों से गेंदबाजी करना आसान नहीं है. लोगों को लगता है कि यह बहुत आसान है, लेकिन मुझे दोनों हाथों से बराबर अभ्यास करना पड़ता है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे शुरुआती दिनों में कोचों ने मेरा बहुत साथ दिया क्योंकि मैं अच्छा प्रदर्शन कर रहा था. अगर मुझे और आगे जाना है, तो मुझे पता है कि कड़ी मेहनत जारी रखनी होगी.’

निचले क्रम में करते हैं आक्रामक बल्लेबाजी

विजय यादव अपनी मिस्ट्री स्पिन के अलावा निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर लेते हैं. हालांकि, बल्लेबाजी करते समय वह कोई नया प्रयोग करने के बजाय पारंपरिक शैली ही अपनाते हैं.

उन्होंने बताया, ‘मैं केवल दाएं हाथ से बल्लेबाजी करता हूं. मैं निचले क्रम का बल्लेबाज हूं, इसलिए मेरा ध्यान छक्के लगाने पर रहता है. मुझे कम गेंदे खेलने को मिलती हैं, इसलिए मेरी कोशिश रहती है कि कम गेंदों में बड़ा असर छोड़ सकूं.’

विराट कोहली हैं आदर्श

अपने खेल और सोच के बारे में बात करते हुए विजय यादव ने बताया कि वह किस खिलाड़ी को अपना रोल मॉडल मानते हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरे आइडल जाहिर तौर पर विराट कोहली हैं. वही मेरी प्रेरणा हैं. उन्हें देखकर लगता है कि उनके अंदर क्रिकेट को लेकर कितना जुनून है. उनका मोटिवेशन, समर्पण और एग्रेशन मुझे बहुत पसंद है.’

IPL टीमों की नजरों में आए विजय यादव

यूपी टी20 लीग में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर 24 साल के विजय यादव अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दरवाजे खटखटा रहे हैं. इस राज्य स्तरीय टी20 टूर्नामेंट से मिले एक्सपोजर ने उन्हें देश की बड़ी फ्रेंचाइजी टीमों की नजरों में ला दिया है.

यूपी टी20 लीग के मंच को लेकर विजय ने कहा, ‘यह बहुत बड़ा प्लेटफॉर्म है और मुझे यहां अच्छा मौका मिला है. मैं मुंबई इंडियंस (MI) के लिए ट्रायल दे चुका हूं. पिछले साल सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने भी मुझे ट्रायल के लिए बुलाया था.’

काशी रुद्रास के लिए अपनी मिस्ट्री गेंदबाजी से बल्लेबाजों को चकमा देने वाले विजय यादव यूपी टी20 लीग के सीजन 4 की सबसे चर्चित कहानियों में से एक बन चुके हैं, एक छोटे शहर का लड़का, जो अपने अनोखे हुनर के दम पर बड़े क्रिकेट जगत में अपनी जगह बना रहा है.

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आधुनिक क्रिकेट में किसी गेंदबाज को एक ही ओवर में हाथ बदलकर (दोनों हाथों से) गेंदबाजी करते देखना काफी दुर्लभ है. हालांकि, 24 साल के स्पिनर विजय यादव यूपी टी20 लीग 2026 में इस अनोखे हुनर को एक आम नजारा बना रहे हैं.

दोनों हाथों से स्पिन गेंदबाजी करने की अद्भुत क्षमता रखने वाले विजय यादव ने हाल ही में एक शानदार मैच जिताऊ प्रदर्शन किया. डिफेंडिंग चैंपियन काशी रुद्रास (Kashi Rudras) की तरफ से खेलते हुए उन्होंने अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी गौर गोरखपुर लायंस (Gaur Gorakhpur Lions) के खिलाफ दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और टीम को जीत दिलाई. IANS को दिए एक खास इंटरव्यू में विजय यादव ने अपनी इस अनोखी प्रतिभा और क्रिकेट सफर से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए.

2026 ऑक्शन में 5.2 लाख रुपये में बिके

विजय यादव का यूपी टी20 लीग में सफर 2024 सीजन में शुरू हुआ था, जब एक स्थानीय प्रतिभा के रूप में उन्हें स्काउट किया गया था. शुरुआती दो साल तक वह गौर गोरखपुर लायंस के लिए खेले. इसके बाद 2026 के ऑक्शन में काशी रुद्रास ने उन्हें ₹5.2 लाख में अपनी टीम में शामिल किया. हालांकि, विजय के लिए यह कीमत सिर्फ एक शुरुआत थी, न कि ध्यान भटकाने वाली चीज.

अपनी ऑक्शन की कीमत पर विजय यादव ने कहा, ‘मैंने इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचा. मेरे लिए बस इतना है कि आप क्रिकेट में जो भी मेहनत करते हैं, भगवान उसका फल जरूर देता है. ज्यादातर पैसे उपकरणों पर ही खर्च हुए.’

2011 विश्व कप जीत से मिली प्रेरणा

गोरखपुर के रहने वाले विजय यादव के पिता पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और मां गृहिणी हैं. ऐसे परिवार में खेल को करियर चुनना स्वाभाविक रास्ता नहीं था.

अपनी शुरुआत को याद करते हुए विजय ने बताया, ‘मैं गोरखपुर से हूं. मेरे पापा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और मम्मी होममेकर हैं. मैंने 2012 में क्रिकेट खेलना शुरू किया था, जब भारत ने 2011 में वर्ल्ड कप जीता था. उससे मुझे काफी प्रेरणा मिली और लगा कि मुझे भी देश के लिए कुछ अच्छा करना चाहिए.’

इस प्रेरणा के बाद उन्होंने कड़ी मेहनत की. विजय ने यूपीसीए (UPCA) के लिए अंडर-19 और अंडर-23 घरेलू टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया. इस दौरान उनके दोनों हाथों से गेंदबाजी करने के दुर्लभ हुनर ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा. हालांकि, दोनों हाथों से गेंदबाजी करने की कला उन्होंने किसी शौक में नहीं, बल्कि जरूरत के हिसाब से सीखी.

दोनों हाथों से गेंदबाजी क्यों शुरू की?

अपनी इस कला के बारे में बात करते हुए विजय ने कहा, ‘शुरुआत से ही मेरा बायां हाथ थोड़ा काम करता था. दाएं हाथ के बल्लेबाज, दाएं हाथ के गेंदबाजों पर ज्यादा अटैक करते हैं, इसलिए उन्हें गेंदबाजी करने में थोड़ी परेशानी होती थी. इसके बाद मैंने बाएं हाथ से गेंदबाजी शुरू की और उस पर काफी मेहनत की. अभ्यास के साथ मुझे इस पर बेहतर नियंत्रण मिल गया.’

टीवी पर भले ही यह सब बहुत आसान दिखता हो, लेकिन विजय का मानना है कि इसके पीछे की शारीरिक मेहनत को लोग अक्सर नहीं समझ पाते. उन्होंने कहा, ‘दोनों हाथों से गेंदबाजी करना आसान नहीं है. लोगों को लगता है कि यह बहुत आसान है, लेकिन मुझे दोनों हाथों से बराबर अभ्यास करना पड़ता है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे शुरुआती दिनों में कोचों ने मेरा बहुत साथ दिया क्योंकि मैं अच्छा प्रदर्शन कर रहा था. अगर मुझे और आगे जाना है, तो मुझे पता है कि कड़ी मेहनत जारी रखनी होगी.’

निचले क्रम में करते हैं आक्रामक बल्लेबाजी

विजय यादव अपनी मिस्ट्री स्पिन के अलावा निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर लेते हैं. हालांकि, बल्लेबाजी करते समय वह कोई नया प्रयोग करने के बजाय पारंपरिक शैली ही अपनाते हैं.

उन्होंने बताया, ‘मैं केवल दाएं हाथ से बल्लेबाजी करता हूं. मैं निचले क्रम का बल्लेबाज हूं, इसलिए मेरा ध्यान छक्के लगाने पर रहता है. मुझे कम गेंदे खेलने को मिलती हैं, इसलिए मेरी कोशिश रहती है कि कम गेंदों में बड़ा असर छोड़ सकूं.’

विराट कोहली हैं आदर्श

अपने खेल और सोच के बारे में बात करते हुए विजय यादव ने बताया कि वह किस खिलाड़ी को अपना रोल मॉडल मानते हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरे आइडल जाहिर तौर पर विराट कोहली हैं. वही मेरी प्रेरणा हैं. उन्हें देखकर लगता है कि उनके अंदर क्रिकेट को लेकर कितना जुनून है. उनका मोटिवेशन, समर्पण और एग्रेशन मुझे बहुत पसंद है.’

IPL टीमों की नजरों में आए विजय यादव

यूपी टी20 लीग में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर 24 साल के विजय यादव अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दरवाजे खटखटा रहे हैं. इस राज्य स्तरीय टी20 टूर्नामेंट से मिले एक्सपोजर ने उन्हें देश की बड़ी फ्रेंचाइजी टीमों की नजरों में ला दिया है.

यूपी टी20 लीग के मंच को लेकर विजय ने कहा, ‘यह बहुत बड़ा प्लेटफॉर्म है और मुझे यहां अच्छा मौका मिला है. मैं मुंबई इंडियंस (MI) के लिए ट्रायल दे चुका हूं. पिछले साल सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने भी मुझे ट्रायल के लिए बुलाया था.’

काशी रुद्रास के लिए अपनी मिस्ट्री गेंदबाजी से बल्लेबाजों को चकमा देने वाले विजय यादव यूपी टी20 लीग के सीजन 4 की सबसे चर्चित कहानियों में से एक बन चुके हैं, एक छोटे शहर का लड़का, जो अपने अनोखे हुनर के दम पर बड़े क्रिकेट जगत में अपनी जगह बना रहा है.

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